Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
-
- हिंदी
SKin Ke Liye Kharab chemical: आपको कई सारे स्किन केयर प्रोडक्ट मार्केट में मिल जाएंगे, लेकिन सभी हमारी स्किन के लिए सही हों यह जरूरी नहीं है। इन स्किन केयर प्रोडक्ट्स में अलग-अलग तरह के केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है, जो हमारी त्वचा के लिए हानिकारक हो सकते हैं। जैसे सल्फेट, पैराबेन्स आदि-आदि। लेकिन ये तो सिर्फ दो हैं! बाकी का क्या? क्या बाकी सभी केमिकल स्किन के लिए अच्छे होते हैं?
जी नहीं, सभी स्किन के लिए सही नहीं होते हैं। इसलिए आज हम आपको इस लेख में 5 ऐसे टॉक्सिक केमिकल्स के बारे में बताने वाले हैं, जो त्वचा को बहुत ही ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं। आपको बस कोई भी स्किन केयर प्रोडक्ट लेने से पहले इन 5 नामों को पढ़ना है। अगर नाम लिखा है तो तुरंत उसे छोड़ दें और किसी अन्य प्रोडक्ट की ओर बढ़ें। आइए अब इस केमिकल्स के बारे में जानते हैं।
सल्फेट एक तरह का साल्ट होता है जो सल्फ्यूरिक एसिड के किसी दूसरे केमिकल के साथ रिएक्शन से बनता है। अगर आप सल्फेट वाले स्किन केयर प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं तो यह आपकी आंखों और त्वचा में जलन पैदा कर सकते हैं। बालों के नेचुरल कलर को प्रभावित कर उन्हें सफेद कर सकते हैं। इनसे बनने वाला झाग स्किन को ड्राई बना सकता है। इसलिए सल्फेट युक्त प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने से बचें।
अगर आपको किसी भी प्रोडक्ट में पैराबेन लिखा हुआ दिखता है तो उसे न खरीदें। वैसे इनका उपयोग आपकी त्वचा की देखभाल और मेकअप को फ्रेश और रोगाणु-मुक्त रखने के लिए किया जाता है। आपको यह कई प्रोडक्ट में इस्तेमाल होता दिख जाएगा, लेकिन इसके नुकसान भी हैं। कुछ शोध से पता चलता है कि पैराबेन एस्ट्रोजन के प्रोडक्शन को बढ़ाता है और ब्रेन फंक्शनिंग में बाधा डालता है। साथ ही महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का कारण बनता है।
कई प्रोडक्ट में थैलेट्स का इस्तेमाल होता है। आम भाषा में समझने की कोशिश करें तो यह एक तरह के सॉल्ट और प्लास्टिसाइजिंग केमिकल होते हैं, जो प्रोडक्ट के फैलाव को बढ़ाते हैं। जैसे इनका इस्तेमाल नेल पॉलिश, परफ्यूम और लोशन आदि में किया जाता है। स्किन केयर प्रोडक्ट के अलावा इसे शैम्पू में स्मूदनिंग के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
सिंथेटिक कलर पेट्रोलियम या कोल टार से मिलते हैं। मार्केट में मिलने वाली कई डार्क लिपस्टिक व आईशैडो में पाए जाता है। होता यह है कि सिंथेटिक कलर वाले प्रोडक्ट आपकी स्किन में जलन, कैंसर, मुंहासे और अन्य कई समस्याओं का कारणबन सकते हैं। इसलिए अब समय आ गया है कि हम इन रंगों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के बारे में सोचें। रंग जितना गाढ़ा होगा, कोल टार की मात्रा उतनी ही अधिक होने की संभावना होगी।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
मुहांसे तब होते हैं जब त्वचा में मौजूद छोटे-छोटे छिद्र, जिन्हें बाल रोम कहते हैं, बंद हो जाते हैं।
स्किन को धोने के तुरंत बाद मॉइस्चराइज का इस्तेमाल करें।
अगर आपको एलोवेरा जेल से एलर्जी है तो एलोवेरा का यूज न करें। ऑयली स्किन वाले लोगों को भी एलोवेरा जेल नहीं लगाना चाहिए। इससे त्वचा चिपचिपी हो सकती है।
आप अपनी डाइट पर ध्यान दें, रात को सोने से पहले मेकअप रिमूव करें, स्किन टाइप के हिसाब से स्किन केयर प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें, ओवर मेकअप न करें और योगा करें।