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अनुवांशिक तौर पर बालों के गिरने को एंड्रोजेनेटिक एलोपेशिया या मेल पैटर्न बाल्डनेस के तौर पर जाना जाता है। © Shutterstock.
अत्यधिक बाल गिरना एक बड़ी परेशानी हो सकती है। इससे कई बार महिलाओं एवं पुरुषों में आत्मविश्वास भी प्रभावित होने लगती है। अनुवांशिक तौर पर बालों के गिरने को एंड्रोजेनेटिक एलोपेशिया या मेल पैटर्न बाल्डनेस के तौर पर जाना जाता है। यह पुरुषों और कुछ महिलाओं में बालों के गिरने का सबसे सामान्य कारण के तौर पर जाना जाता है। इसके जीन आपको पिता या माता के पक्ष के परिवार से मिल सकते हैं। हालांकि, इस गुण के आपके भीतर की संभावना तभी ज्यादा होती है जब आपके माता-पिता दोनों को बालों के गिरने की समस्या हो। महिलाओं में ऊपर और आगे की ओर हेयर लाइन के ठीक पीछे बाल पतले होते हैं, लेकिन पीछे की ओर मोटे होते हैं। एक एंजाइम मेल सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरॉन को दूसरे हार्मोन डाइहाइड्रोटेस्टोस्टेरॉन में बदल देता है, जिससे उनके रुकने तक बालों के छिद्र से पतले बाल ही निकलते हैं। बाल क्यों अधिक गिरने लगते हैं, इसके कारणों के बारे में बता रहे हैं अपोलो हॉस्पिटल (नई दिल्ली) के सीनियर कंसल्टेंट, कॉस्मेटिक सर्जन डॉ. अनूप धीर...
अधिक बाल गिरने की वजह
पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस)
पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) से पीड़ित महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन होता है जिससे सामान्य से अधिक एंड्रोजेन बनता है। इसकी वजह से आमतौर पर चेहरे और शरीर पर बाल उगने लगते हैं, जबकि सिर के बाल पतले हो जाते हैं। पीसीओएस की वजह से ऑव्युलेशन संबंधी समस्याएं, एक्ने और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं होती हैं।
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थाइरॉयड संबंधी समस्याएं
अगर गर्दन के अगले हिस्से में मौजूद थाइरॉयड ग्लैंड से थायरॉयड हार्मोन की अधिक या अपर्याप्त मात्रा निकलती है तो बालों की वृद्धि का चक्र बदल सकता है। थाइरॉयड विकार के चलते आपको बाल गिरने के साथ ही वजन घटने या बढ़ने, गर्मी या सर्दी की संवेदनशीलता और हृदय गति में बदलाव जैसे अन्य लक्षण दिखाई देते हैं।
शरीर में पोषण की कमी
यह संभव है कि आयरन, कॉपर, जिंक और प्रोटीन जैसे आवश्यक पोषक तत्व आपके भोजन से गायब हों। विटामिन डी की कमी बालों के गिरने का एक अन्य कारण हो सकता है।
कई बार शरीर में पौष्टिक तत्वों की कमी से भी बाल गिरने लगते हैं। © Shutterstock.
तनाव
अत्यधिक तनाव की वजह से अचानक बाल गिरने शुरू हो जाते हैं और यह सिलसिला कई महीनों तक जारी रह सकता है। त्वचा की प्राकृतिक चमक रखे बरकरार पीआरपी थेरेपी, जानिए कैसे करती है असर
हेयर स्टाइलिंग प्रोडक्ट्स भी होते हैं कारण
बालों के अत्यधिक ट्रीटमेंट की वजह से भी बाल गिर सकते हैं। इसका कारण डाई और हेयर स्टाइलिंग प्रोडक्ट्स में पाए जाने वाले जहरीले रसायन होते हैं। ठीक इसी तरह सभी शैंपू में सोडियम लॉरिल सल्फेट (एसएलएस) जिसका आपकी प्रतिरोधक प्रणाली पर नुकसानदायक प्रभाव होता है। इस बात की भी पुष्टि हो चुकी है कि इससे बालों के छिद्रों को नुकसान पहुंचता है और बालों की वृद्धि प्रभावित होती है। ऐसे में प्राकृतिक शैंपू और डाई का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। मेनोपॉज के कारण जब गिरने लगें बाल, तो ये 7 टिप्स आएंगे आपके काम
बालों को गिरने से रोकने के लिए उपाय
• प्राकृतिक शैंपू और कंडिशनर्स का इस्तेमाल करें।
• भरपूर मात्रा में आयरन, विटामिन और प्रोटीन के साथ संतुलित भोजन करें। अपने भोजन में अंडे, अखरोट, ओट्स, पालक, गाजर, मछली, दाल, स्वीट पोटैटो को शामिल करें।
• सुनिश्चित करें कि अपने लिए उपयुक्त तेल से सप्ताह में एक बार अपने बालों को मसाज दें।
• कोकोनट मिल्क, लिकोराइस रूट एग मास्क, फेनुग्रीक सीड्स, एलोवेरा, ओनियन जूस, आंवला जैसे प्राकृतिक उपचार का प्रयोग किया जा सकता है।
• चिकित्सकीय उपचारों में पौष्टिक सप्लिमेंट्स, लोकल मिनॉक्सिडील लोशन का इस्तेमाल, एंटी फंगल शैंपू शामिल हैं।
• बालों की वृद्धि बढ़ाने में नए लेजर भी मदद करते हैं।
• खासतौर पर महिलाओं में बालों को बढ़ावा देने के लिए नवीनतम उपचारों में से एक पीआपी इंजेक्शन हैं।
हेयर ट्रांसप्लांटेशन है आखिरी समाधान
एफयूई या फॉलिक्यूलर यूनिट एक्सट्रैक्शन कम से कम नुकसान करने वाली ट्रांसप्लांटेशन तकनीक है, जिसमें फॉलिक्यूलर यूनिट ग्राफ्ट हेयर फॉलिकल्स को मरीज के डोनर एरिया से एक—एक करके निकाला जाता है और व्यक्ति में अलग—अलग प्रत्यारोपित किया जाता है। इन्हें एक पावर टूल का इस्तेमाल कर हटाया जाता है और फिर प्रत्यारोपित किया जाता है। इसका लाभ यह है कि इसमें कोई कट नहीं लगाया जाता है। टांकों की जरूरत नहीं होती है। यह तकनीक उन पुरुषों के लिए उपयोगी है जो अपने बाल छोटे रखना चाहते हैं।