
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 13, 2022 11:45 PM IST
Removing Skin tags: स्किन टैग्स यानि सफेद मस्से स्किन पर दिखने वाली छोटी-छोटी गांठें हैं जो पूरी तरह से नॉर्मल और कैंसररहित होती हैं। नॉन-कैंसरस होने के कारण लोग इनके इलाज के लिए आराम से फैसला लेते हैं और इसका कोई नुकसान नहीं होता। स्किन टैग्स किसी भी उम्र में हो सकते हैं लेकिन, उम्र बढ़ने के साथ इनके बनने और बढ़ने की गति बढ़ जाती है। यह आमतौर पर उन जगहों पर होते हैं जहां त्वचा सिकुड़ती है या त्वचा की कई परतें एकसाथ मौजूद होती हैं जैसे, कोहनियों के अंदर का हिस्सा, गर्दन के आसपास या घुटनों के पीछे का हिस्सा। हालांकि इन्हें छूने पर दर्द या किसी तरह की तकलीफ का अनुभव नहीं होता इसीलिए अधिकांश लोग इनकी तरफ ध्यान नहीं देते। वहीं, कुछ लोग इनसे छुटकारा पाने के प्रयास करते हैं। (Removing Skin tags in Hindi)
बात जब स्किन टैग्स को हटाने या साफ करने की हो तो कई बार लोग चिमटी लेकर उन्हें नोंचने लगते हैं या बाम और चूना जैसी चीजें लगाकर उन्हें जला देने की कोशिश करने लगते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, स्किन टैग्स को साफ करने के ये तरीके बहुत नुकसानदायक सबित हो सकते हैं क्योंकि, इससे घाव हो सकता है और स्किन में इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ सकता है। घर पर स्किन टैग्स को हटाने की कोशिश करने वाले लोगों को एक्सपर्ट्स द्वारा यही सलाह दी जाती है कि वे ऐसा ना करें। क्योंकि, पर्याप्त जानकारी ना होने और सही ट्रेनिंग की कमी के चलते लोगों से गलती हो सकती है और हो सकता है कि वे साधारण स्किन टैग समझकर किसी ऐसी गांठ को नोंच लें जिससे आगे कैंसर होने का रिस्क बढ़ जाए।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, घर पर स्किन टैग साफ करने से बचना चाहिए। अक्सर लोग फ्रीज़िंग सीरम (freezing serum) या सुइयों की मदद से इन्हें दबाकर या नोंचकर साफ करने की कोशिश करते हैं। लेकिन अमेरिकी खाद्य और दवा नियामक संस्था एफडीए ( Food and Drug Administration) ने कुछ समय पहले कई बड़ी ई-कॉमर्स कम्पनियों और वेबसाइट्स को एक खत लिखकर उन दवाइयों की बिक्री बंद करने के लिए कहा था जो स्किन टैग्स को साफ करने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं।
बहुत छोटे-से स्किन टैग को साफ करने के लिए कुछ दवाइयों जैसे क्रीम या ऑइंटमेंट (topical ointment) का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं, बड़े आकार के स्किन टैग्स के लिए क्राइयोथेरेपी (cryotherapy) जैसी टेक्निक्स का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन, कई बार इस तरह की तकनीकों का इस्तेमाल करने से हाइपरपिगमेंटेशन (hyperpigmentation) जैसी समस्याएं हो सकती है। इस तरह की मेडिकल तकनीकों में लोगों के स्किन टिश्यूज को फ्रीज कर दिया जाता है। इसके बाद इलेक्ट्रिक करंट की मदद से स्किन टिश्यूज को जलाया जाता है। लेकिन, इन सभी तकनीकों में स्किन को पूरी तरह से सेफ नहीं माना जा सकता। इसीलिए एक्सपर्ट्स हमेशा सलाह देते हैं कि स्किन टैग्स को साफ करने से पहले लोगों को इसमें आने वाले खर्च और सेफ्टी के बारे में जरूर विचार कर लेना चाहिए।