क्या आप थ्रे़ड फेस लिफ्टिंग कराना चाहते हैं? जानें इससे जुड़ी कुछ अहम बातें !

डर्मटालजिस्ट डॉ. शेफाली त्रासी नेरूरकर (एमडी स्किन) ने बतायी इस लोकप्रिय तकनीक के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 10, 2018 2:20 PM IST

थ्रेड लिफ्ट्स एक संवेदनशील नॉन-सर्जिकल प्रक्रिया है जो आपके चेहरे की ढ़ीली हुई त्वचा को टाइट करने का काम करता है। जो आपको जवान दिखाने में मदद करता है। फीदर इसे लिफ़्ट सर्ज़री के नाम से भी जाना जाता है। इस सर्जरी धागों की मदद से त्वचा को भौहों, गालों, चेहरे और गले की झुलती हुई त्वचा को हल्के से खींचा जाता है। इस सर्ज़री में त्वचा पर कोई निशान नहीं पड़ता।  थ्रेड लिफ्ट्स में चोट को लगाए जानेवाले टांकों के दौरान इस्तेमाल होनेवाले धागों की तरह के धागों का इस्तेमाल किया जाता है। थ्रेड लिफ्टस की शुरुआत से पहले त्वचा पर निशान बनाए जाते हैं। जहां से थ्रेड लिफ्ट्स की शुरुआत करनी है और जहां ख़त्म करना है और आगे बढ़ने की दिशा को मार्कर की मदद से उकेरा जाता है। मार्किंग के अनुसार डर्मटालजिस्ट धागों को त्वचा में डालता है। इन धागों को सीरिंज की मदद से त्वचा में उतारा जाता है जो ढ़ीली हो चुकी त्वचा को कसने के साथ उसे आकर्षक भी बनाता है। यह एक सस्पेंशन केबल की तरह काम करता है जो सहारा देने का काम करता है। धागों के साथ नये कोलजन बनते हैं जो त्वचा को कसने का काम करते हैं और ट्रीटमेंट लेने वाली व्यक्ति को मनचाहे ढ़ंग से स्किन लिफ्ट मिलती है।

इन धागों में एक ऐसे मटेरिअल का इस्तेमाल होता है जो एक घुलनशील टांका है और थ्रेड लिफ्ट के लिए उपयोग के लिहाज से बहुत ही सुरक्षित हैं। क्योंकि इसका बहुत सी सर्ज़री और मेडिकल कार्यों के लिए इस्तेमाल होता है। यही नहीं एक मटेरिअल के तौर पर भी इससे कभी साइड-इफेक्ट नहीं हुए।

थ्रेड लिफ़्ट किसे करानी चाहिए?

अगर आपको आपके चेहरे और गले की त्वचा लटकती हुई दिखे तो आप यह ट्रीटमेंट ले सकते हैं। साथ ही 30 साल से 60 साल की उम्र के ऐसे लोग जिनकी त्वचा अच्छी है उन्हें थ्रेड लिफ्ट करानी चाहिए।

इसका असर कितने समय तक रहता है?

सर्ज़िकल लिफ़्ट के उलट थ्रेड लिफ़्ट नॉन सर्ज़िकल है और इसलिए इसके फायदे 18 महीने से 5 सालों तक रह सकता है। हालांकि यह ट्रीटमेंट करानेवाले व्यक्ति की उम्र, इस्तेमाल किए जा रहे धागों की संख्या और ट्रीटमेंट के बाद के रखरखाव पर आधारित होता है।

इसके साइड-इफेक्ट्स क्या हो सकते हैं?

कुछ मामलों में प्रक्रिया के बाद घाव और निशान बन जाते हैं। हालांकि अगर किसी अनुभवी डर्मटालजिस्ट से यह ट्रीटमेंट करायी जाती है तो इसके साइड-इफेक्ट बहुत कम होते हैं। इसीलिए बहुत ज़रूरी हो जाता है कि आप किसी अनुभवी और योग्य डर्मटालजिस्ट से ट्रीटमेंट कराएं। कुछ लोगों को सूजन, थकान और त्वचा फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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