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Medically Verified By: Dr. Ruben Bhasin Passi
पोस्ट पार्टम हेयर लॉस (Image Credit- ChatGPT)
प्रेग्नेंसी के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं, जिनमें से एक बालों का तेजी से झड़ना भी है। कई बार नई माताओं के साथ ऐसा होता है कि वे डिलीवरी के कुछ महीनों बाद अचानक गुच्छों में झड़ते बालों को देखकर परेशान हो जाती है। डिलीवरी के बाद कुछ समय तक बाल झड़ना एक सामान्य प्रक्रिया हो सकती है, लेकिन अगर यह लंबे समय तक बनी रहे और बाल जरूरत से ज्यादा झड़ने लगें तो इसे नजरअंदाज न करें।
सीके बिरला हॉस्पिटल के डर्मेटोलॉजिस्ट कंसल्टेंट डॉक्टर रुबेन भसीन पासी इस विषय पर कहती हैं, कि प्रेग्नेंसी के दौरान और डिलीवरी के बाद शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव बालों पर सीधा असर डालते हैं। लेकिन ऐसा क्यों होता है? आइए इस विषय पर विस्तार से जानते हैं।
डॉक्टर रुबेन भसीन पासी के अनुसार "प्रेगनेंसी एक बड़ी हार्मोन डॉमिनेंट स्टेट होती है। उस टाइम पर हमारे हार्मोन बच्चे की देखभाल करने और शरीर के सही तरीके से काम करने के लिए काफी पीक पर रहते हैं। लेकिन जैसे ही एक लेडी की डिलीवरी होती है, सारे हार्मोन में तेज गिरावट आती है। जब ये हार्मोन गिरते हैं, तो शरीर को शरीर को शॉक जैसी स्थिति में पहुंचा देते हैं। हार्मोन में आने वाले इस अचानक बदलाव की वजह से बड़ी संख्या में बाल एक साथ झड़ने लगते हैं। इसी स्थिति को पोस्टपार्टम हेयर लॉस कहा जाता है।"
डॉक्टर के अनुसार, "पोस्टपार्टम हेयर लॉस डिलीवरी से लेकर लगभग 6 महीने तक रह सकता है। इस दौरान जो हेयर फॉल होता है वह आमतौर पर सामान्य माना जाता है, क्योंकि शरीर धीरे-धीरे अपने हार्मोनल संतुलन को दोबारा स्थापित कर रहा होता है। जैसे-जैसे हार्मोन का स्तर सामान्य होने लगता है, वैसे-वैसे बालों का झड़ना कम हो सकता है और नए बाल भी आने लगते हैं। इसलिए शुरुआती महीनों में बाल झड़ने पर घबराने की जरूरत नहीं होती।"
हालांकि हर महिला में यह स्थिति एक जैसी नहीं होती। डॉक्टर रुबेन बताती हैं कि कुछ महिलाओं में डिलीवरी के लगभग 3 महीने बाद अत्यधिक हेयर फॉल शुरू हो सकता है। ऐसे में अगर बाल सामान्य से कहीं ज्यादा झड़ रहे हों, तो डॉक्टर इस परेशानी का कारण ढूंडते हैं और जरूरत पड़ने पर इलाज शुरू करने की सलाह दे सकते हैं।
महिला को ट्रॉपिकल या न्यूट्रिशनल ट्रीटमेंट भी दिया जा सकता है। साथ ही वह कहती हैं कि सिर्फ बाल झड़ना ही नहीं, बल्कि यह भी देखना जरूरी है कि बाल कितनी मात्रा में झड़ रहे हैं और क्या समय के साथ यह समस्या कम हो रही है या नहीं?
डॉक्टर के अनुसार, हर महिला में ट्रीटमेंट की जरूरत अलग-अलग हो सकती है। इसके लिए कई बातों पर ध्यान दिया जाता है, जैसे-
बाल कितनी तेजी से झड़ रहे हैं?
मां की डाइट और पोषण कैसे हैं?
पर्याप्त नींद मिल रही है या नहीं?
क्या शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी है?
समय के साथ बालों का झड़ना कम हो रहा है या नहीं?
अगर मां अच्छी डाइट ले रही है, लेकिन नींद पूरी नहीं हो रही है या तनाव ज्यादा है, तो इसका असर भी बालों की सेहत पर पड़ सकता है।
डॉक्टर रुबेन के अनुसार, अगर 6 महीने के बाद भी बालों का झड़ना कम नहीं होता, या जितने बाल पहले झड़ रहे थे उतने ही लगातार गिरते रहें, तो त्वचा या हेयर विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। कुछ महिलाओं में बच्चे के 1 साल के होने तक भी हेयर फॉल बना रह सकता है। ऐसे मामलों में पूरे एक साल तक इंतजार करने के बजाय समय रहते जांच करानी चाहिए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर पोषण संबंधी सलाह, टॉपिकल ट्रीटमेंट या अन्य उपचार शुरू कर सकते हैं।
डॉक्टर का कहना है कि लंबे समय तक अत्यधिक हेयर फॉल को नजरअंदाज करने से कुछ मामलों में हेयर फॉलिकल्स खराब हो जाती हैं, जिससे बालों का दोबारा उगना मुश्किल हो सकता है। इसलिए समय पर एक्सपर्ट से सलाह लेना बहुत जरूरी होता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी विशेषज्ञ की सलाह पर आधारित है, लेकिन यह किसी चिकित्सीय परामर्श या उपचार का विकल्प नहीं है। अधिक बाल झड़ने लगें या बाल्डनेस आने लगे या किसी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना शुरू करना है तो पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।