इन बीमारियों के कारण सिर से गायब हो सकते हैं बाल, हेयर लॉस या गंजेपन से बचने के लिए मानें डॉक्टर की यह सलाह

Hair Loos Kis Karan Kyon Hota Hai: बालों का झड़ना या हेयर लॉस की समस्या को अगर आप भी बदलते मौसम या खराब शैम्पू के साइड-इफेक्ट्स से होनेवाली समस्या मानते हैं तो जानें उन बीमारियों के बारे में जिनमें गंजेपन का खतरा बढ़ सकता है। जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : January 3, 2025 7:36 PM IST

Hair fall causes:हेयर लॉस या गंजापन केवल एक ब्यूटी प्रॉब्लम नहीं है । हेयर लॉस के कारण भी गम्भीर हो सकते हैं और इसका इलाज भी। सिर से धीरे-धीरे बालों का कम होना, गुच्छों में बाल गिरना या बालों की संख्या कम होने की समस्या हेयर लॉस कहलाती है। महिलाओं में हेयर लॉस की वजह से उनकी चोटी लगातार पतली होती जाती है और उनके सिर में मांग वाला हिस्सा चौड़ा होने लगता है। इससे सिर के सामने के हिस्से में स्किन अधिक दिखायी देने लगती है। वहीं, पुरुषों के सिर से बाल कम होने लगते हैं और कई बार अलग-अलग स्थानों पर पैचेस में हेयर लॉस होता है। इसे मेल पैटर्न हेयर लॉस कहा जाता है।

डर्मटॉलजिस्ट डॉ. निवेदिता दादू (Dr Nivedita Dadu, Dermatologist, Founder and Chairman of Dadu Medical Centre) के अनुसार हेयर लॉस के कई गम्भीर कारण हो सकते हैं। यह शरीर में कुछ छुपी हुई बीमारियों या हेल्थ प्रॉब्लम्स का भी संकेत हो सकता है। ऐसे में हेयर लॉस की समस्या का सही कारण जानने की कोशिश करनी चाहिए। डॉ. निवेदिता के अनुसार हेयर लॉस एक मेडिकल कंडीशन(hair loss is a medical condition) है और इसका इलाज किसी डर्मटॉलजिस्ट से ही कराना चाहिए।

हर व्यक्ति में हेयर लॉस के कारण हो सकते हैं अलग ( Not All Hair Fall is the Same)

डॉ. निवेदिता कहती हैं कि हेयर लॉस की समस्या के कई कारण हो सकते हैं जिनमें एलोपेसिया एरिटिया ( alopecia areata) या कोई ऑटोइम्यून डिसॉर्डर (autoimmune disorders) भी हो सकता है। हर तरीके के हेयर फॉल में इलाज और देखभाल के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं। डर्मटॉलजिस्ट बालों के झड़ने के कारण का पता लगाने के लिए स्कैल्प या सिर की त्वचा की जांच कर सकता है और टेस्ट के आधार पर ही आपके लिए ट्रीटमेंट की सलाह दे सकते हैं।

हार्मोन्स की वजह से भी हो सकता है हेयर लॉस ( Hormonal Hair Loss )

शरीर में हार्मोन्स के असंतुलन (Hormonal imbalances) की भूमिका हेयर लॉस की समस्या में बहुत बड़ी होती है। महिलाओं और पुरुषों में हार्मोन्स के असंतुलन के कारण ही अलग-अलग पैटर्न में हेयर लॉस (patterns of hair loss) होता है। वहीं, हार्मोन्स के स्तर में होनेवाले उतार-चढ़ाव कुछ बीमारियों से भी जुड़े हुए हो सकते हैं। ये छुपी हुई बीमारियां अगर ठीक तरीके से मैनेज की जाएं और समय पर इनकी ट्रीटमेंट शुरू की जाए तो बालों के दोबारा उगने की संभावना भी बढ़ सकती है।

पोषक तत्वों की कमी ( Nutritional deficiency)

शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाने से भी हेयर लॉस (Nutritional Deficiencies and hair loss) हो सकता है। आयरन, विटामिन बी12 की कमी के कारण भी बालों को नुकसान पहुंचता है और हेयर फॉल और हेयर लॉस जैसी समस्याएं गम्भीर हो जाती हैं।

थायरॉइड (Thyroid Disorders )

थायरॉइड ग्रंथि से जुड़ी समस्याओं के कारण भी आपको हेयर लॉस की समस्या हो सकता है। ऐसे में तेल,शैम्पू और घरेलू उपायों की बजाय डॉक्टर की मदद से इस समस्या का इलाज करने की कोशिश करें।

स्ट्रेस की वजह से बढ़ सकता है गंजापन

सिर से बाल कम होने की एक बड़ी वजह स्ट्रेस या तनाव भी है। स्ट्रेस से बालों की जड़े कमजोर हो सकती हैं और बाल टूटकर गिर सकते हैं।

हेयर लॉस का उपचार क्या है ?

डॉ. निवेदिता के अनुसार हेयर लॉस एक मुश्किल और गम्भीर मेडिकल समस्या है। इसका भावनात्मक और सोशल स्तर पर भी गहरा प्रभाव हो सकता है। ऐसे में ऊपर से इलाज करने की कोशिश ना करें। एक्सपर्ट की सलाह और हेयर लॉस की सही वजह को पहचनाना इस समस्या को रोकने का सबसे कारगर उपाय है।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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