बुढ़ापे से पहले चेहरे पर सिर्फ झुर्रियां नहीं दिखतीं, दिखते हैं ये 5 संकेत

Early Aging Sign Kaise Hote Hai: अगर आपको लगता है कि चेहरे पर झुर्रियां दिखना ही एजिंग का साइन नहीं होता है। आइए आपको बताते हैं बुढ़ापा आने से पहले चेहरे पर कौन से साइन दिखते हैं।

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Written By: Vidya Sharma | Updated : December 3, 2025 10:45 AM IST

Chehre Se Aging Ke Konse Sign Dikhte Hain: उम्र के साथ-साथ हमारी त्वचा भी बूढ़ी होने लगती है। इसका मुख्य कारण त्वचा में कोलेजन और इलास्टिन नामक प्रोटीन का उत्पादन कम होना है। ये प्रोटीन त्वचा को टाइट और लोच प्रदान करते हैं, लेकिन अगर इनकी कमी हो जाए तो त्वचा पतली और कमजोर होकर लटकने लगती है। लेकिन सिर्फ ऐसा नहीं है कि अगर चेहरे पर एजिंग दिखना शुरू हो जाए तो सबसे पहले फेस पर रिंकल यानी कि झुर्रियां दिखने लगती हैं। जी नहीं, अगर आप ऐसा सोचते हैं तो यह सरासर गलत है।

डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर आंचल पंथ ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने बताया कि एजिंग साइन में सिर्फ झुर्रियां ही शामिल नहीं है, बल्कि चेहरे पर और भी संकेत दिखते हैं। इसलिए आज हम आपको इस लेख में डॉक्टर के बताए उन्हें लक्षणों के बारे में बताने वाले हैं, जो बताते हैं कि आपकी त्वचा बूढ़ी हो रही है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया समय से पहले एजिंग आने के कारणों के बारे में भी बताया है।

स्किन एजिंग कब बढ़ती है?

जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती रहती है, सेल्स काम करना कम कर देते हैं और डेड स्किन सेल्स की संख्या बढ़ जाती है, जो कि हमारी त्वचा को जवान रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसी स्थिति में स्किन बहुत ही ज्यादा डल और ड्राई हो जाती है। यही कारण है कि सही तरीके से स्किन केयर न करने और गलत प्रोडक्ट का इस्तेमालकरने से आपकी स्किन बहुत ही ज्यादा बेजान नजर आती है।

झुर्रियों के अलावा चेहरे पर कौन से एजिंग साइन दिखते हैं?

ग्लो कम होना- त्वचा की सही देखभाल न होने से डेड स्किन सेल्स बढ़ जाते हैं, जिससे चेहरे का निखार कम हो जाता है।

स्किन टोन में बदलाव- आपने देखा होगा कि चेहरे पर झुर्रियां आने से पहले त्वचा की रंगत तो कम होती ही है, साथ ही वह स्किन टोन में भी बदलाव आता है।

पैची पिगमेंटेशन- अगर आपके चेहरे पर पैची पिगमेंटेशन या झाइयों के निशान दिख रहे हैं तो डॉक्टर के अनुसार इन्हें भी आप एजिंग साइन ही समझें।

अंडर आई डार्कनेस- आंखों के नीचे कालापन आना भी अर्ली एजिंग का ही साइन है, जिसे हम डार्क सर्कल्स भी रहते हैं।

त्वचा पर दिखने वाले यह बदलाव चेहरे पर झुर्रियां आने से पहले दिखाई देते हैं और स्किन को थका हुई भी दिखाते हैं।

लेकिन समय से पहले एजिंग साइन क्यों बढ़ रहे हैं?

आजकल 30 के बाद ही चेहरे पर झुर्रियां, फाइन लाइन्स व एजिंग के अन्य साइन दिखने लगे हैं। इसका कारण है आपका अत्यधिक मात्रा में धूप में रहना, बढ़ता पॉल्यूशन, सही से नींद न लेना और बहुत ही अधिक स्ट्रेस लेना और नियमित रूप से स्किन केयर को फॉलो न करना। यह सभी चीजें ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को बढ़ावा देती हैं और स्किन को डल, पिग्नेंटेशन और स्किन टेक्सचर को बनाती हैं।

डॉक्टर ने बताया कैसे रखें अपनी स्किन का ख्याल

अगर आप चाहते हैं कि आपकी त्वचा समय से पहले बुढ़ापा न हो और त्वचा हेल्दी बने रहे तो सन प्रोटेक्शन और स्किन बैरियर को रिपेयर करने वाली चीजों पर ध्यान दें। इसमें आप अगर के अंदर और बाहर रोजाना सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। डाइट से लेकर स्किन केयर तक, एंटीऑक्सीडेंट्स को शामिल करें। रोजाना स्किन एक्सफोलिएट करें और त्वचा को हाइड्रेट रखें। इसके अलावा खासकर अर्ली पिगमेंटेशन के साइन को कम करने पर ध्यान दें, वरना यह जम जाएंगे।

Highlights

  • चेहरे पर झुर्रियों के अलावा कई एजिंग साइन दिख सकते हैं।
  • त्वचा का डल होना और पिगमेंटेशन दिखना भी अर्ली एजिंग का साइन है।
  • आप अपनी स्किन को प्रोटेक्ट करने के लिए सही स्किन केयर फॉलो करें।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

चेहरे से झुर्रियां हटाने के घरेलू उपाय

नारियल तेल और शहद का मिश्रण, एलोवेरा जेल, और केले का पेस्ट आदि ये सभी चेहरे से झुर्रियां दूर करने में फायदेमंद हैं।

एजिंग साइन कैसे कम करें?

एजिंग के लक्षणों को कम करने के लिए, स्वस्थ आहार, पर्याप्त नींद, और सनस्क्रीन का उपयोग करना महत्वपूर्ण है

40 की उम्र में कौन सा फेशियल करना चाहिए?

40 की उम्र में एंटी-एजिंग, कोलेजन बूस्ट या प्लैटिनम फेशियल सबसे बेहतर होते हैं।

क्या खाने से चेहरे पर झुर्रियां नहीं पड़ती हैं?

इसके लिए आपको प्रोटीन, विटामिन ए, बी, ई और सी से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।

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