
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : April 3, 2025 7:41 PM IST
धूप, गर्मी,उमस और पसीने की चिपचिप...गर्मियों के मौसम में आपने भी यही सब महसूस किया होगा और जानते होंगे कि इन सबके कारण किस तरह इरिटेशन होती है। बढ़ते तापमान में जब बहुत अधिक पसीना निकलता है तब स्किन की प्रॉब्लम्स भी बढ़ जाती हैं। पसीने और चिपचिप से स्किन पोर्स या रोमछिद्र बंद होने लगते हैं। इससे शरीर पर पिम्पल्स और फोड़े होने लगते हैं। इसी तरह स्किन में खुजली और घमौरियों की समस्या भी गर्मियों में बहुत अधिक बढ़ जाती है। गर्मियों में घमौरियां एक कॉमन स्किन प्रॉब्लम है जो गर्दन, पीठ, चेहरे और थाइज में अधिक देखी जाती है। वहीं, कई बार गर्मियों में हाथ, छाती और कानों की स्किन पर भी घमौरियां दिखायी देती हैं।
घमौरियों की समस्या से आराम पाने के लिए जहां धूप से बचने और स्किन पर पाउडर लगाने जैसे उपाय अपनाए जाते हैं वहीं, कई बार डॉक्टरी मदद की भी जरूरत पड़ती है। अलग-अलग तरह के स्किन लोशन और क्रीम लगाने से भी घमौरियों की समस्या से आराम मिलता है। हालांकि, कुछ लोगों के लिए इन स्किन क्रीम्स से एलर्जी और साइड-इफेक्ट्स जैसी परेशानियां भी होती हैं। ऐसे में घरेलू उपायों और नेचुरल इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल अधिक कारगर साबित हो सकता है। यहां हम लिख रहे हैं घमौरियों से आराम दिलाने वाले कुछ ऐसे ही नेचुरल उपायों के बारे में जो गर्मियों में आप इस्तेमाल कर सकते हैं।
स्किन प्रॉब्लम्स से आराम पाने और ठंडक के लिए चंदन का पैक लगाना बहुत कारगर साबित हो सकता है। गर्मियों में शरीर पर चंदन का पेस्ट लगाने से स्किन संबंधी प्रॉब्लम्स से आराम मिल सकता है। घमौरियां कम करने के लिए आप गर्मियों में चंदन का पैक लगा सकते हैं।
धूप और उमस से झुलसी स्किन को आराम देने के लिए एलोवेरा जेल अप्लाई करने से फायदा होता है। आप स्किन पर होने वाली घमौरियों, स्किन रैशेज और अन्य स्किन प्रॉब्लम्स से आराम के लिए आप एलोवेरा जेल लगा सकते हैं। एलोवेरा जेल स्किन को ठंडक देता और एलोवेरा की कूलिंग प्रॉपर्टीज सनबर्न से होने वाले स्किन डैमेज से आराम दिलाती हैं।
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।