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मानसून में क्यों बढ़ जाती है डैंड्रफ की समस्या? जानिए किन लोगों को रहता है सबसे ज्यादा खतरा

मानसून में कुछ लोगों को डैंड्रफ की परेशानी काफी ज्यादा होने लगती है। क्या आप इसके पीछे के कारणों को जानते है? अगर नहीं, तो इस लेख में हम आपको इनके कारणों के बारे में बताएंगे। आइए जानते हैं-

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Written By: Kishori Mishra | Published : June 29, 2026 2:17 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Sindhura Mandava

Dandruff During Monsoon : बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं यह मौसम बालों और स्कैल्प से जुड़ी कई समस्याओं को भी बढ़ा देता है। इनमें सबसे आम समस्या है डैंड्रफ। कई लोग नोटिस करते हैं कि मानसून शुरू होते ही सिर में खुजली बढ़ने लगती है, सफेद परतें कंधों पर गिरने लगती हैं और बाल पहले की तुलना में ज्यादा झड़ने लगते हैं। अक्सर लोग इसे सिर्फ गंदगी या स्कैल्प के सूखने से जोड़ते हैं, लेकिन वास्तविकता इससे कहीं अधिक जटिल है।

हैदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल की कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट और एस्थेटिशियन डॉ. सिंधुरा मंडावा का कहना है कि मानसून में बढ़ी हुई नमी, पसीना, स्कैल्प पर अधिक तेल का बनना और एक प्राकृतिक यीस्ट मैलाजसिजिआ की सक्रियता बढ़ने से डैंड्रफ की समस्या अधिक देखने को मिलती है। अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या सेबोरिक डर्मटाइटिस जैसी गंभीर स्थिति का रूप भी ले सकती है।

Sindhura

डैंड्रफ क्या है?

अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी (AAD) के अनुसार, डैंड्रफ कोई संक्रामक बीमारी नहीं है, बल्कि यह स्कैल्प की एक सामान्य स्थिति है, जिसमें सिर की स्किन की ऊपरी डेड सेल्स सामान्य से अधिक तेजी से झड़ने लगती हैं। यही कोशिकाएं सफेद या हल्के पीले रंग की परतों के रूप में बालों और कपड़ों पर दिखाई देती हैं। कुछ लोगों में यह समस्या सिर्फ हल्की फ्लेकिंग तक सीमित रहती है, जबकि कई लोगों में इसके साथ तेज खुजली, लालपन, जलन और अत्यधिक बाल झड़ने जैसी परेशानियां भी जुड़ जाती हैं।

मानसून में डैंड्रफ क्यों बढ़ जाती है?

मानसून में डैंड्रफ की परेशानी बढ़ने के पीछे कई वजह हो सकती  हैं, जैसे-

Dandruff in Monsoon

1. बढ़ी हुई नमी

मानसून के दौरान हवा में नमी का स्तर काफी बढ़ जाता है। यह वातावरण स्कैल्प पर मौजूद नैचुरल ऑयल को ज्यादा एक्टिव बना देता है। जब स्कैल्प अधिक ऑयली हो जाती है, तब मैलासेजिया नाम का यीस्ट तेजी से बढ़ने लगता है। यह यीस्ट लगभग हर व्यक्ति की त्वचा पर सामान्य रूप से मौजूद रहता है, लेकिन अधिक तेल और नमी मिलने पर इसकी संख्या बढ़ जाती है। इससे स्कैल्प में सूजन और फ्लेकिंग शुरू हो सकती है।

2. पसीना और गंदगी का जमना

मानसून में मौसम भले ही ठंडा लगे, लेकिन उमस के कारण सिर में काफी पसीना आता है। अगर यह पसीना लंबे समय तक स्कैल्प पर बना रहे, तो धूल जमा होने लगती है। इसके अलावा स्कैल्प में बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं, फंगल ग्रोथ को बढ़ावा मिलता है और डैंड्रफ की परेशानी काफी ज्यादा बढ़ सकती है।

3. गीले बाल लंबे समय तक रखना

कई लोग बारिश में भीगने के बाद बाल अच्छी तरह नहीं सुखाते हैं। ऐस में बालों में फंगस तेजी से बढ़ सकता है। साथ ही स्कैल्प में खुजली और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्किन एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। ध्यान रखें कि बाल धोने या बारिश में भीगने के बाद स्कैल्प को पूरी तरह सुखाना चाहिए।

4. बार-बार बारिश में भीगना

बारिश का पानी हमेशा साफ नहीं होता है। विशेषकर शहरों में इसमें धूल, प्रदूषण, मेटल के कण और अन्य प्रदूषक तत्व मौजूद होते हैं। अगर ऐसे पानी में बाल भीगने के बाद बालों को साफ न किया जाए, तो स्कैल्प पर जलन और डैंड्रफ दोनों बढ़ सकते हैं।

5. हेयर प्रोडक्ट्स का अधिक इस्तेमाल

मानसून में फ्रिजी बालों को संभालने के लिए लोग हेयर जेल, वैक्स, सीरम और स्प्रे का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। अगर इन्हें सही तरीके से साफ न किया जाए तो स्कैल्प पर प्रोडक्ट बिल्ड-अप बनने लगता है, जो डैंड्रफ को बढ़ावा दे सकता है।

मैलासेजिया क्या है और इसका डैंड्रफ से क्या कनेक्शन?

मैलासेजिया एक तरह का फंगस है, जो लगभग हर व्यक्ति की स्किन पर सामान्य रूप से मौजूद रहता है। यह स्कैल्प के सीबम को तोड़कर ओलिक एसिड बनाता है। कुछ लोगों की स्किन इस ओलिक एसिड के प्रति अधिक संवेदनशील होती है। ऐसे में स्कैल्प में सूजन, खुजली, स्किन के सेल्स का तेजी से झड़ना, डैंड्रफ जैसी परेशानी शुरू हो जाती है। यही कारण है कि हर व्यक्ति में मैलासेजिया होने के बावजूद सभी लोगों को डैंड्रफ नहीं होती।

किन लोगों को मानसून में ज्यादा खतरा रहता है?

Dandruff in Monsoon Dandruff in Monsoon (Image Credit : ChatGPT)

कुछ लोगों में डैंड्रफ होने की संभावना अधिक रहती है। ऐसे लोगों को मानसून के सीजन में अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आइए जानते हैं इस बारे में-

1. ऑयली स्कैल्प वाले लोग : जितना अधिक सीबम बनेगा, मैलासेजिया उतनी तेजी से बढ़ेगा।

2. टीनएज और युवा : युवावस्था में हार्मोनल बदलाव के कारण तेल ग्रंथियां अधिक सक्रिय रहती हैं।

3. अत्यधिक पसीना आने वाले लोग : जो लोग बाहर ज्यादा काम करते हैं या अधिक पसीना बहाते हैं, उनमें स्कैल्प अधिक समय तक नम रहती है।

4. कमजोर इम्यूनिटी : कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में सेबोरिक डर्मटाइटिस अधिक देखने को मिल सकती है।

5. तनाव :नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पाया गया है कि लंबे समय तक तनाव रहने से डैंड्रफ और स्कैल्प इंफ्लेमेशन बढ़ सकता है।

मानसून में डैंड्रफ के लक्षण?

डॉक्टर का कहना है कि हर व्यक्ति में लक्षण अलग हो सकते हैं। इसे सबसे सामान्य लक्षण हैं, जैसे-

  1. सफेद या पीले रंग की परतें
  2. सिर में खुजली
  3. स्कैल्प पर लालपन
  4. बालों का बेजान दिखना
  5. ऑयल स्कैल्प
  6. कंधों पर सफेद कण गिरना
  7. खुजलाने पर जलन
  8. स्कैल्प में सूजन
  9. मोटी पपड़ी
  10. बालों का ज्यादा झड़ना, इत्यादि।

अगर आपको इन में से 3 से 4 लक्षण लगातार दिख रहे हैं, तो फौरन अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

क्या डैंड्रफ और ड्राई स्कैल्प एक ही चीज हैं?

अक्सर लोग दोनों को एक जैसा समझ लेते हैं, जबकि ऐसा नहीं है।

डैंड्रफड्राई स्कैल्प
मैलासेजिया और सीबम के कारण डैंड्रफ होता है।
त्वचा में नमी की कमी कारण ड्राई स्कैल्प की परेशानी होती है।
फ्लेक्स बड़े और तैलीयफ्लेक्स छोटे और सूखे
खुजली ज्यादाखुजली हल्की
ऑयली स्कैल्परूखी स्कैल्प

यही सही कारण पहचाना न जाए तो उपचार भी प्रभावी नहीं होता।

क्या डैंड्रफ से बाल झड़ते हैं?

डैंड्रफ सीधे तौर पर बालों की जड़ों को नुकसान नहीं पहुंचाती, लेकिन यदि लंबे समय तक स्कैल्प में सूजन और खुजली बनी रहे, तो बार-बार खुजलाने से हेयर फॉलिकल्स प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा, सेबोरिक डर्मटाइटिस जैसी स्थिति में सूजन बढ़ने पर अस्थायी रूप से बाल झड़ने की समस्या भी बढ़ सकती है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि सही उपचार और स्कैल्प की देखभाल से अधिकांश मामलों में यह हेयर फॉल अस्थायी होता है और नियंत्रित किया जा सकता है।

मानसून में डैंड्रफ से बचने के लिए अपनाएं ये हेयर केयर रूटीन

मानसून में सिर्फ महंगे हेयर प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करना ही काफी नहीं है। सही हेयर केयर रूटीन अपनाने से भी डैंड्रफ को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

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1. स्कैल्प को साफ रखें

बारिश के मौसम में स्कैल्प पर पसीना, धूल और अतिरिक्त तेल जल्दी जमा हो जाता है। अगर इसे समय पर साफ न किया जाए, तो फंगल ग्रोथ बढ़ सकती है। डॉक्टर कहती हैं कि सप्ताह में 2 से 3 बार बाल धोने की सलाह देते हैं। यदि आपकी स्कैल्प बहुत ऑयली है या आप रोज बाहर निकलते हैं, तो जरूरत के अनुसार अधिक बार भी बाल धो सकते हैं।

2. सही एंटी-डैंड्रफ शैंपू चुनें

सभी एंटी-डैंड्रफ शैंपू एक जैसे नहीं होते। इनमें अलग-अलग सक्रिय तत्व (Active Ingredients) होते हैं। जिससे आपके बाल डैंड्रफ से सुरक्षित हो सकते हैं।

डैंड्रफ में क्या घरेलू नुस्खे होते हैं असरदार?

कुछ घरेलू उपाय हल्के मामलों में आराम दे सकते हैं, लेकिन इनके प्रभाव पर वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। इसलिए इन्हें इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। Swet in Scalp

एलोवेरा जेल : एलोवेरा में सूजन कम करने वाले गुण होते हैं। यह खुजली और जलन में कुछ राहत दे सकता है।

टी ट्री ऑयल : कुछ छोटे अध्ययनों में टी ट्री ऑयल से डैंड्रफ में सुधार देखा गया है। हालांकि, इसे कभी भी सीधे स्कैल्प पर न लगाएं। इसे किसी कैरियर ऑयल में मिलाकर ही उपयोग करें और पहले पैच टेस्ट करें।

नारियल तेल : अगर स्कैल्प बहुत रूखी है, तो सीमित मात्रा में नारियल तेल मदद कर सकता है। लेकिन ऑयली स्कैल्प वालों में यह हमेशा लाभदायक नहीं होता।

नींबू का रस   : नींबू लगाने की सलाह अक्सर दी जाती है, लेकिन वैज्ञानिक विशेषज्ञ इसे नियमित उपचार के रूप में नहीं सुझाते। सीधे नींबू का रस लगाने से स्कैल्प में जलन या एलर्जी हो सकती है।

Diclaiemr : मानसून में डैंड्रफ बढ़ना एक सामान्य लेकिन परेशान करने वाली समस्या है। इसकी मुख्य वजह स्कैल्प पर बढ़ी नमी, अतिरिक्त तेल और फंगस की अधिक सक्रियता होती है। अच्छी बात यह है कि सही हेयर केयर, नियमित सफाई, उचित एंटी-डैंड्रफ शैंपू और संतुलित जीवनशैली अपनाकर अधिकांश मामलों में इसे नियंत्रित किया जा सकता है।