कहीं आपके मुंहासों की वजह पीएच लेवल का बढ़ना तो नहीं ?

फोड़े-फुंसियों से हैं परेशान तो करवाएं ये टेस्‍ट।

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Written By: Editorial Team | Published : August 30, 2018 7:20 PM IST

गर्मी के सीजन में ऐसा आमतौर पर देखने को मिलता है कि लोगों को फोड़े-फुंसी और मुंहासों की समस्या होने लगती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा हमारी त्वचा में पीएच लेवल बढ़ने के कारण होता है? तो आगे जानने का प्रयास करते हैं कि क्या है पीएच लेवल और इसे किस प्रकार से नियंत्रित किया जा सकता है।

क्या है पीएच लेवल

पीएच का मतलब पावर ऑफ हाइड्रोजन होता है । हाइड्रोजन के अणु किसी भी उत्पाद में उसके अम्लीय ( एसिडिक) या क्षारीय (अल्कालाइन) प्रवृत्ति को तय करने का काम करते हैं। जैसे अगर पीएच 1 या 2 है तो उत्पाद अम्लीय है, यदि पीएच 13 या 14 हैं तो क्षारीय और अगर पीएच 7 है तो न्यूट्रल।

त्वचा की देखभाल

त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. पुनीत भार्गव के अनुसार अगर पीएच का लेवल 5 से कम है तो एसिडिक एनवायरनमेंट से बैक्टीरिया हम पर हमला नहीं करते हैं और त्वचा स्वस्थ रहती है। लेकिन अगर पीएच 6,7 या 8 हो जाय तो यह कारण बनता है फोड़े और फुुंसी के लिए।

एसिडिक फेसवॉश

कई बार मरीज फोड़े-फुंसियों की वजह जानने के लिए हार्मोनल टेस्ट करवाते हैं लेकिन सारी रिपोर्ट नॉर्मल आती है। ऐसे में आपको किसी विशेषज्ञ से ही पीएच टेस्ट करवाना चाहिए और इसके लेवल अनुसार आपको डॉक्टरी सलाह से ही ऐसिडिक फेसवॉश या साबुन लगाना चाहिए।

खान-पान में सुधार

अगर पीएच लेवल बढ़ने से आपको फोड़ेे-फुुंुंसी या मुंहासों की समस्या है तो हरी सब्जियों और फल को अपनी डाइट में शामिल करें क्योंकि ये ऐसिडिक डाइट होते हैं।

इसके अलावा आपको आलू, चावल एवं तली हुई चीजों से परहेज करना है क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट होता है जो अल्कालाइन डाइट का हिस्सा है। इन सबके अलावा नियमित व्यायाम से भी पीएच लेवल को नियमित किया जा सकता है।

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