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Written By: Editorial Team | Published : September 14, 2018 6:54 PM IST
शुभ अवसरों और त्यौहारों में लोग पान जरूर शामिल करते हैं। .© Shutterstock
भारतीय खान-पान में पान का महत्व खास है। आज भी तमाम शुभ अवसरों और त्योहारों में लोग पान जरूर शामिल करते हैं। पान के पत्ते डाइजेशन में मदद करते हैं इसलिए खाना खाने के बाद इन्हें खाने की परंपरा रही है। क्या आप जानते हैं कि पान के पत्ते मुंहासे दूर करने में भी आपकी मदद कर सकते हैं? इसके लिए आपको ज्यादा मेहनत नहीं करनी है, क्योंकि ये नुस्खा बहुत आसान है।
क्या है मुंहासों के लिए ये असरकारी नुस्खा
सबसे पहले पान के 3-4 हरे पत्तों को पानी से अच्छी तरह धोकर साफ कर लें। अब इन पत्तों को पीस लें और इसमें एक चम्मच हल्दी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को मुंहासों पर लगाएं और बाकी बचे पेस्ट को चेहरे पर लगा लें। पान के पत्तों की तासीर ठंडी होती है और ये मुंहासों को आसानी से ठीक करते हैं। वहीं हल्दी में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो चेहरे से बैक्टीरिया को खत्म करती है, जिससे मुंहासे के दाग भी आसानी से चले जाते हैं। दिन में 1 या 2 बार ये नुस्खा 7 दिन तक प्रयोग करें। तीसरे दिन से ही आपको असर दिखने लगेगा।
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नहाते समय करें पान का प्रयोग
पान के पत्ते बहुत गुणकारी होते हैं। अगर आप गर्मियों में पसीने की बदबू और मुंहासों से परेशान हैं, तो पान के पत्तों को नहाते समय भी प्रयोग कर सकते हैं। इसके लिए रोज नहाने से 2 घंटे पहले एक बाल्टी पानी में पान के 3-4 पत्तों को डाल दें। फिर आखिरी में इस पानी से नहा लें। इस नुस्खे से आपको पसीने की दुर्गंध से राहत मिलेगी और कभी भी कील-मुंहासों की समस्या नहीं होगी।
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इन बातों का भी रखें ध्यान
- भोजन में ऐसी चीजें लें जिनमें फैट और मसालों की मात्रा बहुत कम हो। अधिक चिकनाई, तेज मीठा, स्टार्चयुक्त और मसालेदार भोजन से एक्ने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
- ऐसी चीजें अपने भोजन में शामिल करें, जिनमें जिंक काफी मात्रा में हो। जैसे शेलफिश, सोयाबीन, साबुत अनाज, सूरजमुखी के बीज और सूखे मेवे। जिंक एंटी बैक्टीरियल होता है।
- खट्टी चीजें जैसे लो फैट दही पर्याप्त मात्रा में खाएं। प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थो और आयोडीन नमक का प्रयोग कम से कम करें। इनमें आयोडीन बहुत होता है और इससे एक्ने बढ़ता है। मछली और प्याज में भी आयोडीन पाया जाता है, इसलिए इनसे भी दूर रहें।
- रोज कम से कम आठ-दस गिलास पानी जरूर पिएं ताकि शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकल सकें। नियमित व्यायाम करें और ताजी हवा में अधिक देर तक रहें।