
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Published : August 20, 2020 10:41 AM IST
बरसात का मौसम यूं तो गर्मी से राहत दिलाता है। लेकिन, हवा में नमी और तेज़ उमस के कारण यह मौसम स्किन के लिए नुकसानदायक हो सकता है। दरअसल, उमस से स्किन पोर्स बंद हो जाते हैं। जिससे, स्किन सांस नहीं ले पाती और स्किन में कई तरह की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। इसी वजह से बारिश के मौसम में, रिंगवॉर्म्स यानि दाद की परेशानी होने लगती है। पानी के सम्पर्क में आने या बहुत देर तक गीले कपड़ों में रहने से ऐसा होता है। तो वहीं, इस मौसम में फंगल इंफेक्शन, एथलीट फुट, पिम्पल्स और एक्जिमा जैसी त्वचा संबंधी परेशानियां भी काफी ज़्यादा बढ़ जाती हैं।
कोविड 19 इंफेक्शन से पीड़ित लोगों में कई मरीज़ों में कोविड फुट का लक्षण भी देखा गया। कोविड फुट में पैरों में दर्द, एलर्जिक रिएक्शन्स, रैशेज़ और घाव दिखायी पड़ते हैं। खासकर, बच्चों में यह समस्या काफी अधिक देखी जा रही है।
दरअसल, बरसात के मौसम में नमी और उमस बढ़ने से विभिन्न प्रकार के बैक्टेरिया, फंगल और वायरस बढ़ जाते हैं। जो, स्किन प्रॉब्लम्स बढ़ाने का काम करते हैं। इसके साथ ही एक्सपर्ट्स ने ऐसी आशंका जतायी है कि कोरोना वायरस महामारी बरसात में गम्भीर हो सकती है। साथ ही, कोविड-19 इंफेक्शन के नये लक्षणों के तौर पर त्वचा से संबंधित समस्याएं भी सामने आ रही हैं। ऐसे में स्किन का खास ख्याल रखना ज़रूरी है। आइए जानते हैं कि मॉनसून में कोरोना वायरस से त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए क्या करना चाहिए।