
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 26, 2022 7:03 PM IST
Morpheus8 Skin Treatment: यंग और स्लीम-फिट दिखने के लिए लोग जहां अपनी लाइफस्टाइल को हेल्दी बनाए रखने की कोशिशें करते हैं वहीं, महंगी स्किन और ब्यूटी ट्रीटमेंट्स आजमाने से भी नहीं कतराते। सॉफ्ट और यंग लुकिंग स्किन के लिए स्किन केयर प्रॉडक्ट्स के अलावा स्किन ट्रीटमेंट्स पर भी लोग काफी पैसे खर्च कर सकते हैं। ऐसी ही एक स्किन टाइटनिंग ब्यूटी ट्रीटमेंट इन दिनों सेलेब्स और एक्टर्स के बीच काफी पॉप्युलर हो रही हैं जिसका नाम है मॉर्फस8 लेजर ट्रीटमेंट (Morpheus8 laser treatment) और इस ट्रीटमेंट के बारे में तब चर्चा और भी तेज हो गयी जब मशहूर टीवी रियालिटी शो स्टार किम कार्देशियन (Kim Kardashian) ने यह खुलासा किया कि उन्होंने टमी टाइटनिंग के लिए इस तकनीक की मदद ली। आइए जानें क्या है यह टेक्निक और क्या हैं इसके फायदे-नुकसान। (Morpheus8 Skin Treatment in Hindi.)
मॉर्फस8 (Morpheus8) स्किन टाइटनिंग की एक तकनीक ( skin tightening techniques) है जिसमें स्किन पोर्स को कोलाजन के निर्माण (collagen manufacturing) के लिए उत्तेजित किया जाता है। इस तकनीक में रेडियो फ्रीक्वेंसी (radio frequency) और माइक्रोनीडलिंग (microneedling) या बहुत छोटी-छोटी सुइयों की मदद ली जाती है। इस तकनीक में त्वचा की गहरी परतों और स्किन टिश्यूज में गहरे तक टेक्निक का प्रभाव पहुंचाने की कोशिश की जाती है। इससे स्किन अधिक फ्रेश, यंग और गुलाबी दिखायी देती है।

इस टेक्निक में दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं और दोनों तरीकों में अलग-अलग तरह के उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। जैसे चेहरे और गर्दन के लिए मॉर्फस8 (Morpheus8) उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है वहीं, शरीर के बड़े हिस्सों जैसे पेट और जांघों के लिए मॉर्फस8 बॉडी (Morpheus8 Body) की मदद ली जाती है।
मॉर्फस8 ट्रीटमेंट में एक सेशन में स्किन के कई लेयर्स तक ट्रीटमेंट का असर पहुंच जाता है जिससे लोगों का समय भी बचता है और स्किन भी कम समय में काफी बेहतर दिखायी देती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, किसी भी सेशन में लगनेवाला समय इस बात पर निर्भर करता है कि शरीर के किस हिस्से पर यह ट्रीटमेंट करायी जा रही है। जैसे चेहरे की ट्रीटमेंट के लिए 40-45 मिनट का समय लग सकता है वहीं पेट के लिए 20 मिनट का समय लग सकता है, जबकि, जांघों के लिए 40 मिनट का सेशन होता है।