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इन टिप्‍स के साथ महिलाएं भूल जाएं उम्र के बदलाव

कोई नया एडवेंचर शुरु करें। यह जिंदगी को दोगुने उत्साह से भर देगा। पार्टनर से अपनी कल्पनाओं को शेयर करें। हो सकता है ऐसी ही कुछ कल्पनाएं उनकी भी हों।

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Written By: Yogita Yadav | Updated : September 12, 2019 4:04 PM IST

खुश रहना (Happiness Tips) असल में इतना मुश्किल नहीं है, जितना आप समझ रही हैं। चालीस की उम्र के बाद महिलाओं में बहुत सारे बदलाव आते हैं। खासतौर वे लोगों को इतना परख चुकी होती हैं, कि अब उन्‍हें कोई मूर्ख नहीं बना सकता। कभी-कभी यही समझदारी हमें खुश होने से रोक देती है। इसलिए अगर आप भी 40 की उम्र के करीब पहुंच रहीं हैं, तो घबराएं नहीं। इन छोटे-छोटे टिप्‍स (Happiness Tips after 40) को फॉलो कर आप अपनी हैप्‍पीनेस बरकरार रख सकती हैं।

क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट 

चालीस के बाद महिलाएं अक्‍सर कई तरह के तनाव से घिरने लगती हैं। गाइनीकॉलोजिस्‍ट डॉ अनिला कौल इसे वह खूबसूरत उम्र बताती हैं जब आप अपनी आधी से ज्‍यादा जिम्‍मेदारियों से मुक्‍त हो चुकी होती हैं। हार्मोनल बदलावों से घबराने की बजाए, इनका आनंद लें इन बीस जरूरी टिप्‍स के साथ। आपके हार्मोन्‍स में तेजी से बदलाव हो रहा है। घबराएं नहीं, यह प्राकृतिक है और सभी महिलाएं इन बदलावों का सामना करती हैं।प्रोजेस्टेरोन में कमी आने लगती है, जिसकी वजह से पीरियडस अनियमित या अधिक होना आम बात है।

बढ़ जाते हैं मूड स्विंग  

इस उम्र में मूड स्विंग बहुत होते हैं। इसलिए कोई एक अच्‍छा दोस्‍त जरूर हो, जिसके साथ समय बिताते हुए आप खुशी महसूस करें। हार्मोन्‍स में हो रहे बदलाव के कारण अवसाद या तनाव भी हो सकता है। सोच को पॉजीटिव रखें, जिंदगी पॉजीटिव रहेगी।  इस उम्र में कुछ चीजें बहुत पसंद हो सकती हैं, लेकिन उनके साइड इफैक्‍ट भी हो सकते हैं।

डाइट का रखें ध्‍यान 

इसलिए आहार में सावधानी बरतें। पाचन शक्ति कमजोर हो रही है, तो दिनचर्या और आहार संतुलित रखें। छोटी –मोटी चीजें भूल जाना कोई बीमारी नहीं, उम्र के सामान्‍य से संकेत हैं। चाबियां रखकर भूल जाएं या नंबर मिलाना याद न रहे, तो गिल्‍ट महसूस न करें। जरूरी चीजों की डायरी लिखने की आदत डालें।

अनुभवों को एन्‍ज्‍वॉय करें 

इस उम्र तक आप बहुत संघर्ष कर चुकी हैं। आपके दोस्‍त, आपके परिजन आपकी अहमियत समझ चुके हैं। इस अनुभव को महसूस करें।छोटी-बड़ी चुनौतियों का सामना करते हुए जो आत्‍मविश्‍वास पाया है, उसे संभालें और दूसरों की मदद के लिए इस्‍तेमाल भी करें। जो लोग पसंद नहीं है, उनसे ख्‍वामखाह जुड़े रहने की क्‍या जरूरत। यह इमेज बिल्डिंग का नहीं, जिंदगी को एन्‍ज्‍वॉय करने का समय है।

थोड़ी फेशनेबल हो जाएं 

बाल पकने लगे है, झड़ने लगे हैं, तो तनाव न लें। कोई फैशनेबल हेयर कट करवाएं, हेयर कलर इस्‍तेमाल करें और अपने लिए मेकओवर करें।  नींद खूब आती है। नियमित दिनचर्या और व्‍यायाम से इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है। झुर्रियों, डार्क सर्कल से घबराएं नहीं, दोस्‍ती कर लें। यह बिना अनुभव के नहीं मिलते।

ध्‍यान और व्‍यायाम 

ध्‍यान और अध्‍ययन के लिए यह बेहतर समय है। छूटे हुए किसी पुराने शौक को फि‍र से ताजा करें। दर्द के वे निशान जो उम्र भर सालते रहे, अब उन्‍हें भूल जाएं। वे घटनाएं सबक सिखाने के लिए घटी थीं और अब बीती हुई बात है। बुढ़ापे के संकेत जल्‍दी न नजर आएं इसके लिए नियमित स्‍वास्‍थ्‍य जांच करवाती रहें और ध्‍यान भी रखें।

न घबराएं एक्‍सपेरीमेंट से 

कोई नया एडवेंचर शुरु करें। यह जिंदगी को दोगुने उत्‍साह से भर देगा। पार्टनर से अपनी कल्‍पनाओं को शेयर करें। हो सकता है ऐसी ही कुछ कल्‍पनाएं उनकी भी हों। सेक्‍स के लिए यह परफेक्‍ट उम्र है। निश्चिंत होकर अपने पार्टनर के साथ समय बिताएं। यात्राओं, सामाजिकता, परिवेश में अवसाद और तनाव को कम करने के नुस्‍खे छुपे हैं। इनका भी आनंद लें।

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