दिवाली की रात दीए से क्यों बनाया जाता है काजल? जानिए काजल बनाने का तरीका और फायदे

Tradition of making Kajal on Diwali  : दिवाली की रात को मिट्टी के दिए से कुछ घरों में काजल भी बनाया जाता है। आइए आपको इसे बनाने का तरीका और काजल के फायदों के बारे में बताते हैं।

WrittenBy

Written By: Kishori Mishra | Published : October 19, 2025 11:29 AM IST

Why is kajal applied on Diwali : दिवाली खुशियों और चारों ओर फैलती रोशनी का त्यौहार है। भारत में लगभग हर कोई इस खास दिन को सेलेब्रेट करता है। मुख्य रूप से दिवाली के मौके पर लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है।  लोग तरह-तरह की विधि से मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं। वहीं, कई तरह की परंपराओं को निभाते हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ क्षेत्रों में इस दिन एक अलग तरह की परंपरा निभाई जाती है। यह कुछ और नहीं, बल्कि काजल बनाने की परंपरा है। जी हां, इस खास अवसर पर लोग मां लक्ष्मी के सामने जले दिए से काजल बनाते हैं, जिसका खास महत्व होता है। इस काजल को पूरे साल लोग अपने आंखों में लगाते हैं। आइए जानते हैं दीवाली की रात क्यों बनाई जाती है काजल और क्या हैं इसके फायदे-

क्यों दिवाली की रात बनाई जाती है काजल?

कहा जाता है कि दिवाली की रात बनाए गए काजल से घर की नजर और निगेटिविटी भी दूर होती है। यह काजल बनाने का एक बेहद ट्रेडिशनल तरीका होता है।

दीए से काजल बनाने का तरीका - How to Make Kajal at Home

दीए से काजल बनाना काफी आसान है। साथ ही यह काजल 100 प्रतिशत शुद्ध और आंखों के लिए बेहतरीन होती है। घर पर काजल बनाने के लिए सबसे पहले मिट्टी का एक बड़ा दिया लें। अब इस दिए को ऊपर तक सरसों के तेल से भर लें। ध्यान रहे कि तेल नीचे न गिरे। अब इसमें रूई की एक बड़ी बत्ती रखें, इस बत्ती में आप नीम के पत्ते पीसकर, 2 बादाम क पाउडर बनाकर भी रख सकते हैं, यह आंखों के लिए बेहद फायदेमंद होता है।

दिए को जलाने के बाद उसके ऊपर एक बड़ा कटोरा ढककर रख दें। ध्यान रहे कि बर्तन बत्ती को छू न पाएं, नहीं तो बत्ती बुझ जाएगी। जब दीपक की बत्ती खत्म हो जाए और उसके ऊपर रखा कटोरा ठंडा हो जाए, तो बर्तन पर जमी काली परत को अच्छे से खुरच लें। अब इस सूखे काजल को एक साफ डिब्बी में इकट्टी करें और इसमें आंखों में डालने वाले कैप्सूल मिलाएं और अच्छे से मिलाकर बंद कर दें। अब आपका काजल तैयार है।

काजल लगाने के फायदे

आंखों की हेल्थ - काजल लगाने के ढेर सारी फायदे होते हैं। दरअसल, घर पर नीम के पत्तों को डालकर बनाए गए काजल से आंखों में जमा गंदगी बाहर हो जाती है। साथ ही अगर आपकी आंखों में धुंधलापन छाया रहता है या फिर दिवाली पर पटाखों के धुएं से आंखों में जलन हो रही है, तो आप काजल को लगा सकते हैं। इससे आंखों की ये सभी परेशानियां दूर होती हैं।

नजर न लगने दे - काजल लगाने के धार्मिक महत्व भी माने जाते हैं। आपने अक्सर देखा होगा कि मांएं अपने छोटे बच्चों को माथे पर या पैर पर काजल का एक बड़ा सा टीका लगाती हैं। बड़े लोग कान के पीछे टीका लगाते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है कि ताकि बुरी नजर से बचा जा सके।

आंखों को संक्रमण से बचाए - घर पर नेचुरल तरीके से बनाए गए काजल को आंखों में लगाने से संक्रमण से बचने में भी मदद मिलती है, क्योंकि इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं

पारंपरिक महत्व - कई घरों में दिवाली की रात माता लक्ष्मी और गणेश भगवान की पूजा के बाद अपने घर और तिजोरी पर काजल लगाया जाता है, ताकि घर को और अपने धन को लोगों की बुरी नजर से बचाया जा सके।

Highlights

  • दीवाली के खास मौके पर कई घरों में काजल तैयार किया जाता है।
  • घर पर बने काजल को लगाने से आंखों का संक्रमण दूर किया जा सकता है।
  • काजल आंखों के लिए अच्छा माना जाता है।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source