
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : June 12, 2026 4:50 PM IST
Medically Verified By: Dr. Vighnesh Y
Dirty Water Walking
Dirty Water Walking: बारिश का मौसम आते ही कई शहरों में जलभराव की समस्या बढ़ जाती है। ऑफिस जाने वाले लोग, स्कूल के बच्चे और बाजार में आने-जाने वाले लोग अक्सर घुटनों तक भरे गंदे पानी से होकर गुजरते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गंदे या दूषित पानी में सिर्फ 10 मिनट चलना भी कुछ लोगों में स्किन इंफेक्शन का कारण बन सकता है?
यशोदा हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट जनरल फिजिशियन डॉ. विघ्नेश वाई का कहना है कि गंदे पानी में स्किन इन्फेक्शन होने का जोखिम इस बात पर निर्भर करता है कि पानी कितना दूषित है, स्किन पर पहले से कोई कट या घाव है या नहीं और व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसी है। आइए इस विषय को विस्तार से समझते हैं-
बाढ़ या जलभराव का पानी सिर्फ बारिश का पानी नहीं होता। इसमें सीवर का पानी, बैक्टीरिया, फंगस, वायरस, रसायन और कचरे के कण भी मिल सकते हैं। यही वजह है कि लंबे समय तक ऐसे पानी के संपर्क में रहने से त्वचा संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, बाढ़ और दूषित पानी के संपर्क में आने से त्वचा संक्रमण, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संक्रमण और अन्य संक्रामक बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है।
स्किन सामान्य रूप से शरीर की सुरक्षा कवच होती है, लेकिन अगर पैरों में छोटा-सा कट, खरोंच, फटी एड़ियां या कोई त्वचा रोग हो, तो बैक्टीरिया और फंगस शरीर में आसानी से प्रवेश कर सकते हैं।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी (AAD) के अनुसार, लंबे समय तक नमी और गंदगी के संपर्क में रहने से फंगल इंफेक्शन, रैशेज और त्वचा में जलन का खतरा बढ़ जाता है।
स्वस्थ लोगों की तुलना में कुछ लोगों को यह परेशानी ज्यादा होने की संभावना होती है, जैसे-
रिसर्च बताते हैं कि त्वचा की बाधा कमजोर होने पर संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ सकता है।
अगर आपको जलभराव वाले क्षेत्र से गुजरना पड़ा है, तो घर पहुंचते ही कुछ बातों पर ध्यान रखने की जरूरत होती है, जैसे-
CDC भी बाढ़ के पानी के संपर्क के बाद त्वचा को अच्छी तरह साफ करने की सलाह देता है।
Disclaimer : गंदे पानी में सिर्फ 10 मिनट चलने से हर व्यक्ति को स्किन इंफेक्शन नहीं होगा, लेकिन यदि पानी दूषित हो और त्वचा पर कट, घाव या पहले से कोई समस्या हो, तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए मानसून के दौरान पैरों की सफाई, सूखापन और त्वचा की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।