
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Published : April 2, 2025 3:10 PM IST
How to use rice water for face wash: स्किन केयर के अच्छे रूटीन की बात होती है तो कोरियन महिलाओं के ब्यूटी सीक्रेट्स (Korean beauty secrets) के बारे में जरूर बात होती है। शीशे जैसी चमकती स्किन की धनी कोरियन महिलाएं अपनी स्किन का ध्यान रखने के लिए कई तरह के जतन भी करती हैं। ऐसा ही एक स्किन केयर सीक्रेट है राइस वॉटर या चावल का पानी। त्वचा की खूबसूरती बढ़ाने के लिए कोरिया की महिलाएं कई तरह से राइस वॉटर का इस्तेमाल करती हैं। जैसे चावल के पानी से चेहरा साफ करने से भी स्किन पर चमक आती है। हालांकि, अगर आपने यह तरीका पहले नहीं आजमाया है या आप इसे पहली बार ट्राई कर रही हैं तो आपको चेहरे पर चावल के पानी का इस्तेमाल सही तरीके से करने और इससे जुड़ी सभी जरूरी बातें हम बता देते हैं। आइए जानते हैं कच्चे चावल के पानी से चेहरा धोने का सही तरीका।
चावल का पानी बनाने के लिए एक लीटर पानी में 1-2 चम्मच कच्चे चावल मिलाए जाते हैं। आप इन्हें कुछ घंटों के लिए पानी में भिगोकर रख सकते हैं और उसके बाद चेहरा धोने के लिए इस पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है।
अगर आप चावल पकाने से पहले उन्हें भिगोकर रखते हैं तो आप चावल छानने के बाद बचे हुए पानी का भी इस्तेमाल स्किन केयर के लिए कर सकते हैं।
आप सुबह सोकर उठने के बाद चेहरा साफ करने के लिए चावल के पानी का इस्तेमाल कर सकती हैं। चावल के पानी से चेहरा धोने से चेहरे पर ग्लो आता है। इसके अलावा आप इन तरीकों से भी चावल के पानी को स्किन पर अप्लाई कर सकती हैं-
चावल के पानी में रूई डुबोकर चेहरे पर लगाएं। फिर, इससे चेहरे की मालिश करें और रूई से पोंछकर चेहरा साफ कर लें।
स्किन पर चमक लाने के लिए आप चावल के पानी को टोनर की तरह भी इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके लिए आप किसी स्प्रे बोतल में चावल का पानी भरकर फ्रिज में रख दें। जब भी चेहरा डल या थका हुआ दिखायी दे तब आप चेहरे पर राइस वॉटर स्प्रे कर सकती हैं।
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशन उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।