
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Medically Verified By: Dr. Viashali Kamat
skin care
आजकल बच्चे से लेकर बड़े तक स्किनकेयर रूटीन फॉलो कर रहे हैं, जिसमें वह अलग-अलग तरह के एक्टिव इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। आपने विटामिन सी, ई, नियासिनामाइड, हायलूरॉनिक एसिड और रेटिनॉल का नाम सुना होगा। हाल में इसका इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ रहा है। आज हम इस आर्टिकल में जानेंगे कि स्किन के लिए विटामिन सी और नियासिनामाइड में से कौन सा ज्यादा अच्छा है।
डॉ. बत्राज हेल्थकेयर की हेड ऑफ एस्थेटिक्स डॉक्टर वैशाली कामत के अनुसार “हम दोनों के इस्तेमाल की सलाह देते हैं, फिर भी कई लोग यह तय नहीं कर पाते कि उनकी स्किन के लिए कौन-सा इंग्रीडिएंट बेहतर है। ऐसा कोई एक इंग्रीडिएंट नहीं है जो हर किसी के लिए सबसे अच्छा काम करे। चुनाव व्यक्ति की स्किन के प्रकार, समस्याओं और त्वचा की ओवरऑल हेल्थ पर निर्भर करता है।” आइए हम विटामिन सी और नियासिनामाइड के इस्तेमाल के बारे में विस्तार से जानते हैं।
नियासिनामाइड क्या काम करता है?(Image Credit- ChatGPT)
डॉक्टर ने बताया कि नियासिनामाइड विटामिन B3 का एक रूप है। यह अपने कई फायदों और ज्यादातर स्किन टाइप के लिए उपयुक्त बिठाने की क्षमता के लिए जाना जाता है। यह स्किन बैरियर को मजबूत बनाने में मदद करता है, जिससे स्किन की ओवरऑल मजबूती बढ़ती है। हाइड्रेशन बनाए रखने और बाहरी नुकसान से त्वचा को बचाने में नियासिनामाइड मदद करता है।
एक्सपर्ट के अनुसार “नियासिनामाइड ऑयली और कॉम्बिनेशन स्किन के लिए खास तौर पर फायदेमंद है, क्योंकि यह स्किन को बहुत ज्यादा ड्राई किए बिना अतिरिक्त सीबम के उत्पादन को कंट्रोल करने में मदद करता है। साथ ही यह बड़े पोर्स को कम करने, स्किन की बनावट को बेहतर बनाने और जलन या मुंहासों से जुड़ी रेडनेस को कम करने में भी मदद करता है।”
विटामिन सी अपने पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण सबसे भरोसेमंद स्किनकेयर इंग्रीडिएंट्स में से एक है। हर उम्र के लोग इसे पसंद करते हैं और स्किनकेयर रूटीन में शामिल करते हैं। डॉक्टर ने इसके कुछ फायदे बताए हैं जो इस प्रकार हैं-
विटामिन सी के फायदे (Image Credit- ChatGPT)
डॉक्टर बताती हैं कि विटामिन सी डल स्किन को चमकदार बनाने और धूप या मुंहासों के कारण होने वाले पिगमेंटेशन और काले धब्बों को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा, विटामिन सी कोलेजन बनाने में मदद करता है, जो बढ़ती उम्र में भी स्किन की टाइटनेस और लचीलेपन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।
डॉक्टर सलाह देती हैं कि हालांकि यह आम तौर पर असरदार है, लेकिन विटामिन C कभी-कभी बहुत सेंसिटिव स्किन वाले लोगों में हल्की जलन पैदा कर सकता है। खासकर जब इसे अधिक मात्रा में इस्तेमाल किया जाए। इसके फायदों को बढ़ाने के लिए आप इसे धीरे-धीरे इस्तेमाल करना शुरू करें और धूप से स्किन का बचाव करें।
नियासिनामाइड और विटामिन C दोनों के अपने-अपने फायदे हैं, जो उन्हें एक-दूसरे से मुकाबला करने के बजाय अलग-अलग स्किनकेयर जरूरतों के लिए उपयुक्त बनाते हैं।
सही एक्टिव का चुनाव कैसे करें? (Image Credit- ChatGPT)
“हेल्दी स्किन पर सिर्फ स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का ही नहीं, बल्कि कई और चीजों का भी असर पड़ता है। भरपूर हाइड्रेशन, संतुलित पोषण, अच्छी नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और तनाव को सही ढंग से मैनेज करना- ये सभी त्वचा की सेहत में अहम भूमिका निभाते हैं। समय से पहले उम्र बढ़ने से रोकने और धूप से होने वाले नुकसान से त्वचा को बचाने के लिए रोजाना सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना भी सबसे जरूरी उपायों में से एक है।” ऐसा डॉक्टर वैशाली कामत का कहना है।
लगातार पिगमेंटेशन, बार-बार मुंहासे होना, असामान्य सेंसिटिविटी या त्वचा में लंबे समय तक रहने वाली जलन कभी-कभी सिर्फ कॉस्मेटिक समस्याएं न होकर, अंदरूनी स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकती हैं। त्वचा विशेषज्ञ से जां से समस्या की जड़ का पता लगाने और सही इलाज तय करने में मदद मिलती है।
फिर चाहे नियासिनामाइड चुना जाए, विटामिन C चुना जाए या दोनों का कॉम्बिनेशन अपनाया जाए, सबसे असरदार रूटीन वही है जो लगातार अपनाया जाए, व्यक्ति की स्किन टाइप के अनुसार हो और हेल्दी लाइफस्टाइल की आदतों पर आधारित हो। ऐसे में डॉक्टर कहती हैं कि किसी एक चमत्कारी इंग्रीडिएंट पर निर्भर रहने के बजाय, पर्सनलाइज्ड तरीका अपनाने से लंबे समय में बेहतर नतीजे मिलते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी विशेषज्ञ की सलाह पर आधारित है, लेकिन यह किसी चिकित्सीय परामर्श या उपचार का विकल्प नहीं है। अगर आपको त्वचा से जुड़ी कोई भी समस्या है या किसी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना शुरू करना है तो पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।