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हेल्दी और शाइनी बाल कौन नहीं चाहता लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये दोनों ही चीजें आपके अच्छे स्वास्थ्य का प्रतीक हैं? हम सभी जानते हैं कि बाल आपकी पर्सनैलिटी में चार चांद लगाने का काम करते हैं और आपकी उपस्थिति को बेहतर बनाते हैं साथ ही आत्मविश्वास की भावना पैदा करते हैं। कुछ शोधकर्ताओं का ये भी कहना है कि आपके बाल दूसरों से आपकी तुलना को बेहतर बनाने में भी काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि, इन दिनों एक बात हर उम्र के लोगों को परेशान करती है, खासकर जवां लोगों की उनके बाल आखिर कम उम्र में सफेद क्यों हो रहे हैं?
हालांकि जैसे-जैसे लोगों की उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे उनके बालों का रंग बदलना सामान्य माना जाता है। लेकिन मौजूदा वक्त में बूढ़ों लोगों के साथ-साथ जवां लोगों के बाल भी बहुत तेजी से सफेद हो रहे हैं। मौजूदा हालात में किशोरों और 20 साल के बच्चों के भी सफेद बाल दिखाई देने लगे हैं। इसे समय से पहले बालों के सफेद होने के रूप में जाना जाता है और आज युवा पीढ़ी के लिए यह चिंता का विषय बनता जा रहा है। आइए जानते हैं बालों के समय से पहले सफेद होने के क्या कारण हो सकते हैं।
बालों का सफेद होना कुछ मामलों में जीन के कारण हो सकता है। जीन डीएनए से बने होते हैं और ऐसे में इसके बारे में कुछ भी करना मुश्किल हो जाता है। नस्ल और जातीयता भी आपके जल्दी बाल सफेद होने में अहम भूमिका निभाते हैं। जिन लोगों का रंग गोरा होता है उनमें समय से पहले सफेद होना 20 साल की उम्र से ही शुरू हो सकता है।
निश्चित रूप से प्रदूषण समय से पहले बालों के सफेद होने के पीछे सबसे बड़ा कारण हो सकता है। शहरों में रहते हुए हम रोजाना प्रदूषण का सामना करते हैं और यह प्रदूषण हमारे बालों के रोम को कमजोर बनाता है, जिसके कारण बाल सफेद होना शुरू हो जाते हैं।
बालों का समय से पहले सफेद होना हाई ब्लड प्रेशर, तनाव और चिंता के कारण हो सकता है। ऊपर बताए गए कारणों से आपके बाल झड़न लगते हैं और जो बाल बच जाते हैं वो सफेद होना शुरू हो जाते हैं।
पहले भी कई शोध हो चुके हैं , जिसमें इस बात को दोहराया गया है कि सभी आयु समूहों के लिए बालों के सफेद होने और धूम्रपान के बीच एक महत्वपूर्ण संबंध है। अगर आप कम उम्र में ही धूम्रपान करना शुरू कर देते हैं तो ऐसा न करने वाले लोगों की तुलना में आपके बाल जल्दी सफेद हो जाएंगे।
डाइट में विटामिन बी, विटामिन सी, विटामिन ई, आयरन और जिंक जैसे विटामिन्स की कमी से कम उम्र में बाल सफेद होने और बालों के झड़ने की समस्या शुरू हो जाती है। शरीर में कॉपर का लो लेवल भी समय से पहले बालों को सफेद बना सकता है। दूसरी ओर, डिब्बाबंद, जंक, रिफाइंड या प्रोसेस्ड फूड्स भी बालों को सफेद बनाने का काम करते हैं।
ऑटोइम्यून रोग किसी व्यक्ति के बालों के समय से पहले सफेद होने के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। एलोपीकिया एरीटिया (Alopecia areata)एक ऐसा ऑटोइम्यून रोग है, जो स्किन से जुड़ा हुआ होता है, जो स्कैल्प से लेकर चेहरे और शरीर के अन्य क्षेत्रों पर बालों के झड़ने का कारण बनता है। इतना ही नहीं ये सफेद बालों से भी जुड़ा होता है। शरीर में मेलोनिन की कमी के कारण बाल वापस आने पर सफेद होने लगते हैं।