जो लोग वैक्सिंग की वजह से होनेवाली स्किन प्रॉब्लम्स से परेशान हैं उनके लिए शुगरिंग एक अच्छा विकल्प हो सकता है। दरअसल शुगरिंग वैक्सिंग का प्राकृतिक तरीका है। शुगरिंग में वैक्सिंग स्ट्रीप्स का इस्तेमाल नहीं किया जाता। शुगरिंग में शुगर पेस्ट को बालों के उगने की उल्टी दिशा में लगाया जाता है और एक विशेष तरीके से आपकी त्वचा से साफ किया जाता है। यह पेस्ट नींबू, शक्कर और पानी के मिश्रण से बनता है जो शरीर के किसी भी हिस्से में इस्तेमाल के लिहाज से सुरक्षित होता है। शुगरिंग की सबसे बड़ी खूबियां क्या हैं उसी के बारे में बताते हैं हम-
हेयर रिमूवल वैक्स में जहां अक्सर सिंथेटिक पदार्थ और केमिकल होते हैं वहीं शुगरिंग शक्कर, नींबू और पानी जैसी प्राकृतिक चीजों से बनता है। नींबू के रस से एक्सफॉलिएट होती है और डेड स्किन निकल जाती है। तो वहीं शक्कर में ग्लाकोलिक एसिड होता है जो आपकी त्वचा को हेल्दी बनाता है।
शुगरिंग में पेस्ट का एक गोला बनाया जाता है और उसी की मदद से प्रक्रिया पूरी की जाती है। जबकि वैक्सिंग में मिश्रण को बार-बार गर्म करके उसे अलग-अलग लोगों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। शुगरिंग बॉल को गोल-गोल करके त्वचा से हटाया जाता है इसीलिए बाल सफाई से इसमें छुप जाते हैं और इस तरह बैक्टेरिया या इंफेक्शन नहीं फैल पाता।
शुगरिंग में आपकी त्वचा पर लाली या रैशेज नहीं होते क्योंकि इसमें बालों को खींचकर नहीं निकाला जाता। यही नहीं प्राकृतिक तत्वों के इस्तेमाल की वजह से त्वचा में जलन भी महसूस नहीं होती।
वैक्सिंग के बाद त्वचा पर चिपका हुआ वैक्स और उसके दाग भी आपकी परेशानी का एक सबब बन जाते हैं। लेकिन शुगरिंग में ऐसा नहीं होता। यही नहीं यह पानी में आसानी से घुलने की वजह से साफ हो जाता है और त्वचा पर सख्त होकर चिपकता नहीं। अगर यह त्वचा पर रह भी गया तो गर्म पानी और टॉवेल से पोंछकर निकाला जा सकता है।
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.