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25–30 के बाद स्किन में कौन से बदलाव आने लगते हैं? डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें

वह महिलाएं तो 28 की उम्र पार कर चुकी हैं, वह अपनी स्किन में कई बदलाव देख रही होंगी, जैसे कि अब उनकी त्वचा पहले जैसे सॉफ्ट और क्लियर नहीं रही। आइए डर्मेटोलॉजिस्ट से जानते हैं कि स्किन में कौन से बदलाव दिखते हैं।

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Written By: Vidya Sharma | Published : July 21, 2026 5:13 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Ruben Bhasin Passi

एक समय था जब 30 या 40 की उम्र के बाद महिलाएं अपने चेहरे पर स्किन केयर प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करना शुरू करती थीं। जब 20–25 साल की उम्र में भी स्किन की चमक, टाइटनेस और रिकवरी— सब एकदम फास्ट रहते थे और बने रहते थे। लेकिन आज सभी का लाइफस्टाइल बदल गया है। खानपान में भी बदलाव आया है। पॉल्यूशन भी इतना बढ़ गया है कि स्किन को सेफ रखना एक टास्क की तरह हो गया है।

खासकर 28 की उम्र पार करते ही आईना धीरे-धीरे कहानी बदलने लगता है। पहले की तरह दिखने वाला ग्लो अब हर दिन नहीं दिखता। फाउंडेशन कुछ जगहों पर बैठने लगता है। आखिर 28 के बाद ऐसा क्या होता है कि स्किन का सिस्टम स्लो पड़ जाता है? यही जानने के लिए हमने बात की सीके बिरला हॉस्पिटल के डर्मेटोलॉजिस्ट कंसल्टेंट डॉ. रुबेन भसीन पासी से। आइए विस्तार से जानते हैं कि त्वचा में आने वाले बदलावों के बारे में डॉक्टर ने क्या बताया।

28 की उम्र में इस कारण त्वचा में आते हैं बदलाव

ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि स्किन में बुढ़ापे के निशान 40 या 50 की उम्र के बाद ही नजर आते हैं, लेकिन डर्मेटोलॉजिस्ट्स का कहना है कि असल कहानी इससे कहीं पहले शुरू हो जाती है। 25 से 28 की उम्र के आसपास ही शरीर में कोलेजन बनना धीरे-धीरे कम होने लगता है, और यही वह पहला संकेत है जो आगे चलकर स्किन की बनावट बदलता है। कोलेजन का स्तर कम होते ही स्किन की इलास्टिसिटी घटती है, जिससे आंखों के नीचे हल्की फाइन लाइंस, माथे पर झुर्रियां और गालों में पहले जैसी कसावट न होना जैसे बदलाव दिखने लगते हैं।

ऑयली स्किन भी ड्राई हो सकती है

इसके साथ एक और बदलाव होता है जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। कुछ लोगों में उम्र बढ़ने और हार्मोनल बदलावों के साथ स्किन का नेचुरल ऑयल प्रोडक्शन कम होने लग सकता है। इस वजह से जिन लोगों की स्किन पहले ऑयली रहती थी, उन्हें भी अचानक रूखेपन की शिकायत होने लगती है। पिगमेंटेशन और सन डैमेज का असर भी इसी उम्र से ज्यादा नजर आना शुरू होता है, क्योंकि सालों की धूप और पॉल्यूशन का असर अब स्किन पर दिखने लगता है।

लोगों की बड़ी गलतफहमी को डॉक्टर ने किया दूर

एक बड़ी गलतफहमी यह है कि यह सारे बदलाव सिर्फ महंगी क्रीम या सीरम से रोके जा सकते हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट्स इस मिथक को खारिज करते हुए कहते हैं कि सनस्क्रीन का रोजाना इस्तेमाल, पर्याप्त पानी पीना, नींद पूरी लेना और धूम्रपान से दूरी। ये चार आदतें किसी भी महंगे प्रोडक्ट से ज्यादा असरदार साबित होती हैं। एक और मिथक यह है कि 28 की उम्र में एंटी-एजिंग प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करना जल्दबाजी है, जबकि एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसी उम्र से हल्के रेटिनॉल-आधारित प्रोडक्ट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स को रूटीन में शामिल करना फायदेमंद रहता है।

डिस्क्लेमर: स्किन में आ रहे इन बदलावों को उम्र बढ़ने की निशानी मानकर घबराने की बजाय, इन्हें समझकर सही आदतें अपनाना ज्यादा फायदेमंद है। शुरुआती दौर में थोड़ी सी सजगता आगे चलकर स्किन को लंबे समय तक स्वस्थ और जवां बनाए रखने में मदद करती है।