Sunscreen Usage in Indoor in hindi: घर पर हैं तो कैसे लगाएं सनस्क्रीन? ये तरीका दिलाएगा ग्लोइंग स्किन और देगा बेदाग निखार

Sunscreen Usage in Indoor in hindi : आप घर के अंदर हों या बाहर लेकिन खिड़की के करीब हैं तो भी आप यूवीए किरणों के संपर्क में आ सकते हैं और अपनी स्किन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे बचने के लिए ये काम कीजिए।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : May 19, 2021 8:06 PM IST

Sunscreen Usage in Indoor in hindi : इन दिनों आप घर में होंगे और बाहर गर्मी देखकर कहते होंगे कि चलो अच्छा है कि घर में हैं तो सूरज की रोशनी से स्किन को होने वाली क्षति से बच सकते हैं। अगर आपके मन में भी ये ख्याल आता है तो आप बिल्कुल गलत हैं। जी हां, जरूरी नहीं है कि घर में रहते हुए भी आपकी स्किन सेफ रहेगी। अगर आप चाहते हैं कि आपकी स्किन खराब न हो तो आपको घर में भी सनस्क्रीन लगाने की जरूरत है। जी हां, आपने बिल्कुल ठीक पढ़ा। एक शोध के मुताबिक, आमतौर पर कार, घर और ऑफिस की खिड़कियों में उपयोग किए जाने वाले कांच को अधिकांश यूवीबी किरणों को रोकने के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं लेकिन यह सभी यूवीए किरणों से सुरक्षा प्रदान नहीं करते हैं। इसलिए जरूरी है कि अगर आप घर के अंदर हों या बाहर लेकिन खिड़की के करीब हैं तो भी आप यूवीए किरणों के संपर्क में आ सकते हैं और अपनी स्किन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे बचने के लिए ये काम कीजिए।

सिर्फ धूप में ही नहीं लगाएं सनस्क्रीन

आप सिर्फ धूप भरे दिनों में ही सनस्क्रीन का उपयोग न करें। आपको शायद न पता हो लेकिन बादल होने पर भी सूर्य की 80 प्रतिशत तक पराबैंगनी किरणें बादलों से होकर गुजर सकती हैं। वहीं रेत-धूल सूरज की 25 प्रतिशत किरणों और बर्फ 80 प्रतिशत सूरज की किरणों को रिफलेक्ट करती हैं। आपके कंप्यूटर, फोन, टैबलेट और टीवी सहित किसी भी डिजिटल स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी के संपर्क में आने से आपकी त्वचा प्रभावित हो सकती हैः आइए जानते हैं कैसे।

1-दरअसल डिजिटल स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी स्किन में मेलेनिन या पिगमेंटेशन के उत्पादन को बढ़ा सकती है, जिससे मेलास्मा और एज स्पॉट्स हो सकते हैं।

2-कंप्यूटर और दूसरे प्रोडक्ट से निकलने वाली नीली रोशनी मुक्त कण भी पैदा कर सकती है, जो सूजन का कारण बन सकती है और त्वचा में कोलेजन और इलास्टिक टिश्यू के ब्रेर होने का कारण बन सकती है।

कब लगानी चाहिए सनस्क्रीन

बाहर जाने से 15 से 30 मिनट पहले आपको अपनी रूखी त्वचा पर सनस्क्रीन लगानी चाहिए। स्किन पर हल्की सी परत चढ़ाएं और इसे अच्छी तरह से रगड़ें। यह न भूलें कि होंठ भी सनबर्न हो जाते हैं, इसलिए ऐसा लिप बाम लगाएं जिसमें 30 या उससे अधिक एसपीएफ वाला सनस्क्रीन हो। सनस्क्रीन को लगभग हर दो घंटे में फिर पसीना आने के बाद फिर से लगाना चाहिए। बता दें कि वॉटर प्रूफ सनस्क्रीन भी पानी में 40 मिनट के बाद अपनी प्रभावशीलता खो देती है।

कैसे चुनें सही सनस्क्रीन

सनस्क्रीन चुनना आपका व्यक्तिगत मामला या पसंद हो सकती है। सनस्क्रीन ड्राई स्किन वाले व्यक्तियों के लिएअच्छी होती है लेकिन बालों पर आप जेल का प्रयोग कर सकते हैं जैसे स्कैल्प या छाती। जब तक आप बिना खिड़की वाले कमरे में घर से काम नहीं करते तब तक अधिकांश चिकित्सा विशेषज्ञ सलाह देंगे कि आप सूरज की हानिकारक किरणों से खुद को बचाने के लिए घर के अंदर भी सनस्क्रीन लगाएं।

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