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Written By: Mousumi Dutta | Updated : November 20, 2017 7:06 PM IST
सुंदर दिखना कौन नहीं चाहता लेकिन सवाल ये है कि मंहगे क्रीम,पावडर, लोशन, ब्यूटी पार्लर की कितने भी चक्कर काटे अगर चेहरे की रौनक लौट नहीं पा रही है तो इसके पीछे एक कारण है। आप सोच भी नहीं पायेंगे कि इसके पीछे वायु प्रदूषण एक बहुत बड़ा कारण है। वातावरण में जो जहरीला धूंआ, धूंध यानि स्मॉग, रासायनिक प्रदूषण फैला हुआ है वह लंग्स से लेकर हार्ट डिज़ीज होने का खतरा पैदा कर रहा है। वहीं दूसरी ओर प्रदूषण के कारण हवा में नमी कम हो रही है जिसके कारण स्किन ड्राई और रूखी सूखी हो रही है। इस रूखे बेजान त्वचा पर धब्बे, झुर्रियां आने शुरू हो जाती है जिसके कारण कम उम्र में बढ़ते उम्र के लक्षण नजर आने लगते हैं।
ब्यूटी एक्सपर्ट शहनाज हुसैन के अनुसार शरीर के बाकी हिस्सों की बजाय स्किन पर वायू प्रदूषण का सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है। वायू प्रदूषण सबसे पहले त्वचा के बाहरी हिस्से पर असर करता है जिससे त्वचा पर प्रदूषण के विषैले तत्व जम जाते है त्वचा में खुजली तथा एलर्जी पैदा होने लगती है। प्रदूषण का त्वचा पर तत्कालीन तथा दीर्घकालीन दोनों प्रकार के प्रभाव होते है।
केमिकल पोल्युशन से वातावरण में आक्सीजन की मात्रा में कमी आती है जिससे स्किन का लचीलापन कम हो जाता है तथा एलर्जी, गंजापन, तथा अन्य त्वचा के रोगों का खतरा बढ़ता जा रहा है फल ये हो रहा है कि आप समय से पहले ही बूढ़े तथा थके हुए नजर आने लगते हैं। उसे डेड स्किन, ड्राई तथा उलझे बाल तथा प्राणशक्ति में कमी आ जाती है, शहरी क्षेत्रों में रहने वाले विशेषकर महिलाओं को प्रदूषण के प्रभाव से बचने के उपाय करने चाहिए। प्रदूषण की वजह से त्वचा पर जमे मैल, गन्दगी तथा प्रदूषक तत्वों की त्वचा से नियमित सफाई अत्यन्त महत्वपूर्ण मानी जाती है। ड्राई स्किन के मामले में क्लीजिंग क्रीम या जैल का प्रयोग कीजिए। ऑयली स्किन के मामले में क्लीजिंग मिल्क या फेश वाश का उपयोग कीजिए। ऑयली स्किन में क्लीजिंग के बाद फेशियल स्क्रब का प्रयोग कीजिए।
आप क्लींजर खरीदते समय चन्दन, नीम, तुलसी, ऐलोवेरा नीलगिरी पुदीना जैसे तत्वों से विद्यमान क्लींजर खरीदने को प्राथमिकता दें। इन क्लीजरों में जहरीले तत्वों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता की वजह से त्वचा की मैल तथा गन्दगी को साफ करने तथा फोड़े फुन्सियों के उपचार में मदद मिलती है। उदाहरण के तौर पर ऐलो वेरा प्रभावकारी मॉश्चराइजर तथा एंटी ऑक्सिडेंट माना जाता है। खुबानी, गुठली तेल, गाजर के बीज आदि पौषक तत्वों जिस क्लींजर में हो वह त्वचा के इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करता है। सौन्दर्य विशेषज्ञ शहनाज हुसैन के अनुसार यदि आपकी त्वचा कील, मुहांसे, फुंसी आदि ज्यादा आते हैं तो आपको उन विशेष क्रीम का उपयोग करना चाहिए जो कि त्वचा से तैलीय पदार्थो को कम करके त्वचा को संरक्षण प्रदान करते हुए समस्या का समाधान करते हैं।
त्वचा को धोने के बाद त्वचा में ताजगी तथा निखार के लिए त्वचा को गुलाब जल से धोइए। काटनवूल को ठण्डे गुलाब जल में डुबोइए तथा इससे त्वचा को टोन कीजिए। इससे त्वचा के रक्त संचार में बढ़ौतरी होती है तथा त्वचा में लालिमा तथा आभा का संचार होता है। ग्रीन चाय भी स्किन टोकर का कार्य करती है। यदि चेहरे पर फोड़े, फुन्सियां आदि हो तो चन्दन पेस्ट में गुलाब जल मिलाकर इसे चेहरे पर लगाने के आधे घंटे बाद धो डालिए। प्रदूषण के शरीर की त्वचा के प्रभाव को करने में ‘‘कवर क्रीम’ महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। चन्दन क्रीम त्वचा को प्रदूषण से बचाने में काफी प्रभावी मानी जाती है। यह चेहरे पर रक्षात्मक कवर बना देती है तथा त्वचा को ठण्डक प्रदान करती है। यह त्वचा मे नमी बनाए रखने की क्षमता को बढ़ाती है तथा सभी प्रकार की त्वचा के लिए उपयोगी है।
यदि आप प्रदूषण भरे वातावरण में लम्बी यात्रा करते हैं तो आपके बाल सूखे, निर्जीव तथा बेजान हो सकते है। बालों में ताजगी बनाए रखने के लिए बालों को नियमित रूप से ताजे पानी से धोना चाहिए ताकि स्कैल्प पर जमे विषैली तत्वों तथा मैल को साफ किया जा सके।
सौन्दर्य विशेषज्ञ शहनाज हुसैन के अनुसार बालों में शैम्पू, सीरम तथा कंडीशनर लगाने से बालों का सामान्य संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। आंवला मेहन्दी, ब्राहमी त्रिफला,भृंगराज आदि तत्वों से बना शैम्पू से बालों को ताजगी तथा पौष्टिकता प्रदान करने में मदद मिलती है। बालों में ताजगी लाने के लिए एक चम्मच शहद सिरका तथा एक अण्डे का मिश्रण बनाकर इसे हल्के से खोपड़ी पर लगाकर आधा घंटा बाद बालोें को ताजे, साफ पानी से धो डालिए।
शुद्ध नारियल तेल को गर्म करके इसे बालों पर लगाकर हॉट थेरेपी दीजिए। तौलिए को गर्म पानी में डुबोकर पानी को निचोड़ने के बाद तौलिए को बालों में पगड़ी की तरह पांच मिनट तक लपेट लीजिए तथा इस प्रक्रिया को 3-4 बार दोहराइए उससे बालों तथा खोपड़ी में तेल को सोखने में मदद मिलेगी।
बालों में रात को सोते समय तेल की मालिश कीजिए तथा रात्रि भर बालों में तेल लगा रहने दीजिए तथा सुबह ताजे साफ पानी से बालों को धोइए।
वायु में प्रदूषण तथा गन्दगी की वजह से आंखों में जलन तथा लाली आ जाती है। इस दौरान आंखों को स्वच्छ ताजे स्वच्छ पानी से धोना चाहिए। आंखों को ठण्डक तथा ताजगी प्रदान करने के लिए काटनवूल पैड को ठण्डे गुलाब जल में भीगोकर आंखों पर आईपैड की तरह रखकर नीचे 15 मिनट तक आराम से लेट जाइए। इससे आंखों की थकान मिटेगी तथा आंखों में चमक आएगी।
स्रोत: अन्र्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सौन्दर्य विशेषज्ञ है तथा हर्बल क्वीन शहनाज़ हुसैन
चित्र स्रोत:सौन्दर्य विशेषज्ञ है तथा हर्बल क्वीन शहनाज़ हुसैन
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