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Medically Verified By: Shahnaz Husain
बाल सफेद होने के कारण
बालों का सफेद होना उम्र बढ़ने के साथ होने वाली एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन जब कम उम्र में अचानक कई बाल सफेद होने लगते हैं, तो टेंशन होना भी स्वाभाविक है। खासकर युवाओं में समय से पहले बाल सफेद होना अब एक आम हेयर और स्किन कंसर्न बनता जा रहा है। इसे प्रीमेच्योर ग्रेइंग हेयर कहा जाता है।
पहले आपको आसान शब्दों में बता दें कि बालों का रंग मेलेनिन नाम के पिगमेंट से तय होता है। उम्र बढ़ने के साथ बालों की जड़ों में मौजूद पिगमेंट बनाने वाली कोशिकाओं की एक्टिविटी कम होने लगती है, जिससे बाल ग्रे या सफेद दिखाई देने लगते हैं। स्किन और हेयर केयर एक्सपर्ट कहती हैं कि यह प्रक्रिया अचानक शुरू नहीं होती, बल्कि उम्र से काफी पहले शुरू हो सकती है। कैसे? आइए एक्सपर्ट और कुछ स्टडी से जानते हैं।
ऐसा हो सकता है कि अगर आपके माता-पिता या परिवार के दूसरे करीबी सदस्यों के बाल कम उम्र में सफेद हुए हैं, तो आपके बालों के जल्दी सफेद होने की संभावना भी बढ़ सकती है। डॉक्टर के लिए यह एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। PubMed के एक अध्ययन में समय से पहले बाल सफेद होने वाले लोगों में पारिवारिक इतिहास का मजबूत संबंध पाया गया। इसलिए अगर परिवार में कई लोगों के बाल कम उम्र में सफेद हुए हैं, तो सिर्फ इसे विटामिन की कमी मानकर सप्लीमेंट लेना सही तरीका नहीं है।
PubMed पर प्रकाशित एक स्टडी में भारतीय युवाओं पर हुई एक स्टडी में समय से पहले बाल सफेद होने वाले लोगों में विटामिन बी12 और फेरिटिन का स्तर कम पाया गया। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति के बाल सफेद होने की वजह इनकी कमी ही है। अगर कम उम्र में बाल तेजी से सफेद हो रहे हैं, तो डॉक्टर जरूरत पड़ने पर कुछ पोषक तत्वों की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।
एक्सपर्ट शहनाज हुसैन बताती हैं कि कुछ अध्ययनों में खासकर हाइपरथायरॉइडिज्म और समय से पहले बाल सफेद होने के बीच संबंध देखा गया है। हालांकि, बहुत कम लोगों को पता होता है कि थायरॉइड की समस्या भी इसमें भूमिका निभा सकती है। वह कहती हैं कि अगर बाल जल्दी सफेद होने के साथ थकान, वजन में बदलाव, ठंड ज्यादा लगना, त्वचा में बदलाव या बालों से जुड़ी दूसरी परेशानियां भी हैं, तो डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार थायरॉइड टेस्ट की सलाह दे सकते हैं। इसलिए अलग-अलग हेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से भी सलाह लें।
सिर्फ उम्र या जेनेटिक्स को ही बालों के समय से पहले सफेद होने का जिम्मेदार मानना सही नहीं है। धूम्रपान और समय से पहले बाल सफेद होने के बीच संबंध पाया गया है। रिसर्च में धूम्रपान और कम उम्र में बाल सफेद होने के बीच संबंध पाया गया है। इसके पीछे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस की भूमिका मानी जाती है। आसान शब्दों में कहें तो शरीर में बनने वाले कुछ रिएक्टिव मॉलिक्यूल्स सेल्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं और बालों में पिगमेंट बनाने वाली प्रक्रिया भी इससे प्रभावित हो सकती है।
एक्सपर्ट बताती हैं कि अक्सर माना जाता है कि ज्यादा तनाव लेने से बाल सफेद हो जाते हैं। लेकिन हर व्यक्ति में तनाव को बालों के सफेद होने का कारण नहीं माना जा सकता। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। इसलिए अगर अचानक कुछ सफेद बाल दिखाई देने लगे हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। कम उम्र में तेजी से बाल सफेद हो रहे हों, बालों के साथ त्वचा में सफेद धब्बे या दूसरी समस्याएं हों, या परिवार में ऐसी समस्या न रही हो, तो स्किन एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर होता है।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की Premature graying of hair से जुड़ी एक स्टडी के अनुसार कुछ मामलों में अगर किसी समस्या या पोषण संबंधी कमी का इलाज किया जाए, तो पिगमेंट में सुधार हो सकता है, लेकिन हर व्यक्ति में ऐसा होगा, यह तय नहीं है। अभी समय से पहले बालों के सफेद होने को स्थायी रूप से रोकने या दोबारा काला करने के लिए कोई ऐसा इलाज उपलब्ध नहीं है जिसका असर पक्के तौर पर साबित हो।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य और हेयर केयर जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी विशेषज्ञ की सलाह और उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित है, लेकिन यह किसी चिकित्सीय परामर्श, जांच या उपचार का विकल्प नहीं है। अगर कम उम्र में आपके कई बाल तेजी से सफेद होने लगे हैं या इसके साथ त्वचा अथवा स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य समस्याएं भी दिखाई दे रही हैं, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।