शैंपू और कंडीशन नहीं इस बीमारी की वजह से सफेद हो सकते हैं बाल, आज ही करवा लें ये टेस्ट

Kya Thyroid ke karan Bal Safed Hote hain : कम उम्र में बालों के सफेद होने के प्रमुख कारणों में थायराइड हार्मोन का असंतुलन भी शामिल है।

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : February 19, 2026 8:52 AM IST

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Medically Verified By: Dr Rashmi RasiDatta

Why does thyroid cause graying of hair Causes diagnosis and prevention : अगर आपके बाल कम उम्र में ही सफेद हो रहे हैं, तो इसके पीछे आपका शैंपू, कंडीशन या खानपान नहीं बल्कि थायराइड जैसी बीमारी जिम्मेदार (Kya Thyroid ke karan Bal Safed Hote hain) है। एजिलस डायग्नोस्टिक्स की कंसल्टेंट बायोकेमिस्ट और सेक्शन हेड डॉ. रश्मि राशिदत्ता के अनुसार, आजकल कम उम्र के लोगों में बाल सफेद होने की समस्या थायराइड हार्मोन के असंतुलन के कारण हो रही है।

थायराइड के कारण बाल सफेद क्यों होते हैं?

मेलेनिन उत्पादन में कमी- डॉ. रश्मि के अनुसार, थायराइड हार्मोन असंतुलन होने पर शरीर में मेलेनिन बनाने वाली कोशिकाएं प्रभावित होती हैं। मेलेनिन के कारण भी बालों का रंग आता है। इसलिए जब मेलेनिन की कोशिकाएं प्रभावित होती हैं, तो बालों क रंग भी सफेद पड़ने लगता है।

बालों की जड़ों तक पोषण की कमी- थायराइड की समस्या में अक्सर लोगों का ब्लड फ्लो कम हो जाता है। इससे बालों के रंग का वितरण प्रभावित होता है। इससे न सिर्फ बालों का रंग सफेद होता है, बल्कि बाल कम उम्र में ही झड़ने और गिरने लगते हैं।

बालों की ग्रोथ रूकती है- थायराइड हार्मोन के असंतुलन के कारण स्कैल्प का ऑक्सीजन और बल्ड सर्कुलेशन भी धीमा होता है। इससे बालों के बढ़ने और गिरने के चक्र धीमा हो जाता है, जिससे नए उगने वाले बाल सफेद या पतले हो सकते हैं।

हाइपोथायरायडिज्म vs हाइपरथायरायडिज्म का बालों पर असर

डॉक्टर बताते हैं कि हाइपोथायरायडिज्म vs हाइपरथायरायडिज्म दोनों ही स्थितियों का बालों पर अलग-अलग असर होता है। आइए आगे जानते हैं इसके बारे में।

हाइपोथायरायडिज्म (थायराइड कम काम करना)

  • बाल रूखे और बेजान
  • बाल झड़ना
  • समय से पहले सफेद होना

हाइपरथायरायडिज्म (थायराइड ज्यादा कम करना)

  • बाल पतले होना
  • बालों की जड़ों का कमजोर होना
  • रंग फीका पड़ना

कैसे पहचानें कि बाल सफेद होने का कारण थायराइड है?

डॉक्टर बताते हैं कि यदि सफेद बालों के साथ नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें, तो आपको डॉक्टर की सलाह पर एक बार थायराइड टेस्ट जरूर करवाना चाहिए।

  • लगातार थकान
  • वजन अचानक बढ़ना या घटना
  • त्वचा का सूखना
  • बाल झड़ना
  • ठंड या गर्मी सहन न होना
  • अवसाद या चिड़चिड़ापन
  • पीरियड्स का सही तरीके से न होना

क्या थायराइड का इलाज करने से बाल फिर काले हो सकते हैं?

इस सवाल का जवाब देते हुए डॉक्टर कहते हैं कि हां, अगर थायराइड शुरुआती अवस्था में है, तो थायराइड संतुलन के बाद बालों का नेचुरल रंग कुछ हद तक वापस आ सकता है। लेकिन ध्यान रहे कि थायराइड का इलाज करवाने के बाद बालों का रंग दोबारा काला होगा या नहीं, यह पूरी तरह से मरीज की स्थिति, दवाओं की कंडीशन, खानपान और लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है।

Highlights

  • थायराइड के कारण कम उम्र में बाल सफेद होते हैं।
  • थायराइड की वजह से मेलनिन का उत्पादन कम होता है।
  • कम उम्र में बाल सफेद होने पर थायराइड टेस्ट जरूरी है।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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