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Face Se Acne Kaise Thik Kare: आजकल सोशल मीडिया पर स्किन केयर से जुड़े कई अजीब-अजीब हैक्स वायरल हो रहे हैं। इन्हीं में से एक ट्रेंड यह भी है कि एंटी-डैंड्रफ शैंपू से चेहरा धोने से मुंहासे ठीक हो सकते हैं। कई इंफ्लुएंसर दावा करते हैं कि इन शैंपू में मौजूद कुछ तत्व पिंपल्स को कम करने में मदद कर सकते हैं। लेकिन त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि यह तरीका ज्यादातर लोगों के लिए न तो भरोसेमंद है और न ही सुरक्षित।
काया क्लिनिक की डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर स्वाति वोराह के अनुसार एंटी-डैंड्रफ शैंपू में केटोकोनाजोल, जिंक पाइरिथियोन और सेलेनियम सल्फाइड जैसे तत्व होते हैं। ये तत्व सिर की त्वचा (स्कैल्प) में होने वाले फंगल संक्रमण को खत्म करने के लिए बनाए जाते हैं। कुछ दुर्लभ मामलों में यह फंगल एक्ने की समस्या में थोड़ी मदद कर सकते हैं। यह मुंहासे बैक्टीरिया से नहीं बल्कि यीस्ट (फंगस) के कारण होते हैं। आइए हम इस विषय पर विस्तरा से जानते हैं।
ऐसे मामलों में एंटी-फंगल तत्व थोड़े समय के लिए ब्रेकआउट कम कर सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञ बताते हैं कि ज्यादातर मुंहासे बैक्टीरिया या हार्मोनल कारणों से होते हैं। जैसे व्हाइटहेड, ब्लैकहेड या दर्दनाक पिंपल्स। ऐसे मामलों में एंटी-डैंड्रफ शैंपू का कोई खास फायदानहीं होता। उल्टा, कई बार इससे समस्या बढ़ भी सकती है।
डर्मेटोलॉजिस्ट बताते हैं कि एंटी-डैंड्रफ शैंपू सिर की त्वचा के लिए बनाए जाते हैं। सिर की त्वचा चेहरे की तुलना में ज्यादा मोटी और तैलीय होती है। जबकि चेहरे की त्वचा काफी नाजुक और संवेदनशील होती है। ऐसे में जब सिर के लिए बने प्रोडक्ट को चेहरे पर लगाया जाता है तो यह त्वचा के प्राकृतिक तेल को हटा सकता है। इससे सूखापन, जलन, लालिमा और स्किन बैरियर कमजोर होने की समस्या हो सकती है।
जब स्किन बैरियर कमजोर हो जाता है तो सूजन बढ़ सकती है और मुंहासे भी ज्यादा हो सकते हैं। बहुत ज्यादा क्लीनिंग या हार्ड प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से त्वचा खुद को बचाने के लिए ज्यादा तेल बनाने लगती है, जिससे पोर्स बंद हो सकते हैं और पिंपल्स बढ़ सकते हैं।
डर्मेटोलॉजिस्ट बताते हैं कि मुंहासे कई कारणों से हो सकते हैं, जैसे-
इसके अलावा तनाव, गलत खान-पान, प्रदूषण और गलत स्किन केयर रूटीन भी मुंहासों को बढ़ा सकते हैं। क्योंकि हर व्यक्ति में मुंहासों का कारण अलग हो सकता है, इसलिए इसका इलाज भी व्यक्ति के अनुसार ही होना चाहिए। केवल सोशल मीडिया के ट्रेंड पर भरोसा करना सही नहीं है।
त्वचा विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि घरेलू प्रयोग करने की बजाय वैज्ञानिक और सुरक्षित इलाज अपनाना बेहतर है। आजकल एस्थेटिक डर्मेटोलॉजी में एक्ने के इलाज के कई अच्छे विकल्प मौजूद हैं।
केमिकल पील- इसमें सैलिसिलिक एसिड या ग्लाइकोलिक एसिड जैसे तत्वों से मृत त्वचा को हटाया जाता है, पोर्स साफ होते हैं और सूजन कम होती है।
लेजर और लाइट थेरेपी- ये उपचार एक्ने पैदा करने वाले बैक्टीरिया को कम करते हैं और त्वचा में तेल बनने को नियंत्रित करते हैं।
मेडिकल फेशियल और एक्ने क्लीन-अप- डर्मेटोलॉजिस्ट की देखरेख में किए गए ये ट्रीटमेंट ब्लैकहेड्स, गंदगी और अतिरिक्त तेल को हटाने में मदद करते हैं।
माइक्रोनीडलिंग और एक्ने स्कार ट्रीटमेंट- जिन लोगों के चेहरे पर मुंहासों के निशान रह जाते हैं, उनके लिए यह उपचार कोलेजन बढ़ाकर त्वचा की बनावट सुधारने में मदद करता है।
डर्मेटोलॉजिस्ट कहते हैं कि मुंहासों को नियंत्रित करने के लिए सही स्किन केयर रूटीन बहुत जरूरी है। इसमें आमतौर पर शामिल होता है-
अगर मुंहासे बार-बार हो रहे हैं या गंभीर हैं, तो सोशल मीडिया के घरेलू नुस्खों पर भरोसा करने की बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। कुछ खास मामलों में फंगल एक्ने के लिए एंटी-डैंड्रफ शैंपू थोड़ी मदद कर सकता है, लेकिन इसे मुंहासों का स्थायी इलाज नहीं माना जा सकता।
चेहरे की त्वचा पर स्कैल्प के लिए बने प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से जलन और ब्रेकआउट बढ़ सकते हैं। इसलिए बेहतर है कि मुंहासों की असली वजह पता लगाकर त्वचा विशेषज्ञ की सलाह से सही इलाज किया जाए। सही देखभाल, संतुलित जीवन शैली और आधुनिक डर्मेटोलॉजी ट्रीटमेंट की मदद से मुंहासों को प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।