
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Published : April 22, 2026 12:47 PM IST
Medically Verified By: Dr. Logeshwari J
स्किन केयर
Kya Purified Peptides Skin Ke Liye Faydemand Hote Hain: हर कोई ऐसा अमृत पीना चाहता है जिससे जवानी कभी न जाए, फिर चाहे वह आपका पसंदीदा सेलिब्रिटी हो या फेयरी टेल की स्नो व्हाइट की सौतेली मां। लेकिन अब हर किसी के पास महंगे स्किन ट्रीटमेंट या दवाओं के लिए उतना पैसा नहीं होता है। हालांकि आप अपनी रोजाना की स्किनकेयर रूटीन में सही प्रोडक्ट का इस्तेमाल करके आप भी अपनी त्वचा को जवां बनाए रख सकते हैं।
कैसे? आइए नारायणा हेल्थ सिटी, बेंगलुरु की कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर लोगेश्वरी जे से जानते हैं। डॉक्टर बताती हैं कि स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने वाले हर व्यक्ति ने रेटिनोल के बारे में सुना होगा, जिसे आमतौर पर रात को सोते समय लगाने की सलाह दी जाती है। एक तरफ, रेटिनोल जैसे एंटी-एजिंग तत्व अक्सर त्वचा के नवीनीकरण की प्रक्रिया के दौरान त्वचा को जानबूझकर थोड़ा नुकसान पहुंचा कर काम करते हैं, ताकि त्वचा को फिर से बनने के लिए मजबूर किया जा सके।
वहीं दूसरी तरफ, हमारे पास प्यूरिफाइड पेप्टाइड्स हैं, जिनके अमीनो एसिड क्रीम शरीर के प्राकृतिक सिग्नलिंग अणुओं की बिल्कुल नकल करते हैं। ही सटीकता उन्हें फाइब्रोब्लास्ट्स से सीधे संवाद करने और बिना किसी नुकसान या सूजन के कोलेजन प्रोडक्शन शुरू करने में मदद करती है, जो अक्सर तेज एक्टिव इंग्रेडिएंट्स के साथ देखा जाता है।
आमतौर पर यह देखा जाता है कि एंटी-एजिंग रूटीन के कारण अक्सर त्वचा में रेडनेस, जलन या पपड़ी जमने जैसी समस्याएं होती हैं। यह एक तरह का इंफ्लेमेटरी टैक्स होता है, जिसका भुगतान हम सेल टर्नओवर के लिए करते हैं। प्यूरिफाइड पेप्टाइड्स इस समस्या से पूरी तरह बचाते हैं।
प्यूरिफिकेशन प्रोसेस के दौरान ऐसे बचे हुए केमिकल्स और गैर-जरूरी प्रोटीन चेन हटा दिए जाते हैं, जो त्वचा के इम्यून सिस्टम को ट्रिगर कर सकते हैं। इस वजह से ये बायो कम्पैटिबल एक्टिव बन जाते हैं, यानी त्वचा इन्हें बाहरी जलन पैदा करने वाले तत्व नहीं, बल्कि खुद के बनाए हुए तत्वों की तरह पहचानती है।
डॉक्टर बताती हैं कि जिन लोगों की त्वचा की सुरक्षा परत कमजोर है या जिन्हें रोसैसिया जैसी समस्याएं हैं, उनके लिए प्यूरिफाइड पेप्टाइड्स एक आरामदायक और सुरक्षित एंटी-एजिंग समाधान प्रदान करते हैं। यह प्रक्रिया त्वचा की ऊपरी और निचली परतों के जोड़ (डर्मल-एपिडर्मल जंक्शन) को मजबूत करती है और अंदर से त्वचा का घनत्व बढ़ाती है। इस तरह, यह किसी तेज असर वाले एसिड या रेटिनोइड जैसे ही वांछित परिणाम देती है, लेकिन साथ ही त्वचा को एक सुखद और शांत एहसास भी प्रदान करती है।
स्किनकेयर में एक बड़ी चुनौती यह होती है कि अच्छे इंग्रीडिएंट्स त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत को पार करके अंदर तक कैसे पहुंचें। पेप्टाइड्स में फैटी एसिड चेन होती हैं, जैसे पाल्मिटॉयल ग्रुप्स, जो इन्हें स्किन बैरियर पार करने और अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचने में मदद करती हैं।
ये खास और प्यूरिफाइड पेप्टाइड्स सिर्फ त्वचा की सतह पर नहीं रहते, बल्कि डर्मिस तक पहुंचते हैं, जहां कोलेजन बनता है। यह बहुत जरूरी है क्योंकि कोलेजन ही त्वचा को मुलायम, भरी हुई और हेल्दी लुक देता है। इसलिए जब आप प्यूरीफाइड पेप्टाइड्स इस्तेमाल करते हैं, तो आप भरोसा कर सकते हैं कि ये सही तरीके से काम करेंगे और आपके पैसे की पूरी कीमत देंगे।
प्यूरिफाइड पेप्टाइड्स एक खास कैटेगरी में भी बेहतरीन काम करते हैं, जिसे न्यूरोट्रांसमीटर-इनहिबिटिंग पेप्टाइड्स कहा जाता है, जैसे Acetyl Hexapeptide-8। इन एक्सप्रेशन-लाइन स्मूथर्स की असरदारता पूरी तरह से उनकी शुद्धता पर निर्भर करती है। यहां तक कि थोड़ी सी भी अशुद्धि मांसपेशियों के सिकुड़ने के लिए जरूरी SNAP-25 प्रोटीन कॉम्प्लेक्स को अस्थिर करने की उनकी क्षमता में रुकावट डाल सकती है।
जब ये पेप्टाइड्स बहुत ज्यादा शुद्ध हो जाते हैं, तो वे चेहरे की मांसपेशियों को आराम की स्थिति में रहने का संकेत ज्यादा असरदार तरीके से दे पाते हैं। जिससे आंखों के कोनों की झुर्रियां और माथे की लकीरें हल्की पड़ जाती हैं। क्योंकि इस प्रक्रिया में त्वचा को छीलना या पतला करना शामिल नहीं है, इसलिए यह प्रीजुवेनेशन का फायदा देती है। यानी गहरी झुर्रियां बनने से पहले ही रोकना, बिना धूप से संवेदनशीलता बढ़ाए और बिना त्वचा को नाराज किए, जैसा कि दूसरे ट्रीटमेंट्स में होता है।
झुर्रियां कम करने के अलावा, प्यूरिफाइड पेप्टाइड्स लंबे समय में त्वचा को मजबूत भी बनाते हैं। ये सिर्फ कोलेजन बनाने में मदद नहीं करते, बल्कि लैमिनिन और फाइब्रोनेक्टिन जैसे जरूरी प्रोटीन्स बनाने में भी मदद करते हैं, जो त्वचा की परतों को मजबूती से जोड़े रखते हैं।
आजकल के स्किनकेयर रूटीन में, त्वचा की सुरक्षा परत को स्वस्थ बनाए रखने पर बहुत जोर दिया जाता है। प्यूरिफाइड पेप्टाइड्स दो काम करते हैं- एंटी-एजिंग रिजल्ट्स और त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा को मजबूत रखना। इसी वजह से इन्हें स्किन हेल्थ का भविष्य माना जा रहा है। जब इन्हें हायल्यूरोनिक एसिड के साथ इस्तेमाल किया जाता है, तो ये त्वचा को ज्यादा फर्म और हाइड्रेटेड बनाते हैं, बिना त्वचा को नुकसान पहुंचाए।
निष्कर्ष- आखिर में निष्कर्ष यह निकलता है कि आपकी त्वचा सिर्फ ऊपर से नहीं, बल्कि अंदर से रिपेयर होकर ज्यादा जवां नजर आती है। इसलिए बाहरी प्रोडक्ट इस्तेमाल करने की बजाय आप इनर ब्यूटी व स्किन हेल्थ पर ज्यादा ध्यान दें।
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.