
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Published : November 24, 2019 3:38 PM IST
जटामांसी एक नैचुरल हेयर कलर है।
बालों की हेल्थ बनाने के लिए आयुर्वेदिक औषधियां (Hair Care Remedies) सुरक्षित तरीका मानी जाती हैं। ऐसी ही एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जटामांसी (Jatamansi) या स्पाइक नार्ड (spikenard)। यह, समय से पहले सफेद होने वाले बालों की एक नैचुरल रेमेडी है। जटामांसी के उपयोग (Benefits of Jatamansi) से बालों की रंगत काली होती है। काले-घने बालों के लिए आयुर्वेद में इस पौधे के गुणों और प्रभावों के बारे में लिखा गया है।
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आयुर्वेद में जिन भी औषधियों का उपयोग बालों को काला करने के लिए किया जाता है। उनमें, जटामांसी (Jatamansi) को सबसे अधिक प्रभावी माना जाता है। बालों को काला बनाने के अलावा यह और भी तरीकों से बालों को फायदा पहुंचाता है। दरअसल, नैचुरल होने की वजह से इनके कोई साइड-इफेक्ट्स नहीं होते। इसीलिए, इन्हें निश्चिंत होकर इस्तेमाल किया जा सकता है।
विभिन्न स्टडीज़ में यह कहा गया है कि, जटामांसी बालों को काला बनाने के अलावा बालों की लम्बाई भी बढ़ाने में मदद करती है। दरअसल, जटामांसी में ऐसे कम्पाउंड्स होते हैं, जो, हेयर ग्रोथ बढ़ाने में मदद करते हैं।
इस औषधि के फायदे पाने का सबसे अच्छा तरीका है इसे, तेल में मिलाकर लगाना। बाज़ार में आंवला, जटामांसी और शिकाकई जैसी औषधियां बोतल में भरकर बेची भी जाती हैं। आप भी यही तरीका इस्तेमाल कर सकते हैं। एक शीशी या कांच के डिब्बे में जटामांसी के टुकड़े भरें। इस बोतल में नारियल का तेल या अपनी पसंद का कोई तेल डालें। 2-3 दिन तक बोतल को यूं ही रख दें। बाद में, बोतल को उल्टा करके किसी कटोरी में तेल टपकने दें। कटोरी में जमा तेल से बालों की मसाज करें। (Benefits of Jatamansi)
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