
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Published : April 5, 2020 3:36 PM IST
Smartphone Side Effects: लॉकडाउन में फोन का करें संभल कर इस्तेमाल, वर्ना बढ़ सकती हैं ये 3 स्किन प्रॉब्लम्स
Ways Smartphone Damages Skin: कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) से बचने के लिए पूरी दुनिया में आइसोलेशन और लॉकडाउन जैसे कदम उठाए गए हैं। ऐसें में लोग अपने घरों में कई-कई दिनों से बंद हैं औऱ बाहर निकलने से बच रहे हैं। घर में इतना वक़्त बिताने के साथ ही लोग लगातार अपने फोन का इस्तेमाल करते हैं। ऑनलाइन खबरें पढ़ने से लेकर, शॉपिंग, वीडियो कॉल कर अपनों का हाल चाल जानना हो या ऑफिस के ई-मेल्स का जवाब देना, हर काम के लिए लोग अपने स्मार्ट फोन का प्रयोग करते हैं।
हालांकि, फोन इस मुश्किल समय में एक बहुत बड़े सपोर्ट के तौर पर मदद कर रहा है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि फोन का बहुत इस्तेमाल करने से भले ही आपके काम आसान हो जाते हैं पर, आपकी स्किन प्रॉब्लम्स (Skin Problems) इससे बढ़ सकती हैं। जी हां, स्मार्टफोन के बहुत इस्तेमाल से कई प्रकार से त्वचा को नुकसान हो सकता है। (Ways Smartphone Damages Skin)
जैसा कि लोग अक्सर, फोन में कुछ देखने के लिए गर्दन को झुकाकर ही रखते हैं। इससे, टेक-नेक (Tech-neck) सिंड्रोम हो सकता है। दरअसल, बहुत देर तक फोन में देखते रहने से गर्दन की त्वचा की लचक कम होने लगती है। इससे, गर्दन के पिछले हिस्से में सूजन भी हो सकती है और दर्द भी महसूस हो सकता है। इन समस्याओं से बचने के लिए अपनी गर्दन का लगातार झुकाकर ना रखें। बहुत देर तक मोबाइल को देखते ना रहें। थोड़ी-थोड़ी देर बाद अपना बॉडी पोस्चर बदलते रहें, ब्रेक लेकर यहां-वहां देखें। इससे गर्दन को आराम भी मिलेगा और स्किन की इलास्टिसिटी या लचक बनी रहेगी।
अगर आपको अपने चेहरे या गर्दन पर समय से पहले बुढ़ापे की निशानियां दिखने लगें, तो समझ जाइए कि यह बहुत अधिक मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से हुआ है। दरअसल, कम्प्यूटर, मोबाइल, स्मार्ट फोन और टीवी जैसी चीज़ों से बहुत अधिक तेज़ रोशनी निकलती है। इससे, स्किन कोलाजन को नुकसान पहुंचता है। नतीजतन त्वचा की रंगत बदलने, झांइयां (डार्क स्पॉट) और झुर्रियों जैसी समस्याएं दिखने लगती हैं। जो, त्वचा को समय से पहले बूढ़ी दिखाती हैं। इस स्थिति को प्रीमैच्योर एजिंग कहा जाता है। अगर, आप इससे बचना चाहते हैं तो फोन का इस्तेमाल कम करें। साथ ही फोन की स्क्रिन लाइट कम रखें। रात में सोने से पहले अपने मोबाइल फोन को बिस्तर से दूर रखें, इस तरह स्किन को रोशनी से बचा सकेंगे।
एक्ने या पिम्पल्स की समस्या भी स्मार्टफोन के इस्तेमाल से गम्भीर हो सकती है। फोन जैसी वस्तुओं पर बैक्टेरिया को पनपने के लिए अनूकूल वातावरण मिलता है। जिससे, स्किन इंफेक्शन बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है। बात करने के लिए जब आप अपने फोन को कानों के पास लगाते हैं। तो, फोन पर जमा बैक्टेरिया त्वचा के सम्पर्क में आ जाते हैं। साथ ही स्किन पर जमा गंदगी या सीबम जैसी चीज़ें भी फोन पर लग जाती हैं। इस तरह स्किन और फोन के बार-बार सम्पर्क से त्वचा से जुड़ी पिम्पल्स जैसी समस्याएं और भी बढ़ जाती हैं। इसीलिए, फोन को साफ करते रहें। सैनिटाइज़ करने के लिए एंटी-बैक्टेरियल वाइप्स या लिक्विड का इस्तेमाल कर सकते हैं।
हाइपर पिंगमेंटेशन की समस्या भी फोन के बहुत अधिक इस्तेमाल से बढ़ सकती है। इससे चेहरे पर दाग-धब्बे उभर सकते हैं। जिससे, स्किन का टेक्सचर बिगड़ जाता है और अनइवेन स्किन टोन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।