स्किन पर दिखने वाले छोटे-छोटे मस्से क्या कैंसर का लक्षण होते हैं? जानें इनके कारण और राहत के घरेलू उपाय

स्किन टैग्स शरीर के किसी भी हिस्से पर हो सकते हैं और ये एक्स्ट्रा स्किन सेल्स बनने की वजह से होते हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 24, 2023 7:01 AM IST

Skin Tags Causes And Home Remedies:स्किन टैग एक स्किन प्रॉब्लम है जो बहुत कॉमन तो नहीं है पर कई लोगों के लिए यह एक बड़ी समस्या हो सकती है। स्किन टैग्स त्वचा पर दिखने वाली छोटी गांठें हैं जो त्वचा पर लटके हुए या चिपके हुए से दिखायी देते हैं। आमतौर पर स्किन टैग्स गर्दन या कंधों के आसपास की त्वचा पर दिखायी देते हैं। हालाकि, स्किन टैग्स शरीर के किसी भी हिस्से पर हो सकते हैं और इन गांठों से कैंसर होने का खतरा भी लगभग ना के बराबर ही होता है। लेकिन, गर्दन या शरीर के अन्य खुले हिस्सों पर स्किन टैग्स दिखने के कारण लोगों का कॉन्फिडेंस कम हो सकता है और इसकी वजह से कई बार वे शर्मिंदगी या चिंता भी महसूस कर सकते हैं।

त्वचा पर दिखने वाले सफेद मस्सों या स्किन टैग्स के बारे में एक्सपर्ट्स का मानना है कि आधी उम्र बीतने के बाद यानि 40 साल की उम्र के बाद लोगों को मस्से होने की समस्या अधिक होती है। वहीं, स्किन टैग्स महिलाओं और पुरुषों दोनों को होती है लेकिन, एक्सपर्ट्स द्वारा यह दावे भी किए जाते हैं कि महिलाओं की त्वचा पर स्किन टैग्स ज्यादा दिखायी देते हैं। (skin tag in women)

क्यों महिलाओं को अधिक होती है स्किन टैग्स की समस्या (Reasons skin tags are common in women in Hindi)

एक्सपर्ट्स के अनुसार, पुरुषों की तुलना में महिलाओं को स्किन टैग्स अधिक होते हैं। जेनाइटल एरिया में होने वाले मस्से (genital tag), गांठ और वार्ट्स भी महिलाओं में अधिक दिखायी देते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार जेनाइटल एरिया में स्किन टैग्स तब बनते हैं जब त्वचा की ऊपरी परत पर एक्स्ट्रा सेल्स बनने और जमा होने लगती हैं। ये स्किन सेल्स बनने के कई कारण हो सकते हैं जैसे-

स्किन का रगड़ खाना

खासकर ऐसी जगह जहां स्किन में सिलवटें पड़ती हों या जहां स्किन की कई लेयर्स जमा होती हों। अंडरआर्म्स, घुटनों के पीछे और कोहनी के अंदर या हथेलियों और हाथों के जुड़ने की जगह पर स्किन रगड़ने का खतरा अधिक होता है।

प्रेगनेंसी

गर्भवती महिलाओं में प्रेगनेंसी के दौरान ( विशेषकर दूसरी तिमाही) शरीर में हार्मोनल चेंजेस बहुत तेजी से होते हैं और ऐसे में स्किन टैग्स बन सकते हैं।इसके अलावा,

  • एचपीवी वायरस (Human Pappiloma Virus ) की वजह से इंफेक्शन और स्किन टैग्स बन सकते हैं।
  • डायबिटीज के मरीजों को इंसुलिन रेजिस्टेंस (insulin resistance) की वजह से स्किन टैग्स होते हैं।
  • मोटापे की वजह से भी स्किन टैग होता है।

स्किन टैग्स से राहत के उपाय क्या हैं? (Skin Tags Home Remedies)

सेब का सिरका (Apple cider vinegar)

एप्पल साइडर विनेगर स्किन से जुड़ी कई समस्याओं से राहत दिलाने में कारगर है। स्किन टैग से राहत पाने के लिए रूई को साइडर विनेगर में डुबोएं और उसे स्किन टैग पर रखें। किसी पट्टी की मदद से इसे 12-15 मिनट के लिए यूं ही बंधा रहने दें,फिर पट्टी खोल दें।

नारियल का तेल

नारियल के तेल से स्किन टैग्स की मसाज करें और उसे स्किन पर सूखने दें। फिर ऊपर से कुछ बूंदे लिक्विड आयोडिन (Liquid iodine) फैलाएं और इसे रूई और कपड़े से पट्टी बांध दें।

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