स्‍वास्‍थ्‍य ही नहीं, सौंदर्य के लिए भी खास है त्रिफला

आंवला, बहेड़ा और हरड़ के चूर्ण को आयुर्वेद में दिया गया है खास दर्जा।

WrittenBy

Written By: Yogita Yadav | Updated : October 18, 2018 8:32 AM IST

त्रिफला शब्द का शाब्दिक अर्थ है 'तीन फल'। ले‍किन आयुर्वेद का त्रिफला 3 ऐसे फलों का मिलन है जो तीनों ही अमृतीय गुणों से भरपूर है। आंवला, बहेड़ा और हरड़। आयुर्वेद में इन्हें अमलकी, विभीतक और हरितकी कहा गया है। त्रिफला में इन तीनों को बीज निकाल कर समान मात्रा में चूर्ण बनाकर कर लिया जाता है। क्या आपने कभी त्रिफला प्रयोग किया है? सिर्फ सेहत के ही नहीं बल्कि ब्यूटी के फायदे भी देता है यह तीन फलों से तैयार किया गया चूर्ण।

यह भी पढ़ेें –विशेष अवसरों पर करते हैं हवन, तो जान लें इसके फायदे

जानें त्रिफला के फायदे

एक अध्ययन से पता चला है कि त्रिफला का सेवन रेडियोधर्मिता से भी बचाव करता है। प्रयोगों में देखा गया है कि त्रिफला की खुराकों से गामा किरणों के रेडिएशन के प्रभाव से होने वाली अस्वस्थता के लक्षण भी नहीं पाए जाते हैं। इसीलिए त्रिफला चूर्ण आयुर्वेद का अनमोल उपहार कहा जाता है।

  • त्रिफला के गुनगुने काढ़े में शहद मिलाकर पीने से मोटापा कम होता है।
  •  त्रिफला के काढ़े से घाव धोने से एलोपैथिक- एंटिसेप्टिक की आवश्यकता नहीं रहती। घाव जल्दी भर जाता है।
  • गाय का घी व शहद के मिश्रण (घी अधिक व शहद कम) के साथ त्रिफला चूर्ण का सेवन आंखों के लिए वरदान स्वरूप है।

यह भी पढ़ें – करनी है मुंह की पूरी सफाई,  तो टूथब्रश की जगह इस्‍तेमाल करें यह चीज

  •  संयमित आहार-विहार के साथ इसका नियमित प्रयोग करने से मोतियाबिंद, कांचबिंदु-दृष्टिदोष आदि नेत्र रोग होने की संभावना नहीं होती।
  •  मूत्र संबंधी सभी विकारों व मधुमेह में यह फायदेमंद है। रात को गुनगुने पानी के साथ त्रिफला लेने से कब्ज नहीं रहती है। इसका 2 से 4 ग्राम चूर्ण दोपहर को भोजन के बाद अथवा रात को गुनगुने पानी के साथ लें।
  •  त्रिफला रात को पानी में भिगोकर रखें। सुबह मंजन करने के बाद यह पानी मुंह में भरकर रखें। थोड़ी देर बाद निकाल दें। इससे दांत व मसूड़े वृद्धावस्था तक मजबूत रहते हैं। इससे अरुचि, मुख की दुर्गंध व मुंह के छाले नष्ट होते हैं।
  • एक चम्मच त्रिफला चूर्ण रात को एक कटोरी पानी में भिगोकर रखें। सुबह कपड़े से छानकर उस पानी से आंखें धो लें। यह प्रयोग आंखों के लिए अत्यंत हितकर है। इससे आंखें स्वच्छ व दृष्टि सूक्ष्म होती है। आंखों की जलन, लालिमा आदि तकलीफें दूर होती हैं।
Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source