
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : January 23, 2026 7:45 AM IST
"मेरे बाल 30 की उम्र से पहले ही सफेद हो चुके हैं। इन सफेद बालों को कवर करने के लिए मैंने हेयर कलर और डाई तक का यूज कर लिया।"
क्या आप भी इन दिनों कम उम्र में बालों के सफेद होने की समस्या से जूझ रहे हैं? अगर हां तो बालों के सफेद होने के पीछे की मुख्य वजह शैंपू या हेयर कलर नहीं, बल्कि आपके शरीर में प्रोटीन की कमी है। दिल्ली के एलांटिक हेल्थ केयर की डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. चांदनी जैन गुप्ता बताती हैं कि प्रोटीन की कमी से बालों का सफेद होना आम बात है।
डॉक्टर के अनुसार, हमारे बालों का लगभग 80% से 90% हिस्सा केराटिन (Keratin) नामक प्रोटीन से बना होता है। इसलिए, जब शरीर में प्रोटीन की कमी होती है, तो इसका सबसे पहला और स्पष्ट असर हमारे बालों पर दिखाई देता है। इसलिए ये कहना बिल्कुल सही है कि प्रोटीन की कमी से बाल कम उम्र में ही सफेद होने लगते हैं।
इंटरनेशनल जनरल बायोलॉजिकल साइंस पर छपी रिपोर्ट बताती है कि केराटिन एक रेशेदार प्रोटीन है जो बालों को मजबूती, लचीलापन और चमक प्रदान करता है। शरीर इस प्रोटीन को बनाने के लिए अमीनो एसिड का उपयोग करता है, जो हमें हमारे आहार में मौजूद प्रोटीन से मिलते हैं।\
जब हम पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन नहीं लेते हैं, तो शरीर "सर्वाइवल मोड" में चला जाता है। वह उपलब्ध प्रोटीन को बालों जैसे कम महत्वपूर्ण अंगों (Vital organs की तुलना में) को देने के बजाय हृदय, फेफड़े और मस्तिष्क जैसे अंगों की प्रोटेक्शन के लिए स्टोर करने लगता है। इसका रिजल्ट ये होता है कि बाल कम उम्र में ही सफेद हो जाते हैं और बाल तेजी से झड़ने भी लगते हैं।
डॉ. चांदनी जैन इस सवाल का जवाब देते हुए कहती है कि हां। प्रोटीन और कुछ अमीनो एसिड की कमी बालों के समय से पहले सफेद होने (Premature Graying) का एक प्रमुख कारण है।
दरअसल, इंसानों के बालों का रंग काला होने के पीछे का प्रमुख कारण मेलानिन (Melanin) नामक पिगमेंट है। मेलेनिन का प्रोडक्शन शरीर में टायरोसिन (Tyrosine) नामक अमीनो एसिड की मदद से होता है। किसी भी रूप में अगर आपके आहार में प्रोटीन की कमी है, तो शरीर को पर्याप्त टायरोसिन नहीं मिल पाता। टायरोसिन की कमी से मेलेनिन का प्रोडक्शन धीरे-धीरे कम होने लगता है। जब मेलेनिन का प्रोडक्शन कम होता है तो बालों को रंग भी सफेद पड़ने लगता है। इसके अलावा प्रोटीन की कमी के कारण बालों का गुच्छों में टूटना, गिरना और झड़ना जैसी समस्या होना भी आम है। डॉक्टर बताते हैं कि जिन लोगों के बाल कम उम्र में सफेद होने के साथ-साथ झड़ रहे हैं, तो इसके पीछे की मुख्य वजह प्रोटीन की कमी हो सकती है।
यदि आप प्रोटीन की कमी के कारण बालों की समस्या से जूझ रहे हैं, तो आपको सबसे पहले अपने खानपान में बदलाव करना होता है। इसके लिए आप नीचे बताए गए आहार को शामिल कर सकते हैं।
| S. NO | Food List | Importance |
| 1. | अंडे | बायोटिन और प्रोटीन का बेस्ट सोर्स है। बालों को जड़ से पोषण देकर काला करता है। |
| 2. | दालें और फलियां | शाकाहारियों के लिए दाल, राजमा, छोले और सोयाबीन प्रोटीन का ऑप्शन हैं। |
| 3, | पनीर और डेयरी | पनीर और दूध से बनीं चीजों में हाई प्रोटीन होता है। इससे खाने से बालों को पोषण मिलता है। |
| 4. | लीन मीट | अगर आप मीट खाते हैं तो लीन मीट से प्रोटीन की की कमी को पूरा कर सकते हैं। |
| 5. | नट्स और बीज | बादाम, अखरोट, चिया सीड्स और कद्दू के बीज बालों के लिए सुपर फूड हैं। |
डॉक्टर बताते हैं सफेद होते बालों को रोकने के लिए खानपान और जीवनशैली में बदलाव करने के साथ-साथ, सही शैंपू का इस्तेमाल करना भी जरूरी है। ऐसे में बालों को धोने के लिए प्रोटीन युक्त शैम्पू और कंडीशनर का प्रयोग करें। बालों को धोते समय हल्के हाथों से स्कैल्प की मसाज करें। इससे स्कैल्प का ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। ब्लड सर्कुलेशन सही होने से बालों का झड़ना और गिरना कम होता है।
बालों को सफेद होने से रोकने के लिए आपको 1 दिन में कितना प्रोटीन लेना चाहिए, ये बात पूरी तरह से आपके वजन, उम्र और आप दिनभर किस तरह की एक्टिविटी करते हैं, इस पर निर्भर करता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन पर प्रकाशित रिसर्च बताती है कि प्रति किलो शरीर के वजन के हिसाब से 0.8 ग्राम प्रोटीन की जरूर होती है। आपको रोजाना कितनी मात्रा में प्रोटीन खाना चाहिए, इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से बात करें।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।