hamburger icon
A
Read in English

कौन-सा स्किन केयर एक्टिव इंग्रीडिएंट्स कब और कैसे इस्तेमाल करें? डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें

क्या आप भी उन्हें में से हैं तो कभी विटामिन सी सीरम का इस्तेमाल करते हैं और फिर असर न दिखने पर नियासीनेमाइड या हायलुरोनक एसिड का यूज करना शुरु कर देते हैं? अगर हां तो ये लेख खास आपके लिए है।

WrittenBy

Written By: Vidya Sharma | Updated : July 2, 2026 10:20 AM IST

WrittenBy

Medically Verified By: Dr. Dhwani Saxena

स्किनकेयर का साइंस अब सिर्फ मुंह धोने और स्किन को मॉइस्चराइज करने के पुराने तरीकों तक ही सीमित नहीं रह गया है, ब्लकि इससे कहीं गुना आगे बढ़ चुका है। आज स्किनकेयर, मुंहासे, हाइपरपिग्मेंटेशन, डिहाइड्रेशन, सेंसिटिव स्किन और एजिंग जैसी समस्याओं के लिए मार्केट में अलग-अलग एक्टिव इंग्रीडिएंट्स स्किनकेयर ट्रीटमेंट का हिस्सा बन गए हैं। लेकिन, बाजार में इतने सारे प्रोडक्ट्स मौजूद होने की वजह से लोगों के लिए अपनी स्किन के हिसाब से सही एक्टिव इंग्रीडिएंट्स चुनना थोड़ा मुश्किल हो गया है। कुछ महिलाएं तो विज्ञापनों की देखा-देखी में प्रोडक्ट ले लेती हैं और फिर पछताती हैं। क्योंकि जरूरी नहीं है कि एक व्यक्ति पर असर किया गया एक्टिव इंग्रीडिएंट दूसरे व्यक्ति पर भी वैसा ही असर करे या वैसा ही फायदा दे।

बता दें कि एक्टिव इंग्रीडिएंट्स ऐसे पदार्थ होते हैं, जिन पर अच्छी तरह से रिसर्च की गई है और जो स्किन को खास फायदे पहुंचाते हैं। रीजेंसी हेल्थ, कानपुर की अटेंडिंग कंसल्टेंट (डर्मेटोलॉजिस्ट) डॉक्टर ध्वनि सक्सेना बताती हैं कि सपोर्टिंग इंग्रीडिएंट्स के उलट, यह मुख्य रूप से स्किन फॉर्मूलेशन की असरदार क्षमता को बढ़ाते हैं, स्किन की कुछ खास समस्याओं को ठीक करने पर ध्यान देते हैं और त्वचा में साफ तौर पर बदलाव लाते हैं। आइए डॉक्टर ध्वनि सक्सेना से जानते हैं कि कौन से एक्टिव को कब और कैसे इस्तेमाल करना चाहिए?

अपनी स्किन के लिए ऐसे चुनें सही एक्टिव इंग्रीडिएंट्स

डॉक्टर बताती हैं कि हर किसी की स्किन के लिए स्किनकेयर भी अलग-अलग होता है। हमेशा इस बात की संभावना रहती है कि जो चीज एक व्यक्ति के लिए अच्छी हो, वह दूसरे के लिए ब्रेकआउट या बहुत ज्यादा रूखी स्किन का कारण बन सकती है। ऐसे में हमें अपनी स्किन के लिए सही एक्टिव इंग्रीडिएंट्स चुनने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। जैसे-

  1. अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो आपको ऐसे इंग्रीडिएंट्स ढूंढ़ने चाहिए जो पोर्स को रेगुलेट करने, चमक को कंट्रोल करने और ब्रेकआउट को रोकने में मदद करें।
  2. ड्राई स्किन के मामले में, ऐसे प्रोडक्ट्स चुनें जो स्किन को हाइड्रेट करने और नेचुरल बैरियर को बनाए रखने में मदद करें।
  3. कॉम्बिनेशन स्किन टाइप के लिए, आमतौर पर ऐसे प्रोडक्ट्स सबसे अच्छे नतीजे देते हैं जो हर तरह से फायदेमंद हों।
  4. जबकि सेंसिटिव स्किन के लिए स्किनकेयर में आमतौर पर हल्के और आराम देने वाले इंग्रीडिएंट्स शामिल होते हैं।

कौन से एक्टिव इंग्रीडिएंट्स हर स्किन टाइप के लिए असरदार होते हैं?

डॉक्टर बताती हैं कि स्किनकेयर ट्रीटमेंट हर व्यक्ति के हिसाब से अलग-अलग होने चाहिए, लेकिन कुछ ऐसे कंपोनेंट्स भी हैं जो हर तरह की स्किन के लिए सही या फायदेमंद साबित हो सकते हैं। जैसे-

1. नियासिनामाइड (Niacinamide)- कई डर्मेटोलॉजिस्ट नियासिनामाइड को रिकमेंड करता है, क्योंकि इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण, ऑयल-कंट्रोल, स्किन बैरियर को सपोर्ट करने और स्किन को ब्राइट बनाने की क्षमता होती है। क्योंकि यह स्किन समस्याएं अधिकतर लोगों को होती हैं, इसलिए नियासिनामाइड को हर स्किन टाइप के लिए असरदार माना जाता है। लेकिन काफी हद तक संभावना है कि कुछ लोगों को यह सूट न करे।

2. हायल्यूरोनिक एसिड (hyaluronic acid)- हायल्यूरोनिक एसिड एक कमाल का इंग्रीडिएंट है। ये स्किन की गहराई तक जाकर हाइड्रेट करता है और एंटी-एजिंग की तरह काम करता है। लेकिन कुछ सेंसिटिव स्किन वाले लोगों में यह ड्राईनेस, रेडनेस, जलन और छोटे-छोटे दाने या ब्रेकआउट्स जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।

3. सेरामाइड्स (Ceramides)- सेरामाइड्स त्वचा के लिए एक जरूरी इंग्रीडिएंट हैं जो स्किन बैरियर की मजबूती को बेहतर बनाते हैं, और इसलिए रूखी या ऑयली स्किन वाले लोगों के लिए फायदेमंद होते हैं।

4. पेप्टाइड्स (Peptides)- अगर आपकी त्वचा पर फाइन लाइंस या स्किन टेक्सचर खराब होने लगा है तो पेप्टाइड्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह कोलेजन बढ़ाता है, जिससे स्किन की इलास्टिसिटी मजबूत होती है और त्वचा कसी हुई नजर आती है।

5. एजेलिक एसिड (azelaic acid)- एजेलिक एसिड एक लाइट एक्टिव इंग्रीडिएंट है, जो मुंहासे, रेडनेस और हाइपरपिग्मेंटेशन को ठीक करने में फायदेमंद है। इसके अलावा यह रोसैसिया में राहत देने और त्वचा की बनावट को बेहतर बनाने में भी मदद करता है।

सुबह या रात: एक्टिव इंग्रीडिएंट्स कब लगाने चाहिए?

डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार एक्टिव इंग्रीडिएंट्स का असर देखने के लिए उन्हें सही समय पर लगाना भी चाहिए। यानी कि सुबह का समय विटामिन C, नियासिनामाइड, हयालूरोनिक एसिड, सेरामाइड्स, पेप्टाइड्स और एजेलिक एसिड जैसे स्किन-प्रोटेक्टिंग और एंटीऑक्सीडेंट इंग्रीडिएंट्स लगाने के लिए अच्छा होता है। ये इंग्रीडिएंट्स स्किन को नुकसानदायक चीजों से बचाते हैं और पूरे दिन हाइड्रेटेड रखते हैं।

नाइट स्किन केयर के लिए कौन से एक्टिव चुनें?

वहीं डॉक्टर नाइट स्किन केयर के बारे में बताते हुए कहती हैं कि "रात में ऐसे इंग्रीडिएंट्स लगाने की सलाह दी जाती है जो स्किन के नए सेल्स बनने (रीजनरेशन) और डेड स्किन हटाने (एक्सफोलिएशन) में मदद करते हैं। उदाहरण के लिए, रेटिनॉल, ग्लाइकोलिक एसिड, सैलिसिलिक एसिड और दूसरे एक्सफोलिएटिंग एसिड स्किन को धूप के प्रति ज्यादा सेंसिटिव बना सकते हैं, लेकिन रात में स्किन के नैचुरल रीजनरेशन प्रोसेस के साथ मिलकर अच्छा काम करते हैं।"

उम्र के हिसाब से कौन-सा एक्टिव चुनें और कैसे चुनें?

एक्सपर्ट बताती हैं कि "क्योंकि समय के साथ स्किन की जरूरतें बदलती रहती हैं, इसलिए एक्टिव इंग्रीडिएंट्स भी उन्हीं जरूरतों के हिसाब से चुने जाने चाहिए।" जैसे-

उम्र के हिसाब से कौन-सा एक्टिव चुनें? उम्र के हिसाब से कौन-सा एक्टिव चुनें? Image Credit: ChatGPT

एक्टिव इंग्रीडिएंट्स का चुनते समय की जाने वाली आम गलतियां

स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते समय जल्दी रिजल्ट की उम्मीद करना आम बात है। डॉक्टर बताती हैं कि "हालांकि, ज्यादातर एक्टिव इंग्रीडिएंट्स को मनचाहा रिजल्ट देने में ज्यादा समय लगते हैं। लेकिन बड़ी गलती यह है कि जल्दी असर न दिखने पर प्रोडक्ट को बदल दिया जाता है। इसलिए यह एक आम गलती है, जिसमें अलग-अलग प्रोडक्ट्स का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करना शामिल है।

ऐसा करने से अक्सर अच्छे के बजाय बुरे रिजल्ट मिलने लगते हैं और त्वचा में जलन हो सकती है। सनस्क्रीन न लगाना, खासकर तब जब आप ज्यादा एक्टिव इंग्रीडिएंट्स इस्तेमाल कर रहे हों। यह एक और बड़ी गलती है, क्योंकि इससे स्किन और भी ज्यादा सेंसीटिव हो जाती है। इसके अलावा, इनका बहुत ज्यादा इस्तेमाल करना या असर दिखने से पहले ही इस्तेमाल बंद कर देना भी गलत फैसला है।

आखिर में क्या बोलीं डॉक्टर?

डॉक्टर बताती हैं कि अगर एक्टिव इंग्रीडिएंट्स का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो एक असरदार स्किनकेयर रूटीन स्किन की हेल्थ में बड़ा बदलाव ला सकता है। सभी ट्रेंड्स को फॉलो करने की कोशिश करने के बजाय, अपनी स्किन टाइप, उम्र और समस्याओं के आधार पर अपना स्किनकेयर रूटीन बनाना चाहिए।

कुछ लोगों को प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल के कुछ दिनों बाद ही असर दिखने लगेगा, जबकि दूसरों को इसमें कई हफ्ते या महीने लग सकते हैं। यह सब आपकी स्किन की जरूरतों, आप कौन-सा प्रोडक्ट इस्तेमाल कर रहे हैं, आप उसे कितनी बार इस्तेमाल करते हैं और आपकी स्किन उस पर कैसी प्रतिक्रिया देती है, इस पर निर्भर करता है।

क्या कहती है स्टडी?

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक स्टोडी में 17 डर्मेटोलॉजिस्ट के बीच 23 इंग्रीडिएंट्स पर स्पष्ट सहमति बनी। इनमें

एजेलिक एसिड- मुंहासों और काले धब्बों को कम करने के लिए

बेंजोयल पेरोक्साइड- मुंहासों और ऑयली स्किन के लिए

ग्लाइकोलिक एसिड- मुंहासों और काले धब्बे कम करने के लिए

मिनरल सनस्क्रीन- फाइन लाइंस, रिंकल और रेडनेस कम करने के लिए

नियासिनामाइड- रेडनेस और डार्क स्पॉट्स ठीक करने के लिए

रेटिनोइड्स- फाइन लाइंस, झुर्रियों, मुंहासों, काले धब्बों, लार्ज स्किन पोर्स और ऑयली स्किन के लिए

सैलिसिलिक एसिड- मुंहासों और ऑयली स्किन के लिए

विटामिन C- फाइन लाइंस, झुर्रियों और डार्क स्पॉट्स जैसी समस्याओं के लिए प्रभावी माना गया।

डिस्क्लेमर: स्किन केयर प्रोडक्ट के एक्टिव इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल पेशेंस के साथ और सही तरीके से किया जाना सही है। यह आपकी स्किन को ज्यादा हेल्दी, मजबूत और लचीला बनाने में बहुत काम आ सकते हैं। लेकिन किसी भी प्रोडक्ट या एक्टिव इंग्रीडिएंट का इस्तेमाल बिना डॉक्टर की सलाह के न करें।