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Medically Verified By: Shahnaz Husain
मानसून स्किन केयर
मानसून के दौरान स्किन की देखभाल करने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि त्वचा का सारा प्राकृतिक तेल हटा दिया जाए। मानसून स्किन केयर का मतलब होता है कि त्वचा के नेचुरल स्किन बैरियर को मजबूत और संतुलित बनाए रखना होना चाहिए। नमी भरे मौसम में बार-बार या जरूरत से ज्यादा चेहरा नहीं धोना चाहिए। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बार-बार या जरूरत से ज्यादा मुंह धोते रहें।
स्किन और हेयर केयर एक्सपर्ट शहनाज हुसैन कहती हैं कि ऐसा करने से स्किन बैरियर कमजोर हो सकता है और जलन, डिहाइड्रेशन व अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। अगर आप भी ऐसी समस्या का सामना कर रहे हैं तो फिक्र न करें। आज हम आपको एक्सपर्ट शहनाज हुसैन के बताए ऐसे तरीकों के बारे में बताने वाले हैं, जिनकी मदद से आप अपने स्किन बैरियर को मजबूत बना सकते हैं।
एक्सपर्ट कहती हैं कि जो ऑयली स्किन की समस्या लगती है, वह अक्सर बैरियर की समस्या होती है।
एक्सपर्ट कहती हैं कि त्वचा की स्थिति कई बार शरीर की समग्र सेहत और जीवनशैली से भी प्रभावित होती है। यानी कि अगर आपका शरीर अंदर से हेल्दी नहीं होगा तो यह त्वचा पर पिंपल्स और डलनेस के रूप में दिखेगा। मानसून को ऐसा मौसम माना जाता है, जिसमें पाचन शक्ति स्वाभाविक रूप से कमजोर हो जाती है और कफ के गुण, जैसे भारीपन, नमी और सुस्ती ज्यादा हावी हो जाते हैं।
स्वस्थ त्वचा का मतलब है कि उसमें नमी का स्तर संतुलित रहे। न ज्यादा ऑयली और न ज्यादा ड्राई।
अगर आप दिन में कई बार फेस वॉश करते हैं तो स्किन के गुड बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ जाता है, नमी वाले मौसम के बावजूद स्किन में खिंचाव महसूस होता है, ज्यादा तेल बनना शुरु हो जाता है और त्वचा में जलन या परेशानी का खतरा बढ़ जाता है। ये सभी संकेत बताते हैं कि त्वचा की प्रकृति को सहारा देने के बजाय उसे नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
एक्सपर्ट बताती हैं कि आप बार-बार तेल हटाने की कोशिश न करें, बल्कि नेचुरल और हल्की रखें। हेल्दी बनाए रखने के लिए स्किन को सही तरीके से साफ करें, याद रखें कि क्लींजिंग का मकसद गंदगी हटाना है, न कि तेल का नामोनिशान मिटा देना। एक बैलेंस्ड क्लींजिंग रूटीन स्किन बैरियर को बनाए रखने में मदद करता है और साथ ही पसीने व प्रदूषण को भी कंट्रोल में रखता है।
नमी वाले मौसम में भी त्वचा को हाइड्रेशन की जरूरत होती है। इसलिए आप ऐसी क्रीम, सीरम या मॉइस्चराइजर चुनें जो आयुर्वेद पर आधारित हों और आपकी स्किन टाइप के हिसाब से हो। ऐसे मॉइस्चराइजर चुनें जिनमें त्वचा को नमी देने वाले तत्व हों और जो आपकी त्वचा के प्रकार के अनुसार उपयुक्त हों।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी विशेषज्ञ की सलाह पर आधारित है, लेकिन यह किसी चिकित्सीय परामर्श या उपचार का विकल्प नहीं है। अगर आपकी स्किन बहुत ही ज्यादा ऑयली हो रही है और साथ में अन्य त्वचा संबंधी समस्याएं भी हो रही हैं तो एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।