
प्रिया मिश्रा
प्रिया को पिछले 4 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर लिखने का अनुभव है। इन्हें हेल्थ और ... Read More
Written By: priya mishra | Updated : September 24, 2024 1:30 PM IST
Rice Flour For Glowing Skin: चाहे महिला हो या पुरुष, खूबसूरत और चमकता हुआ चेहरा हर किसी को पसंद आता है। इसके लिए लोग तरह-तरह के स्किन केयर और ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। वहीं, कुछ लोग पार्लर जाकर महंगे फेशियल और ब्यूटी ट्रीटमेंट्स भी करवाते हैं। लेकिन फिर भी मनचाहा रिजल्ट नहीं मिल पाता है। वहीं, इनमें हानिकारक केमिकल्स होते हैं, जो लंबे समय में त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में, चेहरे को चमकदार बनाने के लिए आप कुछ घरेलू नुस्खों को आजमा सकते हैं। इन्हीं घरेलू नुस्खों में चावल का आटा भी शामिल है। जी हां, चेहरे पर चावल के आटे के इस्तेमाल से दाग-धब्बे और टैनिंग दूर होती है। साथ ही, त्वचा चमकदार भी बनती है। चावल के आटे में अगर आप कुछ चीजों को मिक्स करके लगाते हैं, तो इससे गोरी और निखरी हुई त्वचा मिलेगी। तो आइए, जानते हैं चेहरे पर कैसे लगाएं चावल का आटा (How To Apply rice Flour On Face In Hindi)?
दूध त्वचा की गहराई से सफाई करता है और उसे मॉइश्चराइज भी करता है। वहीं, चावल का आटा डेड स्किन को रिमूव करके त्वचा की रंगत सुधारने में मदद करता है। चावल के आटे में दूध मिलाकर लगाने से त्वचा की रंगत साफ होती है और त्वचा मुलायम बनती है। इसके लिए आप एक कटोरी में 1 चम्मच चावल का आटा लें। इसमें 2 चम्मच दूध डालकर अच्छी तरह मिला लें। अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं और करीब 10 मिनट के लिए छोड़ दें। उसके बाद चेहरे को पानी से धो लें। इसके नियमित इस्तेमाल से आपको हेल्दी और ग्लोइंग स्किन मिलेगी।
आप चावल के आटे में टमाटर का रस मिलाकर भी लगा सकते हैं। टमाटर का रस त्वचा की रंग को सुधारता है। इससे त्वचा ग्लोइंग नजर आती है। इसके लिए आप एक कटोरी में 2 चम्मच चावल का आटा लें। इसमें 2 चम्मच टमाटर का रस डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं और करीब 10 मिनट के लिए छोड़ दें। उसके बाद पानी से चेहरे को वॉश कर लें। इसके नियमित इस्तेमाल से आपको दाग-धब्बों और टैनिंग की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।