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Hair Transplant से जुड़े 9 आम मिथक और उनकी सच्चाई

Hair Transplant Myths and Facts - हेयर ट्रांसप्लांट को लेकर लोगों के मन में कई प्रकार के मिथक हैं। आज इस लेख में हम आपको हेयर ट्रांसप्लांट से जुड़े ऐसे ही मिथकों की सच्चाई बताने जा रहे (Hair Transplant se Jude Myths and Facts) हैं। ताकि आप किसी भी बात पर यूं ही भरोसा न कर लें।

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Written By: Dr. B. L. Jangid | Published : February 2, 2026 12:28 PM IST

Hair Transplant Myths and Facts : आज के समय में बालों का झड़ना एक आम समस्या बन चुकी है। चाहे युवा हो या उम्रदराज व्यक्ति, बालों का पतला होना, गंजापन या हेयर लाइन का पीछे हटना आत्मविश्वास को बुरी तरह प्रभावित करता है। बाल न सिर्फ हमारी सुंदरता का हिस्सा होते हैं, बल्कि हमारी पर्सनैलिटी और आत्मसम्मान से भी जुड़े होते हैं। जब लगातार बाल झड़ने लगते हैं और कोई भी घरेलू उपाय, दवा या थेरेपी असर नहीं करती, तब लोग हेयर ट्रांसप्लांट की ओर रुख करते हैं। लेकिन भारत में आज भी हेयर ट्रांसप्लांट को लेकर कई तरह की गलतफहमियां और डर फैले हुए हैं। यही कारण है कि लोग चाहते हुए भी हेयर ट्रांसप्लांट नहीं करवाते हैं।

हेयर ट्रांसप्लांट क्या है?

हेयर ट्रांसप्लांट एक मेडिकल प्रक्रिया है, जिसमें व्यक्ति के शरीर के एक हिस्से से स्वस्थ बालों की जड़ों को निकालकर गंजे या पतले हिस्सों में लगाया जाता है। आमतौर पर बाल सिर के पीछे के हिस्से (डोनर एरिया) से लिए जाते हैं, क्योंकि वहां के बाल जीवन भर मजबूत रहते हैं।

वर्तमान में ट्रांसप्लांट करवाने के लिए FUE (Follicular Unit Extraction) और FUT (Follicular Unit Transplantation) जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। इन तकनीकों से हेयर ट्रांसप्लांट आसानी से बहुत ही कम साइड इफेक्ट के होता है।

Myth 1- ट्रांसप्लांट किए गए बाल नकली या बनावटी लगते हैं।

सच्चाई - यह सबसे आम और बड़ा भ्रम है। बहुत से लोग सोचते हैं कि हेयर ट्रांसप्लांट के बाद बाल विग या आर्टिफिशियल जैसे दिखते हैं। पर असल में, जब किसी अनुभवी और प्रमाणित सर्जन द्वारा हेयर ट्रांसप्लांट किया जाता है, तो बाल बिल्कुल प्राकृतिक दिखाई देते हैं। सही एंगल, घनत्व और हेयर लाइन डिजाइन के साथ लगाए गए बाल असली बालों जैसे ही बढ़ते हैं।

Myth 2- हेयर ट्रांसप्लांट से दिमाग या आंखों को नुकसान हो सकता है।

सच्चाई- यह पूरी तरह गलत धारणा है। हेयर ट्रांसप्लांट केवल त्वचा की ऊपरी सतह (स्कैल्प) पर किया जाता है। यह प्रक्रिया मस्तिष्क या आंखों तक पहुंचती ही नहीं है। इसमें केवल बालों की जड़ों को त्वचा की ऊपरी परत में लगाया जाता है। हेयर ट्रांसप्लांट एक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया है, जिसमें किसी भी आंतरिक अंग को नुकसान नहीं होता है।

Myth 3- किसी और के बाल भी ट्रांसप्लांट किए जा सकते हैं।

सच्चाई- हेयर ट्रांसप्लांट में केवल उसी व्यक्ति के बाल इस्तेमाल किए जाते हैं, जिस पर प्रक्रिया की जा रही हो। किसी दूसरे व्यक्ति के बाल शरीर स्वीकार नहीं करता और वे रिजेक्ट हो जाते हैं। डोनर हेयर निम्न जगहों से लिए जा सकते हैं इसमें शामिल होता है- सिर का पिछला हिस्सा, दाढ़ी, छाती, हाथ या पैर। लेकिन ये सभी बाल उसी व्यक्ति के होने जरूरी होते हैं।

Myth 4- हेयर ट्रांसप्लांट बहुत दर्दनाक होता है।

सच्चाई- आधुनिक हेयर ट्रांसप्लांट लोकल एनेस्थीसिया के तहत किया जाता है। इसका मतलब है कि मरीज को प्रक्रिया के दौरान कोई दर्द महसूस नहीं होता। हल्की चुभन केवल इंजेक्शन लगाते समय होती है। उसके बाद पूरा इलाज आराम से होता है। प्रक्रिया के बाद हल्का दर्द या सूजन हो सकती है, जिसके लिए डॉक्टर दवा देते हैं।

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Myth 5- हेयर ट्रांसप्लांट में बहुत ज्यादा खून बहता है।

सच्चाई- आजकल FUE जैसी तकनीकों में बहुत कम ब्लीडिंग होती है। केवल डोनर एरिया से बाल निकालते समय हल्का खून निकल सकता है, जो सामान्य बात है। ये एक डे-केयर प्रोसीजर है, यानी मरीज उसी दिन घर जा सकता है। हेयर ट्रांसप्लांट के दौरान अगर आपको किसी प्रकार की समस्या होती है तो इस विषय पर तुरंत डॉक्टर से बात करना जरूरी है।

Myth 6- हेयर ट्रांसप्लांट से कैंसर हो सकता है।

सच्चाई- हेयर ट्रांसप्लांट और कैंसर के बीच कोई संबंध नहीं है। हेयर ट्रांसप्लांट एक सुरक्षित सर्जरी है और इससे कोई गंभीर बीमारी नहीं होती है। हेयर ट्रांसप्लांट अगर सर्टिफाइड क्लीनिक से करवाया जाए तो यह पूरी तरह से सुरक्षित होती है। हेयर ट्रांसप्लांट करवाने से किसी प्रकार का कैंसर होता है ये बात पूरी तरह से मिथक है।

Follicular Unit Extraction (FUE) techniqueMyth 7- हेयर ट्रांसप्लांट सिर्फ युवाओं के लिए फायदेमंद है।

सच्चाई- इस बात में बिल्कुल भी सच्चाई नहीं कि सिर्फ युवा ही हेयर ट्रांसप्लांट करवा सकते हैं। हेयर ट्रांसप्लांट उम्र पर निर्भर नहीं करता, बल्कि किसी व्यक्ति के बाल झड़ने की स्थिरता, डोनर एरिया की गुणवत्ता और स्वास्थ्य की स्थिति पर निर्भर करता है। 20 साल से लेकर 60 साल तक के लोग हेयर ट्रांसप्लांट करवा सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि हेयर ट्रांसप्लांट कराने पहले डॉक्टर से सलाह लेना और विभिन्न प्रकार के मेडिकल टेस्ट करवाना जरूरी है।

Myth 8- हेयर ट्रांसप्लांट सिर्फ पुरुषों के लिए है

सच्चाई- ये बात पूरी तरह से मिथक है। हेयर ट्रांसप्लांट पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं के लिए भी जरूरी है। महिलाओं में भी हेयर थिनिंग, पैच हेयर लॉस, ट्रैक्शन एलोपेसिया और हार्मोनल हेयर लॉस जैसी समस्याएं होती हैं। इस स्थिति में महिलाएं भी हेयर ट्रांसप्लांट करवा सकती हैं। महिलाएं हेयर ट्रांसप्लांट करवाएं तो उन्हें इससे बेहतर रिजल्ट मिल सकते हैं।

Myth 9- हेयर ट्रांसप्लांट के रिजल्ट अस्थायी होते हैं।

सच्चाई- हेयर ट्रांसप्लांट के परिणाम लगभग स्थायी होते हैं। कुछ मामलों में हेयर ट्रांसप्लांट करवाने के 1 से 2 महीने के बाद बाल झड़ते हैं। लेकिन ये तत्काल होता है। 3 से 4 महीने में नए बाल आते हैं। अगर सही देखभाल की जाए तो  ये बाल जीवन भर रहते हैं।

हेयर ट्रांसप्लांट के बाद देखभाल क्यों जरूरी है?

सिर्फ सर्जरी ही काफी नहीं होती, बाद की देखभाल भी उतनी ही जरूरी है। हेयर ट्रांसप्लांट के बाद नीचे बताए गए टिप्स को फॉलो करके बालों की देखभाल जरूर करें।

  1. ज्यादा समय तक धूप में रहने से बचें
  2. धूम्रपान और शराब से दूरी बनाकर रखें
  3. खाने में कैल्शियम और विटामिन लें।
  4. मानसिक और शारीरिक तनाव कम करें।

हेयर ट्रांसप्लांट तभी सफल होता है जब सही मरीज का चयन, सही तकनीक और सही देखभाल की जाए। यह केवल सर्जरी नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक कला है। उनके अनुसार हर मरीज की स्कैल्प, हेयर क्वालिटी और लाइफस्टाइल अलग होती है, इसलिए कस्टमाइज्ड ट्रीटमेंट जरूरी है।