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Written By: Anshumala | Published : September 26, 2018 8:54 PM IST
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कील-मुंहासे होना यूं तो आम बात है। अक्सर बढ़ती उम्र में यह समस्या युवाओं में देखने को मिलती है। लड़कियां और महिलाएं इससे ज्यादा परेशान रहती हैं, क्योंकि इससे उनकी खूबसूरत त्वचा बदरंग हो जाती है। क्या कभी आपने सोचा है कि यह मामूली सी समस्या तनाव का कारण भी बन सकती है? ब्रिटिश जर्नल ऑफ डर्मटोलॉजी में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, जो महिलाएं और लड़कियां त्वचा संबंधी समस्याओं से जूझ रही होती हैं, उनमें शुरुआत के पांच सालों में तनाव का शिकार होने की संभावना सबसे अधिक होती है। (इसे भी पढ़ें- मुंहासे और डार्क सर्कल से हैं परेशान, चंदन करेगा सभी समस्याओं का समाधान)
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलगैरी कनाडा की पीएचडी की छात्रा इजाबेल वालेरैंड, जो कि इस शोध की प्रमुख थीं का कहना है कि इस शोध से मानसिक स्वास्थ्य और त्वचा के रोगों के संबंध के बारे में जानकारी मिली है। इस शोध के लिए शोधकर्ताओं ने हेल्थ इम्प्रूवमेंट नेटवर्क से भी साल 1986 से 2012 के बीच के आंकड़े इकट्ठे किए।
17,31,608 महिलाओं पर किया गया शोध
इस शोध में 17,31,608 महिलाओं और 1,34,427 पुरुषों का डाटा शामिल किया गया, जिन्हें 15 वर्षों तक निगरानी में रखा गया था। इस शोध की शुरुआत के समय इनमें से अधिकांश 19 वर्ष से कम के थे। (इसे भी पढ़ें- मुंहासों को फोड़ने से होंगे कई नुकसान, अपनाकर ये घरेलू नुस्खे पाएं खूबसूरत त्वचा)
प्रथम वर्ष में सबसे ज्यादा तनाव
शोध के निष्कर्ष से खुलासा हुआ कि एक साल तक त्वचा की परेशानी से जूझने वालों में तनाव का खतरा सबसे अधिक होता है। त्वचा की समस्या से पीड़ित में तनाव की संभावना स्वस्थ व्यक्ति से 63 प्रतिशत तक अधिक होती है।