बदलते मौसम में त्वचा की देखभाल कैसे करें? एक्सपर्ट से जानें कुछ आसान स्किन केयर टिप्स

Garmiyo Mai Skin Care Kaise Kare: गर्मियां आते ही हमारी स्किन बहुत ही ज्यादा ड्राई और बेजान दिखने लगती है, लेकिन अगर आप एक्सपर्ट की बताई सही स्किन केयर टिप्स फॉलो करेंगे तो ऐसा नहीं होगा।

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Written By: Vidya Sharma | Updated : April 23, 2026 9:41 AM IST

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Medically Verified By: Dr Arti Shah

Badalte Mausam Mai Skin Care Kaise Kare: भारत में अलग-अलग तरह के मौसम होने की वजह से त्वचा पूरे साल तापमान में कई बड़े बदलावों से गुजरती है। भारत में कभी भीषण गर्मी, कभी उमस भरी बारिश तो कभी कड़ाके की ठंड पड़ती है और मौसम का यह उतार-चढ़ाव हमारी त्वचा को बहुत नुकसान पहुंचाता है। इन बदलावों की वजह से स्किन की बाहरी सुरक्षा परत कमजोर पड़ जाती है, त्वचा का निर्जलीकरण भी हो जाता है। इससे त्वचा कम चमकदार हो जाती है। 

डी.वी.डी., रेडिएंट क्लिनिक की निदेशक और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आरती शाह कहती हैं कि इन सबसे ब्रेकआउट हो सकते हैं और त्वचा सेंसिटिव यानी संवेदनशील दिख सकती है। त्वचा की इन दिक्कतों से निपटने के लिए यह पता लगाना होगा कि हर बदलाव त्वचा पर कैसे असर डालता है। इसके अलावा एक ऐसा स्किनकेयर रूटीन अपनाना होगा जो इन तमाम मौसम में होने वाले बदलावों के बावजूद त्वचा को सुरक्षित रखे। अगर त्वचा को सही समय पर सही इलाज और देखभाल दी जाए, तो यह पूरे साल मौसम के बदलावों को झेल पाएगी।

स्किन बैरियर को मजबूत कैसे करें?

एक मजबूत स्किन बैरियर साल भर त्वचा को बेहतर रखने का समाधान होता है। भारत में तापमान और नमी में अचानक बदलाव से त्वचा के सुरक्षा परत में नमी कम होने और जलन होने का खतरा ज्यादा होता है। ऐसे में- 

  • एक हल्का और pH-बैलेंस्ड क्लींजर प्राकृतिक तेल को हटाए बिना इस बैरियर को बनाए रखता है।
  • सेरामाइड्स और फैटी एसिड से भरपूर मॉइस्चराइजर त्वचा की सुरक्षा परत को फिर से बनाने में मदद करते हैं और सूखे मौसम में डिहाइड्रेशन का खतराकम करते हैं। खासकर भारत के उत्तरी और मध्य इलाकों में, जहां सर्दियां बहुत ज्यादा होती हैं, वहां यह कारगर सिद्ध होते हैं।
  • नमी वाले मौसम से ठंडे मौसम में जाने से अक्सर त्वचा ज्यादा रूखी हो जाती है। हाइलूरोनिक एसिड जैसे इंग्रीडिएंट्स वाले हाइड्रेटिंग सीरम नमी बनाए रखने में मदद करते हैं और त्वचा को नए मौसम में तालमेल बिठाने में मदद करते हैं। 
  • जो लोग चाहते हैं कि उनकी त्वचा ज्यादा हाइड्रेशन महसूस करे, उन्हें ऐसे अतिरिक्त इलाज से फायदा हो सकता है क्योंकि ऐसे इलाज उनकी त्वचा के अंदरूनी हाइड्रेशन को बढ़ाते हैं। उदाहरण के लिए प्रोफिलो जैसे ट्रीटमेंट त्वचा की अंदर से नमी बनाए रखने की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए जाने जाते हैं।

सनस्क्रीन लगाना कितना जरूरी है?

डॉक्टर बताते हैं कि सनस्क्रीन हर मौसम में लगाना जरूरी है। भारत का UV इंडेक्स सर्दियों या बादल वाले दिनों में भी ज़्यादा रहता है। लगातार धूप में रहने से पिगमेंटेशन और असमान रंग हो जाता है। रोजाना इस्तेमाल किया जाने वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन सूरज की वजह से होने वाले नुकसान को रोकता है और मौसम में बदलाव के हिसाब से ढलने के दौरान त्वचा की सुरक्षा करता है।

तेल, नमी और मानसून से जुड़े ब्रेकआउट का समाधान

त्वचा के व्यवहार में नमी की बहुत बड़ी भूमिका होती है। समुद्र के किनारे के इलाकों और मानसून के महीनों में अक्सर त्वचा में तैलीय पन बढ़ जाता है, छिद्र बंद हो जाते हैं और बार-बार पिंपल्स हो जाते हैं। हल्के जेल मॉइस्चराइजर आपकी त्वचा में भारीपन लाए बिना हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद करते हैं। वे तेल को बनने में संतुलन प्रदान करते हैं और जमाव की संभावना को कम करते हैं।

क्या उपाय करें?

  • अगर हफ्ते में एक या दो बार सही से किया जाए तो एक्सफोलिएशन एक मददगार प्रक्रिया है। 
  • एक बार हल्का केमिकल एक्सफोलिएशन करने से मृत त्वचा की कोशिकाओं की परत हट जाएगी और ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स को रोकने में भी मदद मिलेगी। 
  • अगर आपकी त्वचा ऑयली है और मुंहासे होते हैं, तो सैलिसिलिक एसिड आपके लिए अच्छा विकल्प है।
  • वहीं, सेंसिटिव या कॉम्बिनेशन त्वचा के लिए लैक्टिक एसिड ज्यादा बेहतर रहता है। ये दोनों त्वचा को धीरे-धीरे साफ करते हैं और आमतौर पर जलन भी नहीं करते।

हाइड्रेटिंग और ओवरनाइट मास्क का करें इस्तेमाल

हाइड्रेटिंग और ओवरनाइट मास्क, बाहर घूमने और यात्रा के दौरान बार-बार मौसम बदलने से खोई नमी को फिर से वापस लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं। सूखी, ठंडी हवा और गर्म या नमी वाली जगहों के बीच आने-जाने से स्किन बैरियर खराब हो सकता है। हल्की क्लींजिंग (सफाई), बैरियर की मरम्मत और लगातार हाइड्रेशन पर ध्यान देने वाला एक आसान रूटीन त्वचा को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है।

निष्कर्ष- भारत के लगातार बदलते मौसम के हिसाब से स्किनकेयर में बदलाव करना यह नहीं होता है पूरी रूटीन को ही बदल दिया जाए, बल्कि यह समझना है कि त्वचा गर्मी, नमी, प्रदूषण और सूखे मौसम में अलग-अलग तरह से कैसे प्रतिक्रिया करती है। ऐसे में अगर आपको किसी भी तरह की परेशानी होती है तो खुद डॉक्टर बनने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

FAQs

स्किन बैरियर को मजबूत कैसे करें?

स्किन बैरियर (त्वचा की सुरक्षात्मक परत) को मजबूत करने के लिए सौम्य क्लींजर का उपयोग करें, सिरामाइड्स और हाइल्यूरोनिक एसिड युक्त मॉइस्चराइज़र लगाएं, और सनस्क्रीन का प्रयोग अनिवार्य करें।

सनस्क्रीन चेहरे पर क्या काम करता है?

सनस्क्रीन त्वचा की रक्षा करते हैं। ये पराबैंगनी (UV) किरणों को त्वचा द्वारा अवशोषित होने से रोकते हैं। UV किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं और सनबर्न व त्वचा कैंसर का कारण बन सकती हैं। कोई भी सनस्क्रीन UV किरणों को 100% नहीं रोकती।

क्या प्रदूषण से त्वचा में खुजली हो सकती है?

जी हां, अगर पॉल्यूशन स्किन पर चिपका रह जाए और आप सही से शरीर की सफाई न करें तो खुजली हो सकती है।

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