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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : September 5, 2019 6:27 PM IST
सेल्युलाईट महिलाओं में क्यों होता है ?
महिलाओं के शरीर में जिस बात को सबसे ज्यादा ध्यान में रखा जाता है वह उनकी स्किन है. लेकिन एक गंभीर समस्या सेल्युलाईट की है जो ज्यादातर महिलाओं में ही होती है. महिलाओं में सेल्युलाईट (cellulite in women) को लेकर कई तरह के भ्रम भी लोगों में मौजूद हैं. अगर आप इंटरनेट पर सेल्युलाईट के कारण सर्च करेंगे तो अनगिनत सिद्धांत मिल जाएंगे. कुछ कारण तो ऐसे मिल जाएंगे जो आपको बताते हैं, कि यह खाने से सेल्युलाईट हो जाता है. लेकिन यह सच्चाई नहीं है. क्योंकि सेल्युलाईट की परेशानी महिलाओं में ही ज्यादा होती है. इसका मुख्य कारण भी है. हाल ही में आए एक शोध नें सेल्युलाईट के मुख्य कारण पर प्रकाश डाला है.
सेल्युलाईट को लेकर सबसे ज्यादा दावा यह किया जाता था कि एक्सरसाइज न करने से सेल्युलाईट होता है. कुछ लोग खराब आहार और विषाक्त पदार्थों के अधिक सेवन से सेल्युलाईट होने का कारण बताते थें. लेकिन इस शोध में इस बात को नकार दिया गया है. क्योंकि शोधकर्ताओं के अनुसार विषाक्त पदार्थ जैसे अल्कोहल या अन्य नशे वाले पदार्थ पुरुष ज्यादा करते हैं. लेकिन उनमें सेल्युलाईट की परेशानी कम ही होती है.
नये शोध में महिलाओं में सेल्युलाईट के कारण पर खोज हुयी है. शोधकर्ताओं के अनुसार महिलाओं में सेल्युलाईट का मुख्य कारण है कि महिलाओं के शरीर में बड़ी फैट कोशिकाएं होती हैं. महिलाओं के शरीर में बड़ी वसा कोशिकाओं का कारण महिला हार्मोन की वजह से होती हैं.
पुरुषों में महिलाओं की तुलना में छोटी वसा कोशिकाएं होती हैं. इसके अलावा पुरुषों की त्वचा के नीचे का फैट बहुत कम होता है. इसी कारण से पुरुषों में सेल्युलाईट की परेशानी नहीं होती है.
सभी महिलाओं में भी सेल्युलाईट की परेशानी नहीं होती है. महिलाओं में सेल्युलाईट तब होता है जब शरीर में फैट वाले लोब्यूल्स बढ़ने लगते हैं. इसके साथ शरीर में जब कोलेजन की मात्रा घटने लगती है तो त्वचा कि मजबूती कमजोर होती है, और स्किन के बाहरी भाग में फैट अर्थात सेल्युलाईट दिखने लगता है.
महिलाओं में बड़ी वसा कोशिकाएं उनके हार्मोन के कारण होती है. क्योंकि महिला को एक बच्चे को जन्म देने के लिए तैयार रहना होता है. बच्चे को गर्भ में पोषण देने के लिए शरीर कई जगह वसा को एकत्र करके रखता है. जैसे हिप्स और जांघों के पास, यह वसा बच्चे के पोषण में उपयोग आती है. इसके अलावा बच्चे के जन्म के बाद ब्रेस्ट फीडिग के लिए भी ऊर्जा की जरूरत होती है. जो ये एकत्र वसा से बनना आसान होता है.
इस शोध के अनुसार यह बात तो तय होती है कि अगर सेल्युलाईट की परेशानी से बचना है तो फैट पर नियंत्रण के साथ कोलेजन के लेवल को बढ़ाना होगा. शरीर में कोलेजन बढ़ाने के लिए हेल्दी डाइट की जरूरत होती है. कोलेजन लेवल बढ़ाने के लिए हरी सब्जियों के साथ, जामुन जैस फल और प्रोटीन डाइट लेनी चाहिए.
हेल्दी डाइट के साथ एक्सरसाइज हर किसी के लिए जरूरी है. बढ़ती उम्र भी कोलेजन के घटने का कारण होती है. ऐसे में शरीर को एक्टिव रख कर इसे आप नियमित कर सकते हैं.