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Written By: Anshumala | Updated : August 19, 2021 7:00 PM IST
तीन तरह के एक्ने के कारण और इलाज...
Types of Acne in Hindi: एक्ने या मुंहासों की समस्या से अधिकतर लोग परेशान रहते हैं। किशोरावस्था में चेहरे पर छोटे-बड़े पस वाले, घमोरियों की तरह मुंहासे होने लगते हैं। तैलीय त्वचा पर मुंहासों की समस्या अधिक होती है। त्वचा के साथ ही स्कैल्प पर भी एक्ने होता है, जिसका रूप, आकार भी अलग-अलग होता है। यह जानना भी जरूरी है कि आपको किस तरह के एक्ने की समस्या हुई है, क्योंकि एक्ने भी कई प्रकार के होते हैं। उसी आधार पर मुंहासों का ट्रीटमेंट भी जरूरी है। तीन तरह के एक्ने (Types of Acne) होते हैं, जो चेहरे के खास भागों पर होते हैं। इन्हें पहचानकर आपके लिए उपचार करना आसान होगा।
फंगस यीस्ट के कारण यह होता है। इसके कारण से त्वचा पर मौजूद हेयर फॉलिकल्स में इंफ्लेमेशन की समस्या हो सकती है, जिससे लाल बम्प्स बैक और ऊपरी बाजू पर हो सकता है। यह एक्ने त्वचा पर बहुत कम ही होता है।
इसके लिए अच्छी लाइफस्टाइल आदतों को अपनाएं। त्वचा, गर्दन, बांहों की साफ-सफाई पर खास ध्यान दें। हेल्दी डाइट लें। यदि आप वर्कआउट करते हैं, तो तुरंत ही कपड़े बदल दें, इससे पीठ पर हुए एक्ने का इलाज जल्दी हो सकता है। फंगस के कारण होने वाले इस एक्ने को दूर करने के लिए एंटीफंगल बॉडी वॉश का इस्तेमाल करें। डर्मटोलॉजिस्ट से कंसल्ट करके एंटीबायोटिक्स भी ले सकते हैं।
यह एक्ने स्कैल्प पर होता है। हेयरलाइन के पास ज्यादा नजर आता है। स्कैल्प फॉलिक्युलाइटिस (Scalp folliculitis) बैक्टीरियल और वायरल इंफेक्शन के कारण होता है। इसमें छोटे और खुजली वाले मुंहासे होते हैं। इसका इलाज ना किया जाए, तो यह पीड़ादायक भी हो सकता है। स्कैल्प पर सीबम के अधिक निर्माण के कारण पोर्स बंद हो जाते हैं। हेयर फॉलिकल्स में इंफ्लेमेशन की समस्या होने लगती है। बालों की साफ-सफाई का ध्यान ना देना, प्रोडक्ट्स और कलर्स के स्कैल्प पर जमा होने, अधिक देर तक के लिए बालों को टोपी, स्कार्फ से ढंक कर रखना भी स्कैल्प फॉलिक्युलाइटिस का कारण होता है।
स्कैल्प पर फॉलिकल्स की समस्या को दूर करने के लिए मेडिकेटेड लोशन, क्लिंजर्स का इस्तेमाल करें। आप इसका इलाज कुछ प्राकृतिक तरीकों से भी कर सकते हैं। इसके लिए टी ट्री और जोजोबा ऑयल स्कैल्प पर लगा सकते हैं।
बैक्टीरियल एक्ने की समस्या तब होती है जब त्वचा के पोर्स सीबम के कारण ब्लॉक हो जाते हैं। इसमें बैक्टीरिया के कारण इंफेक्शन हो जाता है। यही वजह है कि कुछ लोगों को ब्लैकहेड्स, व्हाइहेड्स, सिस्ट, बम्प्स आदि हो जाते हैं। यह गर्दन और टी-जोन पर अधिक नजर आते हैं।
अपनी त्वचा को साफ रखकर बैक्टीरियल एक्ने से बचाव कर (Types of Acne and treatment in Hindi) सकते हैं। इंग्रीडिएंट्स जैसे बेंन्जोइल पेरॉक्साइड, रेटिनॉएड्स जैसी दवाओं से आप बैक्टीरियल एक्ने की समस्या को दूर कर सकते हैं। इन सामग्री से बने क्लिंजर, टोनर का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, इनका इस्तेमाल करने से पहले डर्मटोलॉजिस्ट से जरूर बात कर लें।
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