
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Biotin treatment Vs Keratin Hair Treatment: हेल्दी, शाइनी, काले और घने बालों की इच्छा सभी को होती है और इसीलिए, लोग अपने बालों की केयर के लिए घरेलू नुस्खों से लेकर महंगे से महंगे हेयर केयर प्रॉडक्ट्स इस्तेमाल करते हैं। हेयर केयर इंडस्ट्री में बीते कुछ वर्षों में जो ट्रीटमेंट्स और थेरेपीज़ तेजी से पॉप्युलर हुई हैं या जो ट्रेंड बनकर उभरी हैं उनमें बायोटिन ट्रीटमेंट्स और केराटिन प्रोटीन ट्रीटमेंट प्रमुख हैं। रूखे-सूखे, कमजोर और डल बालों की चमक वापस पाने के लिए इन हेयर ट्रीटमेंट्स (hair treatment therapies) का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन, बहुत से लोगों को इन ट्रीटमेंट्स के बारे में सही जानकारी नहीं है और इसीलिए वे अक्सर वे इन दोनों एक ही समझ लेते हैं। क्या आप भी इन दोनों को एक ही मानते हैं? क्या आप जानते हैं कि बायोटिन और केराटिन ट्रीटमेंट में क्या अंतर (Biotin treatment and Keratin Hair Treatment difference) है? यहां पढ़ें दोनों में अंतर और दोनों के फायदे-नुकसान। (Biotin treatment Vs Keratin Hair Treatment In Hindi)
बायोटिन विटामिन बी ग्रुप (Vitamin B Group) का एक पोषक तत्व है जो बालों का पोषण करता है। बायोटिन बालों की स्ट्रेंथ बढ़ाता है और रूखे-सूखे बालों (dry hair) को सॉफ्ट और स्मूद बनाता है। बायोटिन की कमी होने के कारण (symptoms of biotin deficiency) बाल बहुत रूखे-सूखे और डल हो जाते हैं। वहीं, इस पोषक तत्व की कमी के कारण हेयर फॉलभी बढ़ (hair fall causes) सकता है। वहीं, बायोटिन ट्रीटमेंट में बालों को मजबूत और सॉफ्ट बनाने की कोशिश की जाती है। (benefits of biotin treatment)
केराटिन हमारे नाखूनों, स्किन और बालों में पाया जाने वाला एक प्रोटीन (Keratin hair protein) है। केराटिन बालों के लिए बिल्डिंग ब्लॉक का काम करता है। केराटिन की मात्रा पर ही बालों का टेक्स्चर, रंग और उनकी हेल्थ निर्भर करती है। हेयर केयर के लिए इस्तेमाल की जाने वाली केराटिन प्रोटीन ट्रीटमेंट (keratin protein treatment benefits) से बालों को नर्म और शाइनी बनाया जा सकता है। इसी तरह बालों को स्ट्रेट बनाने के लिए भी केराटिन ट्रीटमेंट की मदद ली जाती है। इसीलिए, ड्राई हेयर से लेकर उलझे और बेजान बालों को भी सुंदर बनाने के लिए केराटिन ट्रीटमेंट का इस्तेमाल किया जा सकता है।
जब बालों को पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व नहीं मिलते तो केराटिन ट्रीटमेंट की मदद से बालों में केराटिन डालने की कोशिश की जाती है। इस प्रक्रिया के बाद बालों में प्रोटीन की कमी(protein deficiency) पूरी हो सकती है। इससे बाल सॉफ्ट, मैनेजबल और सिल्की बनते हैं। इसके अलावा केराटिन ट्रीटमेंट के अन्य कई फायदे भी हैं जैसे-