
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : April 23, 2024 4:23 PM IST
Medically Verified By:
Glycolic Acid vs Salicylic Acid : ग्लाइकोलिक एसिड और सैलिसिलिक एसिड का प्रयोग स्किन के प्रोडक्ट्स को तैयार करने के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। यह मुख्य रूप से टोनर, सीरम और क्लींजिंग प्रोडक्ट्स में होता है। यह दोनों ही सामग्री हमारी स्किन को एक्सफोलिएट करती है, जिससे मुंहासों से लड़ने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा इससे स्किन को कई लाभ होते हैं। ग्लाइकोलिक एसिड या सैलिसिलिक एसिड आपकी त्वचा की समस्याओं को कम करते हैं। लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर दोनों में से कौन सी चीज स्किन के लिए बेहतर होती है? इस विषय की जानकारी के लिए हमने दिल्ली के द्वारका में स्थित कश्यप क्लीनिक के डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर एसके कश्यप से बातचीत की है। आइए जानते हैं ग्लाइकोलिक या सैलिसिलिक एसिड में से कौन है बेहतर?
ग्लाइकोलिक एसिड एक अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड (एएचए) है। यह प्राकृतिक रूप से गन्ने में पाया जाता है। लेकिन इसे प्रयोगशाला में भी तैयार किया जाता है। यह एक छोटा का अणु है, जिसकी मदद से स्किन की परेशानियों को आसानी से कम किया जा सकता है।
यह आपकी स्किन की नमी को बनाए रखते हुए आपकी त्वचा को एक्सफोलिएट करता है। इतना ही नहीं, इसकी मदद से स्किन के ऊपरी डेड सेल्स को हटाया जा सकता है। इससे नई कोशिकाओं को निर्माण में मदद मिलती है।
इतना ही नहीं, ग्लाइकोलिक एसिड आपकी स्किन पर होने वाली सूजन को कम कर सकता है। साथ ही यह अल्ट्रा वायलेट किरणों से आपकी स्किन को सुरक्षित रखने में मददगार होता है। यह उन बैक्टीरिया के खिलाफ भी काम करता है, जो स्किन पर मुंहासे निकलने का कारण बनते हैं।
इसके साथ ही ग्लाइकोलिक एसिड का इस्तेमाल मुख्य रूप से स्किन की रंगत को एक समान करने और स्किन की बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने के लिए किया जाता है।
सैलिसिलिक एसिड एक बीटा हाइड्रॉक्सी एसिड (बीएचए) है। यह प्राकृतिक रूप से विलो वार्क और विंटरग्रीन पत्तियों में पाया जाता है। इसके अलावा इसे प्रयोगशाला में कृत्रिम रूप से संश्लेषित भी किया जा सकता है।
ग्लाइकोलिक एसिड की तरह, सैलिसिलिक एसिड का स्किन पर एक्सफोलिएटिंग प्रभाव होता है। यह अतिरिक्त सीबम (तेल) को भी हटा सकता है और सीबम उत्पादन को कम कर सकता है, जिससे यह छिद्रों को खोलने के लिए एक असरदार घटक बन जाता है। सैलिसिलिक एसिड की मदद से हल्के सूजनरोधी और रोगाणुरोधी गुण होते हैं। सैलिसिलिक एसिड का इस्तेमाल मुख्य रूप से मुंहासे को रोकने और इलाज के लिए किया जाता है। इसके अलावा इसके कई अन्य लाभ जैसे- ब्लैकहेड्स कम करना, हाइपरपिग्मेंटेशन करना भी होता है।
अगर आपको एक्ने है, तो ऐसी स्थिति में दोनों की सामग्री आपकी स्किन के लिए बेहतर है। लेकिन सामान्य तौर पर, स्किन के लिए सैलिसिलिक एसिड बेहतर विकल्प है। दरअसल, सैलिसिलिक एसिड स्किन में सीबम के उत्पादन को कम करता है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि सीबम छिद्रों को बंद कर सकता है, जिससे मुंहासे निकलने का खतरा बढ़ जाता है। अतिरिक्त सीबम बैक्टीरिया के विकास को भी बढ़ावा देता है, जो स्किन पर एक्ने के कारण बनता है। सैलिसिलिक एसिड के एक्सफ़ोलीएटिंग, एंटी-इंफ्लेमेटरी और रोगाणुरोधी प्रभाव मुंहासे को कम करने में फायदेमंद साबित हो सकते हैं।