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Skin Ko Hydrate Rakhne Ke Liye Kya Kare: हेल्दी स्किन पाने के लिए हाइड्रेशन बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। आपने देखा होगा कि जब भी हम डर्मेटोलॉजिस्ट से स्किन से जुड़ी किसी समस्या की बात करते हैं तो वह हाइड्रेशन को बहुत बड़ा कारण बताते हैं, क्योंकि इससे ही त्वचा की लोच, बनावट और जवान रूप निखर कर आता है। लेकिन समस्या तब आती है जब हम कंफ्यूज हो जाते हैं कि स्किन को हाइड्रेट करने के लिए क्या लगाया जाए,क्योंकि मार्केट में इतने प्रोडक्ट हैं कि कोई भी परेशान हो जाए।
इसलिए हमने सत्या स्किन एंड हेयर ट्रांसप्लांट क्लिनिक के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर शैल गुप्ता से बात की। जब हमने उनसे पूछा कि स्किन को हाइड्रेट रखने के लिए एलोवेरा का इस्तेमाल करना नहीं है या फिर ह्यलुरॉनिक एसिड का, तो उन्होंने बताया कि 'हालांकि हाइड्रेशन के लिए मॉइस्चराइजर अभी भी डेली यूज के लिए जरूरी हैं, लेकिन ह्यालुरोनिक एसिड और एलोवेरा दो ऐसे कम्पाउंड, जो क्लीनिकल और घरेलू स्किन केयर दोनों में सबसे विश्वसनीय हाइड्रेशन एजेंट बन गए हैं। दोनों अलग अलग बायोलॉजिकल तरीके से काम करते है।' आइए जानते हैं डॉक्टर ने और क्या जानकारी साझा की।
एलोवेरा सदियों से एक प्राकृतिक नमी प्रदान करने वाले तत्व के रूप में पॉपुलर है। इस पौधे के जेल में पॉलीसैकेराइड होते हैं। ये पॉलीसैकेराइड त्वचा पर एक पतली सुरक्षात्मक परत बनाते हैं, त्वचा की एपिडर्मिस में नमी को खींचते हैं, नमी को अंदर बनाए रखने में मदद करते हैं और साथ ही सूथिंग और एंटी इंफ्लेमेटरी लाभ और बैरियर सपोर्टिंग गुण प्रदान करते हैं।
विटामिन, अमीनो एसिड और एंजाइमों से भरपूर होने के कारण एलोवेरा त्वचा के बैरियर रिपेयर्स को बेहतर बनाता है। खासकर ड्राई या सेंसिटिव स्किन में यह ज्यादा बेहतर काम करता है। इसकी ठंडक इसे सनबर्न, लालिमा या इलाज के बाद होने वाली जलन से जूझ रहे मरीजों के लिए उपयुक्त बनाती है।
एक कॉस्मेटिक डर्मेटोलॉजी के अनुसार एलोवेरा त्वचा के परत में हाइड्रेशन को बेहतर करता है न कि यह डर्मल लेयर्स की गहराई में जाता है। यह मुख्य रूप से ऑयली या कॉम्बिनेशन स्किन वालों के लिए फायदेमंद है, जैसे कि जिन्हें हल्की, नॉन-कॉमेडोजेनिक नमी की आवश्यकता होती है उनके लिए एलोवेरा एक फायदेमंद विकल्प है। सेरामाइड्स या हल्के पेप्टाइड्स वाले फॉर्मूले में इस्तेमाल करने पर इसका अवशोषण बेहतर होता है और कोई त्वचा पर इसका कोई चिपचिपा अवशेष नहीं रहता है। यही संतुलन लेजर या एक्सफोलिएशन के बाद के इलाज में सूजन को कम करने के लिए कारगर होता है।
ह्यालुरोनिक एसिड (HA) एक ग्लाइकोसामिनोग्लाइकन है जो प्राकृतिक रूप से डर्मिस और एपिडर्मिस में मौजूद होता है, यह त्वचा के वॉल्यूम और हाइड्रेशन को बनाए रखने में एक स्ट्रक्चरल और फंक्शनल भूमिका निभाता है। प्रत्येक अणु अपने भार से 1,000 गुना तक पानी होल्ड करता है। ये पर्यावरण और गहरे टिश्यू से नमी को सतह पर खींचते है, जिससे टिश्यू कोमल बनते हैं और त्वचा का हाइड्रेशन बेहतर होता है। त्वचाविज्ञान इसे युवा और लचीली त्वचा पाने के एक प्रमुख घटक के रूप में उपयोगी मानता है।
एलोवेरा के विपरीत ह्यालुरोनिक एसिडकई स्तर पर अपना असर दिखाता है। टॉपिकल ट्रीटमेंट त्वचा की एपिडर्मिस की सबसे बाहरी परत को हाइड्रेट करते हैं, जबकि इंजेक्शन के रूप में जैसे कि नॉन-क्रॉस लिंक्ड ह्यालुरोनिक एसिड, आंतरिक जल के संतुलन को बेहतर करने और फाइन लाइंस को कम करने में मदद करते हैं।
क्लीनिक में प्रोफिलो जैसी बायो-रीमॉडलिंग प्रक्रियाएं इस बात का उदाहरण हैं कि कैसे शुद्ध ह्यालुरोनिक एसिड बिना वॉल्यूमाइजिंग फिलर्स के कोलेजन और इलास्टिन को बायोलॉजिकल रूप से उत्तेजित कर सकता है। यह तरीका चेहरे की आकृति को बदले बिना डिहाइड्रेटेड या परिपक्व त्वचा में प्राकृतिक चमक और दृढ़ बनावट को बढ़ावा देता है।
एलोवेरा से मिला हाइड्रेशन अक्सर अस्थायी होता है, लेकिन इससे तुरंत आराम मिलता है। यह उन लोगों के लिए अच्छा काम करता है जिनकी त्वचा का कार्य उनके शरीर को आधारभूत नमी के स्तर पर रखता है और जो ज्यादा ह्यूमिडिटी वाली जगहों पर रहते हैं। जहां घर के अंदर की कूलिंग सिस्टम और प्रदूषक त्वचा की जल सामग्री को कम कर देते हैं, वहीं ह्यालुरोनिक एसिड गहरा और लंबे समय तक चलने वाला हाइड्रेशन प्रदान करता है। इसलिए यह शहरी वातावरण के लिए एकदम सही हाइड्रेशन विकल्प है।
ह्यालुरोनिक-बेस्ड इलाज उन मरीजों के लिए ज्यादा लाभदायक है जिनकी त्वचा की अवरोधक क्षमता कमजोर हैं, या जिनमें त्वचा का रूखापन लगातार बना रहता है, या उम्र बढ़ने के लक्षण दिखाई देते हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट अक्सर इसे सौम्य एक्सफोलिएंट के साथ उपयोग करने या त्वचा में बराबर प्रवेश के लिए इसे ऑक्लूसिव लोशन के ऊपर लगाने की सलाह देते हैं। वहीं एलोवेरा संवेदनशील और मुंहासे-वाली त्वचा की देखभाल के लिए महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह प्राकृतिक तेल संतुलन को बिगाड़े बिना सूजन को कम करता है।
एस्थेटिक डर्मेटोलॉजी में हुई प्रगति ने टॉपिकल हाइड्रेशन और प्रोफेशनल रिजुवनेशन के बीच के अंतर को और भी कम कर दिया है। हार्मनी XL प्रो जैसी एनर्जी-बेस्ड सिस्टम का आमतौर पर त्वचा की पुनर्रचना और कोलेजन इंडक्शन के लिए उपयोग किया जाता है, ह्यालुरोनिक सीरम इन्फ्यूजन जैसे हाइड्रेटिंग उपचारों के साथ अच्छी तरह से इंटीग्रेट होती हैं। प्रक्रिया के बाद त्वचा को प्रभावी ढंग से ठीक होने और पुनर्निर्माण के लिए प्रभावी वॉटर रिटेंशन की जरूरत पड़ती है, जिससे एलो-आधारित जैल और ह्यालुरोनिक फॉर्मूलेशन दोनों ही रेस्टोरेटिव प्रोटोकॉल का हिस्सा बन जाते हैं।
क्लीनिकल प्रैक्टिस में डर्मेटोलॉजिस्ट मरीज की जरूरत के हिसाब से इन दोनों घटकों का उपयोग करते हैं। जलन की प्रवृत्ति वाले युवा मरीजों को एलोवेरा रिकवरी मास्क से सबसे अच्छा असर मिल सकता है, जबकि रेडियो फ्रीक्वेंसी या लेजर सेशन करवा चुके वयस्कों में अक्सर स्थायी चमक के लिए इंजेक्टेबल ह्यालुरोनिक बूस्टर ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।
ह्यालुरोनिक और एलोवेरा दोनों शरीर के हाइड्रेशन के लिए बेहतर काम करते हैं। हालांकि दोनों के प्रभाव का स्तर और समय अलग अलग होता है। एलोवेरा अपने बेहतरीन सतही सुखदायक और हल्के मॉइस्चराइजिंग गुणों के कारण रोज के मेंटेनेंस और इलाज के बाद राहत के लिए जरूरी होता है। ह्यालुरोनिक एसिड गहरा और लंबे समय तक नमी प्रदान करता है, जो एंटी-एजिंग प्रभाव को भी बढ़ावा देता है और आंतरिक कोमलता को फिर से स्थापित करता है।
प्रोफेशनल प्रैक्टिस ऑप्टिकल स्किनकेयर में अक्सर एलोवेरा और ह्यालुरोनिक दोनों शामिल होते हैं। संक्षेप में कहा जाए तो ह्यालुरोनिक एसिड का उपयोग त्वचा को पुनर्स्थापित करने के लिए और एलोवेरा का उपयोग आराम देने के लिए होता है। दोनों से संतुलित त्वचा प्राप्त होती है। इन दोनों के उपयोग से त्वचा बदलते मौसम और जीवन के हर स्टेज के साथ खूबसूरती से तालमेल बिठा लेती है।
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Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
स्किन को धोने के तुरंत बाद मॉइस्चराइज का इस्तेमाल करें।
त्वचा का निखार बढ़ाने के लिए आंवला जूस, धनिया का पानी, ग्रीन टी आदि का सेवन कर सकते हैं।
त्यौहारों में आप अपनी त्वचा को हाइड्रेट रखें और केमिकल के इस्तेमाल से बचें।
आप एलोवेरा जेल को चेहरे पर किसी भी समय लगा सकते हैं। लेकिन, सुबह या रात के समय एलोवेरा जेल लगाना फायदेमंद हो सकता है।