
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : October 20, 2020 8:10 PM IST
इस तरह करें बच्चों के स्कैल्प और बालों की देखभाल, कभी नहीं होगी हेयरफॉल और डैंड्रफ की समस्या
जिस तरह बड़े लोग अपनी स्किन और बालों की देखभाल करते हैं ठीक उसी तरह शिशुओं को भी इसकी जरूरत होती है। बच्चों के बाल और उनकी स्किन बहुत सेंसटिव होती है इसलिए उनकी केयर भी उसी तरह से करने की आवश्यकता होती है। शिशु की स्किन और स्कैल्प पर प्रॉडक्ट्स बहुत सोच समझकर चुनने की आवश्यकता होती है। इसके लिए आपको न सिर्फ प्रॉडक्ट की मात्रा पता होनी चाहिए बल्कि उसे यूज़ करने का सही तरीका भी पता होना चाहिए। जब आप बचपन में ही शिशु की स्किन और स्कैल्प की देखभाल करेंगे तो उसे बड़े होकर अपने स्किन और हेयर केयर रूटीन को चुनने से काफी मदद मिलेगी। तो आइए जानते हैं शिशु की स्किन व बालों की देखभाल करने के तरीके-
आमतौर पर बच्चों की स्कैल्प सूखी रहती है और उन्हें डेंड्रफ होता है। सिर्फ यही नहीं बच्चों की हेयर ग्रोथ भी बहुत कम होती है। इन सभी समस्याओं को आप शिशु के सिर में तेल लगाकर कर सकते हैं। कोशिश करें कि बच्चों की स्कैल्प में मालिश करने के लिए आप सरसों का तेल, नारियल का तेल, जैतून का तेल या फिर अरंडी का तेल जैसे नेचुरल तेल चुनें।
आपके बच्चे की त्वचा और बालों की देखभाल के लिए हमेशा कोशिश करें कि आप नेचुरल प्रॉडक्ट्स को चनें। प्रॉडक्ट को खरीदने से पहले देख लें कि उसमें सिंथेटिक रंग, खनिज तेल, पैराबेन, अल्कोहल और फ़ाथलेट्सन नहीं होना चाहिए।
आंवला, मेथी, और भृंगराज जैसी जड़ी-बूटियों वाले हेयर ऑयल बालों के विकास के लिए अच्छे होते हैं। इसके अलावा ये स्कैल्प को नमी और जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं और ड्रायनेस को रोकते हैं। इससे बच्चों में डेंड्रफ, हेयरफॉल और सिर की खुजली की समस्या दूर होती है। बालों के घनत्व को सुधारने के लिए गोटू कोला नामक जड़ी-बूटियों में से एक है। जबकि मेथी बालों के रोम को मजबूत करती है और बालों के झड़ने को रोकती है।
शिशु की स्किन और स्कैल्प के बेहतर विकास के लिए मसाज भी बहुत जरूरी है। इससे स्किन में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर तरह से होता है जिससे बालों को बढ़ने में मदद मिलती है। साथ ही इससे बड़े होकर शिशु को स्किन संबंधी समस्याएं होने का डर भी नहीं रहता है।