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स्कैल्प में रूसी, इंफेक्शन और फोड़े क्यों होते हैं? डॉक्टर से जानें कारण और उपाय

क्या आपकी भी कभी स्कैल्प इंफेक्शन तो कभी रूसी से परेशान रहते हैं? ट्राइकोलॉजिस्ट डॉक्टर अक्षय बत्रा बताते हैं कि आप इसे इग्नोर न करें, क्योंकि यह कई बड़ी समस्याओं को पैदा कर सकता है।

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Written By: Vidya Sharma | Published : June 18, 2026 4:44 PM IST

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Medically Verified By: Dr Akshay Batra

कोई रूसी से परेशान है तो कोई स्कैल्प इंफेक्शन और फोड़ों से, लेकिन लोग तब इसपर ध्यान देते हैं जब यह समस्या बहुत ही अधिक हो जाती है। हालांकि खोपड़ी से जुड़ी ये समस्याएं बहुत ही बहुत ही ज्यादा आम हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है कि इसे अनदेखा किया जा सकता है। अगर इसका इलाज न किया जाए तो यह बालों की हेल्थ और उनकी क्वालिटी को प्रभावित कर सकती है।

लेकिन हमारी स्कैल्प पर रूसी, इंफेक्शन और फोड़े क्यों होते हैं? यह जानने के लिए हमने बात की डॉ. बत्राज़ हेल्थकेयर के वाइस-चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर ट्राइकोलॉजिस्ट डॉक्टर अक्षय बत्रा से बात की। उन्होंने बताया कि भारत में डैंड्रफ स्कैल्प से जुड़ी सबसे आम समस्याओं में से एक है। जिसके बाद उन्होंने 'CLEAR ग्लोबल स्कैल्प एनालिसिस सर्वे' द्वारा किए गए एक सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि 

“लगभग 70% भारतीयों को कभी न कभी डैंड्रफ की समस्या होती है और युवा इससे ज्यादा परेशान रहते हैं। कई लोगों को लगता है कि डैंड्रफ सिर्फ ड्राई स्कैल्प वालों को होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। ज्यादा तेल बनना, फंगस का बढ़ना, तनाव, खराब खान-पान की आदतें, हार्मोन में बदलाव और गलत हेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल भी स्कैल्प पर लगातार पपड़ी जमने और खुजली का कारण बन सकते हैं।” आइए डॉक्टर से इस विषय पर थोड़ा विस्तार से जानते हैं।

38% लोगों को होती है हेयर फॉल की समस्या

डॉक्टर ने 'CLEAR ग्लोबल स्कैल्प एनालिसिस सर्वे (2011)' में दिए गए आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि “इसी सर्वे में यह भी बताया गया है कि 38% से ज्यादा शहरी भारती बाल झड़ने की समस्या से परेशान हैं, जो अक्सर स्कैल्प की इंटरनेल हेल्थ और हार्मोन इनबैलेंस से जुड़ी होती है।”

स्कूल जाने वाले बच्चों में बढ़ रहा टीनिया कैपिटिस

डॉक्टर बत्रा बताते हैं कि “ये इन्फेक्शन बैक्टीरिया या फंगस के कारण हो सकते हैं और इनसे रेडनेस, खुजली, सूजन, पपड़ी जमना और बेचैनी हो सकती है। ऐसी ही एक स्थिति है 'टीनिया कैपिटिस', जिसे आमतौर पर स्कैल्प रिंगवर्म के नाम से जाना जाता है। यह फंगस से होने वाला और बहुत तेजी से फैलने वाला इन्फेक्शन है जो मुख्य रूप से स्कूल जाने वाले बच्चों को प्रभावित करता है। स्कैल्प पर सूजे हुए लाल धब्बे, सूखे, पपड़ीदार दाने, खुजली और बालों का झड़ना टीनिया कैपिटिस के लक्षण हैं।

स्कैल्प पर फोड़े-फुंसियां कब होते हैं?

जब हेयर फॉलिकल्स (बालों की जड़ें) में इन्फेक्शन हो जाता है, तो स्कैल्प पर दर्दनाक फोड़े-फुंसियां ​​भी हो सकती हैं। मवाद से भरे ये फोड़े, सूजन, बैक्टीरियल इन्फेक्शन,पसीना, तैलीय स्कैल्प स्किन, हेलमेट या सिर ढकने वाली चीजों से रगड़ लगने की वजह से हो सकते हैं। वहीं स्कैल्प की साफ-सफाई न रखना भी इसका एक कारण है।

स्कैल्प इन्फेक्शन होने का क्या कारण है?

एयर पॉल्यूशन से लेकर स्कैल्प को धूल, गंदगी और बारीक कणों (पार्टिकुलेट मैटर) के संपर्क में लाता है, जो हेयर फॉलिकल्स को बंद कर सकते हैं और त्वचा में जलन पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा, पोषक तत्वों की कमी, नींद का अनियमित पैटर्न और लंबे समय तक रहने वाला तनाव भी आम हो गया है और ये स्कैल्प की सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं। अगर आपको गंभीर स्कैल्प इन्फेक्शन या लगातार बाल झड़ने की समस्या परेशान कर रही है तो ऐसी स्थिति में त्वचा रोग विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।

हेल्दी स्कैल्प के लिए होम्योपैथिक तरीका

डॉक्टर अक्षय बत्रा बताते हैं कि होम्योपैथी स्कैल्प की समस्याओं के लिए एक होलिस्टिक अप्रोच अपनाती है, जिसमें सिर्फ बाहर के लक्षणों पर ध्यान देने के बजाय व्यक्ति की पूरी सेहत पर ध्यान दिया जाता है। फिर समस्या की प्रकृति के आधार पर, लगातार डैंड्रफ के लिए कुछ होम्योपैथिक दवाओं पर विचार किया जा सकता है। इसमें इलाज पूरी तरह से व्यक्ति-विशेष के अनुसार होता है, इसलिए होम्योपैथिक दवाएं हमेशा किसी योग्य डॉक्टर से ही लिखवानी चाहिए। साथ ही आप अपनी स्कैल्प को साफ रखें, हेल्दी डाइट लें, स्ट्रेस कम करें, साफ तौलिया और कंघी का इस्तेमाल करें।

डिस्क्लेमर: लगातार डैंड्रफ, बार-बार होने वाले इन्फेक्शन या बार-बार फोड़े होने की समस्या को कभी भी मामूली न समझें। समय पर जांच, स्कैल्प की सही देखभाल, बैलेंस डाइट, स्ट्रेस मैनेजमेंट और सही इलाज से स्कैल्प को हेल्दी रखने और लंबे समय में बालों की बेहतर ग्रोथ में मदद कर सकता है। कोई भी होम्योपैथिक दवा शुरू करने से पहले हमेशा किसी योग्य होम्योपैथ से सलाह लें।