
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Medically Verified By: Dr. Sindhura Mandava
Scalp Fungal infection
Scalp Fungal Infection : सिर में खुजली होना, डैंड्रफ जैसी परत निकलना या बालों का झड़ना आम समस्याएं मानी जाती हैं। अधिकतर लोग इन्हें डैंड्रफ, मौसम में बदलाव या गलत शैंपू का असर समझकर इग्नोर कर देते हैं। लेकिन अगर इस तरह की परेशानी लगातार बनी रहे, सिर पर गोल-गोल पैच बनने लगें या किसी हिस्से के बाल तेजी से झड़ने लगें, तो यह स्कैल्प फंगल इंफेक्शन की ओर इशारा कर सकता है।
हैदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल की कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट और एस्थेटिशियन डॉ. सिंधुरा मंडावा का कहना है कि स्कैल्प फंगल इंफेक्शन एक संक्रामक बीमारी है, जो फंगस के कारण होती है। यह सिर्फ सिर की स्किन को ही नहीं, बल्कि बालों की जड़ों को भी प्रभावित करती है। समय पर इलाज न मिलने पर इंफेक्शन बढ़ सकता है और कुछ मामलों में बालों का स्थाई रूप से झड़ना भी हो सकता है। अच्छी बात यह है कि सही समय पर पहचान और सही इलाज से अधिकतर मरीज पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।
स्कैल्प फंगल इंफेक्शन को मेडिकल भाषा में टिनिआ कैपिटिस कहा जाता है। यह इंफेक्शन डर्मेटोफाइट्स फंगी नामक फंगस की वजह से होता है। ये फंगस शरीर में मौजूद कैराटीन पर पनपते हैं, जो बालों, स्किन और नाखूनों का मुख्य प्रोटीन है। सबसे आम फंगस हैं ट्राइकोफाइटन टोनसुरन्स और माइक्रोस्पोरम कैनिस है। ये फंगस बालों की जड़ों तक पहुंचकर उन्हें कमजोर बना देते हैं, जिससे बाल टूटने और झड़ने लगते हैं।
यह इंफेक्शन किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में इसका स्कैल्प फंगल इंफेक्शन का अधिक रिस्क होता है, जैसे-
मानसून के दौरान नमी और पसीने की वजह से फंगस तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए इस मौसम में स्कैल्प इंफेक्शन के मामले अधिक देखने को मिलते हैं।
सीसीडी के मुताबिक, यह इंफेक्शन एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल सकता है। इसके फैलने के प्रमुख कारण हो सकते हैं -

शुरुआत में इसके लक्षण डैंड्रफ जैसे लग सकते हैं, लेकिन समय के साथ इनमें अंतर साफ दिखाई देने लगता है। इसके कुछ लक्षण निम्न हैं-
अगर संक्रमण बढ़ जाए तो स्कैल्प पर मोटी पपड़ी बन सकती है और दर्द भी होने लगता है।
डैंड्रफ और फंगल इंफेक्शन को लोग अक्सर एक ही समझ लेते हैं, जिसकी वजह से इलाज में देरी हो जाती है। ऐसे मं दोनों के बीच के अंतर को समझना जरूरी है। आइए जानते हैं-
| डैंड्रफ | स्कैल्प फंगल इंफेक्शन |
| सिर्फ सफेद परत | लाल चकत्ते और पैच |
| बाल सामान्य रहते हैं | बाल टूटने और झड़ने लगते हैं |
| ज्यादा दर्द नहीं | दर्द और सूजन हो सकती है |
| संक्रामक नहीं | संक्रामक होता है |
| सामान्य शैंपू से कंट्रोल हो सकता है | दवा की जरूरत पड़ती है |
अगर एंटी-डैंड्रफ शैंपू लगाने के बाद भी समस्या 2 से 3 सप्ताह तक बनी रहे, तो किसी अच्छे डर्मेटॉलोजिस्ट से संपर्क जरूर करें। ताकि स्थिति को समय से सुधार किया जा सके।
अधिकतर मामलों में फंगल इंफेक्शन खतरनाक नहीं होता है, लेकिन इसे हल्के में लेना भी सही नहीं है। अगर आप फंगल इंफेक्शन के इलाज में देरी करते हैं, तो कुछ परेशानियां हो सकती हैं, जैसे-
Scalp Infection
डॉक्टर का कहना है कि बच्चों में समय पर इलाज न मिलने पर स्थाई हेयर लॉस का खतरा बढ़ सकता है।
डॉक्टर कहते हैं कि कई लोग मानते हैं कि सिर में खुजली या रूसी जैसी समस्या कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाएगी। लेकिन असल में ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता है। NCBI की रिपोर्ट में भी कहा गया है कि स्कैल्प फंगल इंफेक्शन के मामले में ऐसा नहीं होता। क्योंकि यह संक्रमण सिर्फ स्किन की ऊपरी परत तक सीमित नहीं रहता, बल्कि बालों की जड़ों तक पहुंच जाता है। यही वजह है कि सिर्फ एंटी-डैंड्रफ शैंपू या घरेलू नुस्खों से इसे पूरी तरह ठीक करना मुश्किल होता है।
डॉक्टर कहते हैं कि अगर संक्रमण का समय पर इलाज न किया जाए तो फंगस तेजी से फैल सकता है और सिर के अन्य हिस्सों के साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्यों तक भी पहुंच सकता है।
नहीं, यह कई बार लोगों की बड़ी गलतफहमी हो जाता है कि एंटी डैंड्रफ शैंपू से फंगल इंफेक्शन का इलाज हो सकता है। ध्यान रखें कि डैंड्रफ और फंगल इंफेक्शन अलग-अलग समस्याएं हैं। एंटी-डैंड्रफ शैंपू रूसी को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन स्कैल्प फंगल इंफेक्शन का इलाज नहीं कर सकते।
डॉक्टर स्कैल्प फंगल इंफेक्शन होने पर केटोकोनाजोल या सेलेनियम सल्फाइड युक्त मेडिकेटेड शैंपू लिखते हैं, लेकिन इनका उद्देश्य सिर्फ स्कैल्प पर मौजूद फंगस की मात्रा कम करना और संक्रमण के फैलाव को रोकना होता है। संक्रमण को पूरी तरह खत्म करने के लिए आमतौर पर ओरल एंटीफंगल दवाओं की जरूरत पड़ती है।
इस परेशानी को कितने दिनों में ठीक किया जा सकता है, यह संक्रमण की गंभीरता और फंगस के प्रकार पर निर्भर करती है। अधिकतर मरीजों में इलाज 4 से 8 सप्ताह तक चलता है। कुछ मामलों में डॉक्टर इससे अधिक समय तक दवा लेने की सलाह भी दे सकते हैं। अगर मरीज बीच में दवा बंद कर देता है, तो संक्रमण दोबारा लौट सकता है।
डॉक्टर कहते हैं कि सोशल मीडिया पर अक्सर दावा किया जाता है कि नारियल तेल, टी ट्री ऑयल, लहसुन, नींबू या एलोवेरा जैसी चीजों को लगाने से फंगल इंफेक्शन ठीक हो जाता है।
हालांकि, अभी तक ऐसे मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं कि ये घरेलू उपाय स्कैल्प फंगल इंफेक्शन को पूरी तरह खत्म कर सकते हैं। कुछ नैचुरल चीजों में एंटीफंगल गुण जरूर पाए गए हैं, लेकिन इन्हें मेडिकल इलाज का विकल्प नहीं माना जाता। अगर घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने से इलाज में देरी होती है, तो संक्रमण गंभीर हो सकता है।
Disclaimer : सिर में होने वाला फंगल इंफेक्शन एक आम लेकिन अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली समस्या है। इसकी शुरुआत साधारण खुजली या रूसी जैसी दिख सकती है, लेकिन इलाज में देरी होने पर यह बालों की जड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है। यदि लगातार खुजली, गोल पैच में बाल झड़ना, सूजन या पस जैसी समस्या दिखे, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा रोग विशेषज्ञ से तुरंत सलाह लेना बेहतर है। सही समय पर उपचार से अधिकांश मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं।