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Written By: Anshumala | Updated : August 25, 2022 5:02 PM IST
क्या है पिगमेंटेशन और इसका इलाज, जानें सबकुछ। © Shutterstock.
हर कोई खूबसूरत दिखना चाहता है। सभी की चाहत होती है कि उसकी त्वचा हमेशा दमकती रहे, पर ऐसा होता नहीं। लोगों को अक्सर त्वचा संबंधी समस्याएं आती ही रहती हैं। इनमें से ही एक समस्या पिगमेंटेशन (Skin Pigmentation) की है। पिगमेंटेशन के बारे में जानना बहुत जरूरी है। पिगमेंटेशन क्या (what is pigmentation) है, क्यों होता हैऔर कितने प्रकार (Skin Pigmentation) का होता है। किस तरह से इसका इलाज (How to treat pigmentation) संभव है?
पिगमेंटेशन (रंजकता) त्वचा (Skin Pigmentation) पर पड़ने वाले काले धब्बों और कहीं-कहीं से त्वचा का रंग डार्क होने (what is pigmentation) को कहते हैं। इसे हाइपरपिगमेंटेशन भी कहा जाता है। किसी के चेहरे पर इसके निशान छोटे होते हैं, तो किसी के काफी बड़े। वैसे, ये हानिकारक नहीं होता है, लेकिन कुछ मामलों में यह मेडिकल समस्या के लक्षण भी हो सकते हैं। इससे त्वचा अस्वस्थ दिखाई देती है।
यह दो प्रकार का होता है, हाइपोपिगमेंटेशन और हाइपर पिगमेंटेशन (Types of pigmentation)। हाइपर पिगमेंटेशन त्वचा की एक नॉर्मल समस्या है। इसमें त्वचा के एक हिस्से का रंग बाकी हिस्से से गहरा हो जाता है। साथ ही साथ स्किन पर धब्बे भी पड़ जाते हैं। आमतौर, पर यह एक सामान्य समस्या है। इसका सबसे बड़ा कारण होता है, त्वचा में मेलानिन का स्तर बढ़ जाना। इस समस्या का सामना लगभग पूरी दुनिया के लोगों को करना पड़ रहा है।
मेलेस्मा या झाईं (Melasma) की समस्या अधिकतर वयस्कों में पाई जाती है। इसमें चेहरे के दोनों तरफ भूरे रंग के निशान आ जाते हैं जैसे-गाल, नाक, माथा और ऊपरी होंठ आदि। वहीं, महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में यह समस्या मात्र 10 फीसदी होती है। यह समस्या अधिकतर महिलाओं में पाई जाती है। पिगमेंटेशन (Skin Pigmentation) का एक प्रकार लिवर स्पॉट भी है, जो ढलती उम्र के निशानों को कहा जाता है। यह भी पिगमेंटेशन का एक रूप है। धूप में अधिक वक्त बिताना, इस समस्या का मूल कारण होता है। इसके लक्षण होते हैं छोटे-छोटे लेकिन गहरे धब्बे। ये अक्सर हाथों और चेहरे में होते हैं।
झाइयां भी त्वचा से जुड़ी सामान्य समस्याओं में से एक है। इसमें भी त्वचा पर निशान पढ़ते हैं, जिन्हें लोग वंशानुगत मानते हैं।
पीआईएच इसे पोस्ट इन्फ्लेमेटरी हाइपर पिगमेंटेशन कहते हैं। यह त्वचा पर चोट लगने के बाद आने वाली समस्या है। कई बार लेजर थेरेपी लेने के बाद भी यह समस्या हो सकती है। आजकल मार्केट में उपलब्ध सौंदर्य प्रसाधन सामग्री में बेहद हानिकारक केमिकल्स होते हैं। ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल भी इस समस्या का कारण होता है।
पिगमेंटेशन होने के कई कारण (causes of pigmentation) होते हैं, जैसे अनुवांशिक लक्षण, अधिक समय तक धूप में रहना, गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करना आदि। वहीं स्किन ट्रीटमेंट और हेयर ड्रायर के अनियमित इस्तेमाल से भी यह परेशानी बढ़ जाती है।
पिगमेंटेशन से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप धूप से बचकर रहें (How to treat pigmentation)। धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाएं। अच्छी क्वालिटी की 30 एसपीएफ वाली सनस्क्रीन लगाएं। सनलाइट से बचने के लिए आप मामाअर्थ अल्ट्रालाइट इंडियन सनस्क्रीन का भी यूज कर सकती हैं। यह क्रीम एसपीएफ 50 के साथ आती है, जो खासकर भारतीयों के हिसाब से एक बेहतरीन प्रोडक्ट है। यह सूर्य की यूवीए और यूवीबी किरणों से लगातार 6 घंटों तक बचाकर रखती है। इससे त्वचा ड्राई नहीं होती, बल्कि नर्म रहती है। यह सनस्क्रीन केमिकल जैसे पैराबेन, मिनरल आयल, सिलिकॉन आदि से पूरी तरह से मुक्त है। इसके इस्तेमाल से आप न सिर्फ चेहरे पर आने वाले पिगमेंटेशन से बच सकती हैं, बल्कि आपके चेहरे का निखार भी बना रहेगा।
अगर आपको क्रीम से फायदा नहीं हो रहा है, तो आप लेजर तकनीक का भी सहारा ले सकते हैं। इसमें कई सेशन लेने पर आपको पिगमेंटेशन से छुटकारा मिल सकता है।
ब्लेमिशेज क्रीम गुलमोहर, शहतूत और विटामिन सी का मिश्रण है। इसका काम हमारी त्वचा में मेलानिन के उत्पादन को कम करना है। मेलानिन के अधिक उत्पादन की वजह से ही डार्क स्पॉट या पिगमेंटेशन जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। मामा अर्थ बाय-बाय ब्लेमिशेज क्रीम त्वचा में मेलानिन का उत्पादन कम करके पिगमेंटेशन जैसी समस्याओं को दूर करती है। साथ ही त्वचा के प्राकृतिक रंग और निखार को बनाए रखती है। यह ज्यादा ऑयली नहीं होती इसलिए आसानी से स्किन के अंदर तक घुसकर काम करती है। हर तरह की त्वचा पर जैसे ऑयली, शुष्क, सामान्य या संवेदनशील पर इस उत्पाद का इस्तेमाल कर सकते हैं।
कोको बटर त्वचा को पोषित करने और नर्म बनाता है (Home Remedies for Pigmentation)। कोको बटर त्वचा को प्राकृतिक रूप से पोषित कर निखारने में सहयोग करता है। साथ ही पिगमेंटेशन को दूर करने के लिए इसे दिन में तीन बार इस्तेमाल करना चाहिए।
पिगमेंटेशन से राहत पाने के लिए कच्चा आलू भी इस्तेमाल किया जा सकता है। कच्चा आलू हमारी त्वचा के लिए पोषक होता है। इसे छीलकर स्किन पर मलने से पिगमेंटेशन में राहत मिलती है।
नींबू और शहद का मेल त्वचा को बेदाग बनाने का बेहद कारगर उपाय है। जहां चेहरे के दाग-धब्बे हटाने का काम नींबू करता है, तो वहीं शहद त्वचा में कसाव प्रदान कर प्राकृतिक पोषण देता है। पिगमेंटेशन को दूर करने के लिए नींबू और शहद के मिश्रण को 10 मिनट तक चेहरे पर लगा रहने दें। अब चेहरा धो दें।
डार्क स्पॉट दूर करने के लिए एक चम्मच चंदन पाउडर, आधा चम्मच ग्लिसरीन और एक चम्मच गुलाबजल लें। यह सारी सामग्री एक बाउल में डालकर मिला लें। पहले अपने चेहरे को धोकर अच्छी तरह से सुखा लें। अब पेस्ट को पूरे चेहरे पर लगाएं, आंखें और होठों को छोड़कर। 20 मिनट पेस्ट लगा रहने के बाद करीब 5 मिनट तक चेहरे पर अच्छी तरह से मसाज करें। अब पानी से चेहरा धो लें। यह घरेलू नुस्खा आप रोज ट्राई कर सकती हैं।