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ऑयली स्किन वालों को बार-बार चेहरा धोना पड़ता है, और इस तरह की त्वचा पर ब्लैक हेड्स और पिम्पल्स की समस्या बहुत अधिक दिखायी पड़ती है।
ऑयली स्किन की सबसे बड़ी समस्या होती है चिपचिपापन और बेरौनक चेहरा। बार-बार त्वचा पर तेल की परत-सी दिखायी पड़ने लगती है। टिश्यू पेपर से पोंछने और बार-बार चेहरा धोने के बाद भी कई बार लोगों को इस समस्या से बहुत कम ही राहत मिल पाती है।
चिपचिपी या ऑयली स्किन की समस्याएं ड्राई स्किन और नॉर्मल स्किन वालों से अलग भी होती हैं। इसीलिए तैलीय स्किन की देखभाल भी विशेष तरीके से करनी चाहिए। नैचुरली स्किन केयर के लिए कुछ टिप्स हम लिख रहे हैं यहां जो आपके काम आ सकती हैं-
ऑयली स्किन पर चिपचिपेपन की वजह से पिम्पल्स और ब्लैक हेड्स होने की संभावना ज़्यादा होती है। इसीलिए बहुत ज़रूरी है कि त्वचा की सफाई ऐसे की जाए, कि चिपचिपापन कम हो और त्वचा पर स्थित पोर्स को भी बंद होने से बचाया जा सके। लेकिन आपको बार-बार चेहरा धोने से भी बचना है। बस किसी माइल्ड और ऑयली स्किन के अनुकूल बनाए गए क्लिंज़र या फेस वॉश से दिन में 2 बार चेहरे की सफाई करें। बहुत ज़्यादा सफाई करने से चेहरे के नैचुरल ऑयल खत्म हो जाएंगे।
स्किन के पीएस बैलेंस को बनाए रखने के लिए किसी माइल्ड टोनर का इस्तेमाल करें। इससे त्वचा का टेक्स्चर और नमी बनी रहती है।
ऑयली स्किन वालों के लिए सही मॉश्चराइज़र चुनना किसी चुनौती से कम नहीं होता। इसीलिए एक जेल-बेस्ड मॉश्चराइज़र खरीदें और चेहरे पर लगाएं। ध्यान रहे कि भारी और गाढ़ा मॉश्चराइज़र लगाने से आपके चेहरे पर फोड़े-फुंसी की समस्या बनी रहेगी। जबकि हल्के मॉश्चराइज़र से त्वचा का पोषण होगा।