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Written By: Editorial Team | Published : August 10, 2017 1:49 PM IST
हेयर ट्रांसप्लांट कराने का सर्जिकल मेथड हमेशा से प्रचलन में रहा है। देखा जाए तो हेयर ट्रांसप्लांट सिर्फ वही लोग नहीं करवाते जो गंजेपन की समस्या से जूझ रहे हैं बल्कि कई लोग अपने बालों को घना बनाने के लिए भी हेयर ट्रांसप्लांट करवाते हैं। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें सर्जन व्यक्ति के सिर के पिछले हिस्से से बालों को लेकर बाल्ड एरिया पर इम्लांट करते हैं। यवना एस्थेटिक्स क्लिनिक के फाउंडर और मेडिकल डायरेक्टर डॉक्टर माधुरी अग्रवाल का कहना है कि हेयर ट्रांसप्लाट करने से पहले पेशेंट को एनेस्थेसिया दिया जाता है। पेशेंट को सर्टिफाइड हेयर ट्रांसप्लांट विधि से ही बाल प्रत्यारोपित करवाना चाहिए।
हेयर ट्रांसप्लांट कराने की सही विधि का चुनाव कैसे करें? :
हेयर ट्रांसप्लांट कराने की बहुत सारी विधियां मौजूद नहीं हैं। इसलिए यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि जो भी डॉक्टर हेयर ट्रांसप्लांट करे वह सही तरीके से करे। इसलिए हेयर ट्रांसप्लांट करने की प्रक्रिया से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि आप इसके लिए किसी अच्छे डॉक्टर का ही चुनाव करें। वैसे तो सिर्फ डर्मेटोलॉजिस्ट और प्लास्टिक सर्जन ही हेयर ट्रांसप्लांट करने से लिए सर्टिफाइड माने जाते हैं। इसलिए ऐसी जगहों पर ना जाएं जहां टेक्निशियन या थेरेपिस्ट या फिर उनके सहायक हेयर ट्रांसप्लांट करते हों। वर्तमान में सबसे लोकप्रिय हेयर ट्रांसप्लांट करने के प्रोसिजर में से एक फॉलिक्युलर यूनिट एक्ट्रैक्शन या एफय़ूई है जो आमतौर पर नो रूट टच टेक्निक के जरिए किया जाता है।
हेयर ट्रांसप्लांटेशन की प्रक्रिया क्या है? :
नो रूट टच टेक्निक से हेयर ट्रांसप्लांट करने में आमतौर पर पूरा दिन लग जाता है और यह विधि मरीज के लिए काफी सुविधाजनक भी है। हेयर टांसप्लांट करने से पहले मरीज से कई बार विचार विमर्श भी किया जाता है।
एनेस्थिसिया- एनेस्थिसिया सिर के केवल उन्हीं भागों में दिया जाता है जहां हेयर ट्रांसप्लांट करना होता है। एनेस्थिसिया इसलिए दिया जाता है ताकि मरीज का स्कॉल्प सुन्न हो जाए और हेयर निकालते और ट्रांसप्लांट करते समय उसे किसी तरह का चुभन, दर्द या बेचैनी महसूस न हो। इसके तुरंत बाद मरीज घर भी जा सकता है।
ग्राफ्ट का एक्सट्रैक्शन- मरीज को जितने फॉलिक्यूलर यूनिटों के संख्या की जरूरत होती है उसके अनुसार डॉक्टर फॉलिक यूनिट निकाल लेते हैं। यह एक ही बार में शॉर्प और माइक्रो पंचेज के जरिए काफी सावधानी से निकाला जाता है। बाल के आसपास के चुने हुए फॉलिकिल को अलग करने के बाद डॉक्टर फॉलिकल के रूट को छुए बिना इसे चिमटी से उखाड़ता है। जिस स्थान से बाल निकाले जाते हैं वहां हफ्ते भर में बाल अपने आप उग आते हैं और दस से पंद्रह दिनों में पहले की तरह दिखने लगते हैं।
ग्राफ्ट का इम्प्लांटेशन- हेयर ट्रांसप्लांट करने के बाद यह नैचुरल बालों जैसा ही दिखता है। नो रूट टच तकनीक में स्लिट्स बनाए जाते हैं फिर निकाले गए ग्राफ्ट्स को उनमें इंप्लांट किया जाता है। जिससे वे नैचुरल दिखते हैं। इसके लिए अच्छे ग्राफ्ट का चुनाव किया जाता है जिससे स्लिट्स समय के साथ तेजी से ठीक होती है और कुछ दिनों बाद नो रूट टच का कोई निशान नहीं दिखता है। अंत में वहां से पट्टी हटा दी जाती है और इस प्रक्रिया के तीसरे दिन ड्रेसिंग भी बंद कर दी जाती है।
सर्जरी से हेयर रिस्टोरेशन के लिए कितने सिटिंग की जरूरत होती है? :
एक सीटिंग में पंद्रह से बीस हेयर फॉलिकल यूनिट को ट्रांसप्लांट किया जाता है। इसके बाद भी बाल नहीं आता है तो तीन सीटिंग की जरूरत पड़ती है।
ठीक होने में कितना समय लगता है? :
आपको ठीक होने में लगभग तीन से सात दिन लग सकते हैं। ज्यादातर मरीज पांच से सात दिनों में ही अपना काम करने लगते हैं। आप घर पर बैठकर अगले दिन ही काम शुरू कर सकते हैं।
सर्जरी के बाद पेशेंट को क्या उम्मीद करनी चाहिए? :
अगर आप पहली बार हेयर ट्रांसप्लाट कराते हैं तो सर्जरी के दो से चार दिन बाद माथे पर सूजन आ सकती है। यह आमतौर पर दो से दिन दिनों में ठीक हो जाता है। मरीज को सलाह दी जाती है कि वह सर्जरी के बाद दो-तीन दिनों तक सेमी रिक्लिनिंग पोजिशन में सोए। कुछ मरीज खुजली, सिर में सेंसेशन जैसे लक्षणों का अनुभव भी कर सकते हैं। हालांकि यह समस्या जल्दी ही ठीक हो जाती हैं।
हेयर ट्रांसप्लांट में कितना खर्च आता है? : इसका खर्च पेशेंट में इंप्लांट किए गए फॉलिकल ग्राफ्ट की संख्या पर निर्भर करता है। हेयर ट्रांसप्लांट प्रोसिजर में और कोई अलग से खर्च नहीं आता है।
यह इलाज कौन लोग कराते हैं? :
किन लोगों को हेयर ट्रांसप्लांट नहीं कराना चाहिए? :
यदि व्यक्ति के बाल काफी ज्यादा झड़ गए हों और डोनर एरिया भी काफी कम हो तो ऐसे लोग एफयूई के लिए ठीक नहीं माने जाते हैं। वे लोग जो जरूरत से ज्यादा परिणाम की उम्मीद रखने हैं उन्हें भी नहीं कराना चाहिए। इसके अलावा यदि व्यक्ति के सिर में बड़े चकत्ते या दाग धब्बे हैं तो वे भी एफयूई या किसी तरह का हेयर ट्रांसप्लांट नहीं करा सकते हैं।
हेयर ट्रांसप्लांट कराने की सही उम्र क्या है? : अट्ठारह साल से ऊपर के व्यक्ति नो रूट टच हेयर ट्रांसप्लांट करा सकते हैं। हालांकि तीस साल से ऊपर के व्यक्तियों को ही हेयर ट्रांसप्लांट कराने की सलाह दी जाती है।
हेयर ट्रांसप्लाट के क्या लाभ हैं :
नुकसान :
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अनुवादक: Anoop Singh
चित्रस्रोत: Shutterstock