
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Updated : May 6, 2026 12:59 PM IST
Medically Verified By: Shahnaz Husain
पीठ और कंधे के दाने
Garmiyo Mai Kandhe Par Dane Hone Ka Karan: गर्मियों में कितना भी नहा लें, लेकिन इस दौरान कंधों और पीठ पर दाने हो ही जाते हैं। इस बदलते मौसम में त्वचा से जुड़ी समस्याएं पैदा होना आम बात भले ही है, लेकिन इसे अनदेखा करना ठीक नहीं है। हम जानते हैं कि इसका उपाय करना आसान नहीं है, लेकिन केमिकल्स का इस्तेमाल करना भी लास्ट ऑप्शन नहीं है। जी हां, इसलिए हमने स्किन और हेयर एक्सपर्ट शहनाज हुसैन से बात की, क्योंकि वह हर्बल सामग्री का इस्तेमाल करने की सलाह देती हैं और नेचुरल नुस्खे भी बताती है।
वह बताती हैं कि ‘आयुर्वेद प्राकृतिक उपाय देता है जो समस्या का जड़ से उपचार करते हैं। इसके अलावा, प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग करने से किसी भी नुकसान या साइड इफेक्ट से बचा जा सकता है और स्किन में बैक्टीरिया को पनपने से भी रोका जा सकता है।’ आइए अब हम एक्सपर्ट से ही जानते हैं कि गर्मियों में कंधे और पीठ पर दाने क्यों हो जाते हैं? और इनका इलाज क्या है।
एक्सपर्ट बताती हैं कि पीठ व कंधों पर दाने होने के कई कारण हैं, जिन्हें सही तरीके समझना और फिर उपचार करना बहुत जरूरी है। जैसे टाइट कपड़े पहना जो स्किन पर पसीना रोकता हैं और पोर्स को बंद कर एक्ने होने का कारण बनता है। वहीं कंधे पर बैग रखने से उस पार्ट में पसीना जमा हो जाता है और यह भी फोड़े होने का अहम कारण है। इसके अलावा और भी रीजन हैं जैसे-
हार्मोनल परिवर्तन- यह खासकर किशोरावस्था से गर्भावस्था और मासिक धर्म तक उम्र के बदलाव के दौरान होता है। यहां तक कि हाई स्ट्रेस लेवल भी सीबम प्रोडक्शन को बढ़ाता है, जो पोर्स को बंद करने के लिए जिम्मेदार होता है।
सफाई की कमी- अक्सर हम दिन में दो से तीन बार अपने चेहरे की सफाई करते हैं, लेकिन एक बार नहाने के बाद अपने शरीर को भूल जाते हैं। इसलिए आप नहाते समय अपने शरीर की अच्छे से सफाई करें। अगर दाने ज्यादा हैं तो एक्सपर्ट के सुझाए बॉडी वॉश या सोप का इस्तेमाल करें।
केमिकल का इस्तेमाल- कभी-कभी व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले स्किन व हेयर केयर प्रोडक्ट भी एक्ने पैदा कर सकते हैं। जैसे शैम्पू का नहाते समय कंधे व पीठ पर जाना।
शहनाज हुसैन बताती हैं कि ‘अगर आपको नियमित रूप से शरीर पर मुंहासे होते हैं, तो आप अपने लाइफस्टाइल में बदलाव करके इस समस्या को कंट्रोल कर सकते हैं और अपनी त्वचा को बेहतर बना सकते हैं। इसके लिए मैं निम्नलिखित सुझाव देता हूं कि-
Image Credit- ChatGPT
देखें आयुर्वेद सभी समस्याओं के लिए नेचुरल चीजों का इस्तेमाल करता है और परेशानी का जड़ से समाधान करता है। ये तत्व बैक्टीरिया को नष्ट करते हैं, इंफेक्शन को रोकते हैं और त्वचा को बिना नुकसान पहुंचाए उसकी नेचुरल सुंदरता को बनाए रखने का काम करते हैं। इसलिए शहनाज हुसैन ने पीठ और कंधों के इन दानो को ठीक करने के लिए असरदार आयुर्वेदिक उपाय बताए हैं।
पहला तरीका- मुंहासे वाली पीठ और कंधों के लिए नीम, तुलसी, केसर, हल्दी, चंदन या मंजिष्ठा जैसे नेचुरल इंग्रेडिएंट्स से बने हर्बल बॉडी क्लींजर और साबुन का उपयोग करना आपके लिए फायदेमंद साबित होगा।
दूसरा तरीका- पीठ के एक्ने कम करने के लिए आप घर पर बना एक्सफोलिएटर इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे बनाने के लिए आपको एक चम्मच त्रिफला पाउडर को धनिया पाउडर और शहद की कुछ बूंदों के साथ मिलाना है और इस्तेमाल करना है।
तीसरा तरीका- अपनी त्वचा को एलोवेरा और आंवला जैसे हर्बल मॉइस्चराइजर से नमी दें। यह त्वचा में नमी को लॉक करने में मदद करेगा।
चौथा तरीका- आप हल्दी, मंजिष्ठा और गोटू कोला पाउडर से बना हर्बल बॉडी पैक तैयार कर सकते हैं। यह पीठ और कंधों के मुंहासों के लिए सबसे अच्छा इलाज है, जिसे हफ्ते में दो बार इस्तेमाल किया जा सकता है।
पांचवा तरीका- गंभीर मुंहासों के लिए सबसे अच्छा और तुरंत असर करने वाला उपाय है मुल्तानी मिट्टी को गुलाब जल में मिलाकर लगाना। यह बहुत पुराना और सेफ नुस्खा है जो जल्दी फायदा पहुंचाता है।
डिस्क्लेमर- आयुर्वेद के ये उपाय पीठ और कंधों के मुंहासों को कम करने में बहुत असरदार हैं। इसके साथ ही ये त्वचा के प्राकृतिक स्वास्थ्य को भी वापस लाने में मदद करते हैं। लेकिन हर किसी का स्किन टाइप अलग-अलग होता है, इसलिए किसी अच्छे त्वचा विशेषज्ञ से मिलें और फिर उपचार चुनें।
पीठ पर दाने मुख्य रूप से पोर्स के में पसीना जमा होने और उनके बंद होने से होते हैं। साथ ही यह फेस पर ऑयल प्रोडक्शन और डेड स्किन सेल्स के जमा होने से होते हैं।
कंधे पर दाने मुख्य रूप से पसीना, रोमछिद्रों में तेल का जमाव, मृत त्वचा कोशिकाएं, और टाइट कपड़े या बैग के पट्टे के कारण होते हैं।
मुँहासे तब होते हैं जब त्वचा में मौजूद छोटे-छोटे छिद्र, जिन्हें बाल कूप कहा जाता है, अवरुद्ध हो जाते हैं।
अगर आपके चेहरे पर एक्टिव एक्ने हैं तो बर्फ का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। इससे त्वचा बढ़ सकती है।